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Ambala News: आतंकी से संबंध बता रिटायर्ड सूबेदार से 12.50 लाख ठगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट के पिलखनी गांव निवासी 74 वर्षीय रिटायर्ड सूबेदार अजीत सिंह से साइबर ठगों ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताकर 12.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर आतंकी अफजल खान के साथ संबंध होने का डर दिखाया। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिटायर्ड सूबेदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 जनवरी को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एनआईए इंस्पेक्टर रणजीत कुमार बताया। ठग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के आरोपी अफजल खान के पास से सूबेदार और उनकी पत्नी के आधार कार्ड मिले हैं। ठग ने कहा कि आतंकी ने सूबेदार के खाते में सात करोड़ रुपये भेजे हैं।
जाली गिरफ्तारी वारंट दिखाया : बुजुर्ग को विश्वास दिलाने के लिए ठग ने पुलिस की वर्दी पहनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया। उसने एनआईए के महानिदेशक के नाम से फर्जी गोपनीयता समझौता पत्र और सुप्रीम कोर्ट के जाली गिरफ्तारी वारंट भी भेजे। ठगों ने बुजुर्ग दंपती को इतना डरा दिया कि उन्होंने लोकलाज और जेल जाने के डर से यह बात अपने बेटों तक को नहीं बताई।
ठग ने जांच के नाम पर बुजुर्ग के बैंक खातों की पूरी रकम एक सरकारी खाते में ट्रांसफर करने को कहा। डरे हुए सूबेदार ने 13 जनवरी को अपनी जमापूंजी (एफडी) तुड़वाई और ठगों द्वारा दिए गए दो अलग-अलग बैंक खातों में 12 लाख 50 हजार रुपये जमा करवा दिए। पैसे मिलने के बाद ठगों ने अपना मोबाइल बंद कर लिया।
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अंबाला। कैंट के पिलखनी गांव निवासी 74 वर्षीय रिटायर्ड सूबेदार अजीत सिंह से साइबर ठगों ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताकर 12.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर आतंकी अफजल खान के साथ संबंध होने का डर दिखाया। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिटायर्ड सूबेदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 जनवरी को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एनआईए इंस्पेक्टर रणजीत कुमार बताया। ठग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के आरोपी अफजल खान के पास से सूबेदार और उनकी पत्नी के आधार कार्ड मिले हैं। ठग ने कहा कि आतंकी ने सूबेदार के खाते में सात करोड़ रुपये भेजे हैं।
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जाली गिरफ्तारी वारंट दिखाया : बुजुर्ग को विश्वास दिलाने के लिए ठग ने पुलिस की वर्दी पहनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया। उसने एनआईए के महानिदेशक के नाम से फर्जी गोपनीयता समझौता पत्र और सुप्रीम कोर्ट के जाली गिरफ्तारी वारंट भी भेजे। ठगों ने बुजुर्ग दंपती को इतना डरा दिया कि उन्होंने लोकलाज और जेल जाने के डर से यह बात अपने बेटों तक को नहीं बताई।
ठग ने जांच के नाम पर बुजुर्ग के बैंक खातों की पूरी रकम एक सरकारी खाते में ट्रांसफर करने को कहा। डरे हुए सूबेदार ने 13 जनवरी को अपनी जमापूंजी (एफडी) तुड़वाई और ठगों द्वारा दिए गए दो अलग-अलग बैंक खातों में 12 लाख 50 हजार रुपये जमा करवा दिए। पैसे मिलने के बाद ठगों ने अपना मोबाइल बंद कर लिया।