हरियाणा निकाय चुनाव: अंबाला में अक्षिता सैनी बनाम कुलविंदर कौर; जातीय समीकरण और अनुभव के भरोसे पार्टियां
भाजपा और कांग्रेस ने निगम चुनाव में जातीय गणित का भी बखूबी ध्यान रखा है। इसमें सैनी समाज के हाथ में इस बार शहर की चौधर होगी। क्योंकि दोनों ही पार्टियों ने सैनी समाज से ही प्रत्याशी को मेयर पद पर उतारा है। वहीं, निगम के 20 वार्डों में वैश्य, पंजाबी समाज को भी बराबर की जगह दी गई है।
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नगर निगम अंबाला सिटी की शहरी सरकार का चुनावी रण बिगुल बज गया है। दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। चुनावी रण में मेयर पद पर दोनों ही पार्टियों ने नए चेहरों को उतारा है। भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं की बेटी अक्षिता सैनी को प्रत्याशी बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने भी कुलविंदर कौर को उतारा है। दोनों ही महिला प्रत्याशी सैनी समाज से ताल्लुक रखती हैं। अहम बात है कि जब मेयर पद पर नए चेहरे मैदान में हैं तो पार्टियों के संगठन की मजबूती और पुराने नेताओं की साख पर यह चुनाव होता दिख रहा है। मतदाता इसी रिपोर्ट कार्ड पर अपने नेता का चयन करेंगे।
कांग्रेस की तुलना में भाजपा ने अधिक महिलाएं उतारीं
मेयर से लेकर वार्ड सदस्य तक दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों की सूची देखें तो सबसे अधिक भाजपा ने महिलाओं को टिकट दी है। इस बार नगर निगम में मेयर सहित आठ वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित थे। इसमें कांग्रेस ने आठ तो भाजपा ने 10 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है, इसके साथ ही भाजपा ने अपने 9 ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दी है जो पहले भी पार्षद रह चुके हैं।
सैनी, वैश्य और पंजाबी चेहरे उतारे
भाजपा और कांग्रेस ने निगम चुनाव में जातीय गणित का भी बखूबी ध्यान रखा है। इसमें सैनी समाज के हाथ में इस बार शहर की चौधर होगी। क्योंकि दोनों ही पार्टियों ने सैनी समाज से ही प्रत्याशी को मेयर पद पर उतारा है। वहीं निगम के 20 वार्डों में वैश्य, पंजाबी समाज को भी बराबर की जगह दी गई है।

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