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कर्मभूमि एक्सप्रेस में बाल तस्करी का भंडाफोड़: संरक्षण में लिए सात बच्चे, मजदूरी के लिए लाया जा रहा था पंजाब
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:49 PM IST
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सार
सभी बच्चों को फिलहाल अंबाला कैंट स्थित ओपन शेल्टर होम भेज दिया गया है।प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि रेस्क्यू किए गए बच्चे उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं।
Crime demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्मभूमि एक्सप्रेस में एक बार फिर बाल तस्करी का भांडाफोड़ हुआ है। वीरवार को जिला युवा विकास संगठन और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेन संख्या 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस से सात बच्चों को संरक्षण में लिया गया है। इन बच्चों को मजदूरी के लिए पंजाब के विभिन्न शहरों में ले जाया जा रहा था। सभी बच्चों को फिलहाल अंबाला कैंट स्थित ओपन शेल्टर होम भेज दिया गया है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
संगठन को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलाइंस समूह से गुप्त सूचना मिली थी कि लगभग 15 बच्चों को मजदूरी के लिए ट्रेन से पंजाब भेजा जा रहा है। संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला के निर्देश पर समन्वयक अजय तिवारी ने तत्काल बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा, जीआरपी और आरपीएफ को सचेत किया। ट्रेन जैसे ही शाम लगभग पांच बजे कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर आई तो संयुक्त टीम ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर सात बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। संयुक्त अभियान के तहत आरपीएफ के निरीक्षक रविंद्र सिंह व उनकी टीम और संगठन से हरविंदर सिंह, हाकम सिंह, परगट सिंह और रूबल मौजूद रहे।
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गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
संगठन को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलाइंस समूह से गुप्त सूचना मिली थी कि लगभग 15 बच्चों को मजदूरी के लिए ट्रेन से पंजाब भेजा जा रहा है। संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला के निर्देश पर समन्वयक अजय तिवारी ने तत्काल बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा, जीआरपी और आरपीएफ को सचेत किया। ट्रेन जैसे ही शाम लगभग पांच बजे कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर आई तो संयुक्त टीम ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर सात बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। संयुक्त अभियान के तहत आरपीएफ के निरीक्षक रविंद्र सिंह व उनकी टीम और संगठन से हरविंदर सिंह, हाकम सिंह, परगट सिंह और रूबल मौजूद रहे।
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बिहार और यूपी के रहने वाले हैं बच्चे
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि रेस्क्यू किए गए बच्चे उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें काम दिलाने के बहाने पंजाब ले जाया जा रहा था। टीम ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उनसे काउंसलिंग की और फिर मेडिकल प्रक्रिया व डीडीआर दर्ज करवाई।
शेल्टर होम भेजे गए बच्चे
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के समक्ष बच्चों को प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश पर बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए ओपन शेल्टर होम, अंबाला कैंट भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस और संगठन बच्चों के परिजनों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
हमें जैसे ही सूचना मिली, हमारी टीम सक्रिय हो गई। पुलिस के सहयोग से ट्रेन में सर्च आप्रेशन चलाकर सात बच्चों को संरक्षण में लिया गया। अब बच्चों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। - परमजीत सिंह बड़ोला, प्रधान, जिला युवा विकास संगठन
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि रेस्क्यू किए गए बच्चे उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें काम दिलाने के बहाने पंजाब ले जाया जा रहा था। टीम ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उनसे काउंसलिंग की और फिर मेडिकल प्रक्रिया व डीडीआर दर्ज करवाई।
शेल्टर होम भेजे गए बच्चे
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के समक्ष बच्चों को प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश पर बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए ओपन शेल्टर होम, अंबाला कैंट भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस और संगठन बच्चों के परिजनों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
हमें जैसे ही सूचना मिली, हमारी टीम सक्रिय हो गई। पुलिस के सहयोग से ट्रेन में सर्च आप्रेशन चलाकर सात बच्चों को संरक्षण में लिया गया। अब बच्चों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। - परमजीत सिंह बड़ोला, प्रधान, जिला युवा विकास संगठन