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अंबाला में किसानों व पुलिस के बीच झड़प: उखाड़े टैंट व तंबू, किसानों ने दी हाईवे पर जाम की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी, साहा (अंबाला)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 19 Feb 2026 03:34 PM IST
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सार
अंबाला रिंग रोड सपेहड़ा व आसपास के पांच गांवों से होकर गुजर रहा है। किसानों का कहना है कि रिंग रोड तो बना रहे हैं मगर उनके खेत से निकलने के लिए रास्ता नहीं दे रहे। इसको लेकर किसानों ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में मांग करते हुए रिंग रोड के काम को रुकवा दिया था।
कार्रवाई करती पुलिस
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अंबाला रिंग रोड परियोजना में खेतों से रास्ता देने की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों व पुलिस के बीच वीरवार को जमकर झड़प हुई। एनएचएआई के अधिकारियों के साथ समझौता न होने के बाद किसान मशीनों की घेराबंदी करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। दोपहर तीन बजे देखते ही देखते किसानों की पुलिस से झड़प हो गई।
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पुलिस ने किसानों को खदेड़ते हुए बसों में भरकर हाईवे से दूर ले जाकर हिरासत में लिया। पुलिस ने पिछले 10 दिन से किसानों द्वारा लगाए गए तंबू व टैंट को भी उखाड़ दिया। बाद में एनएचआई की तरफ से काम शुरू कर दिया गया। उधर, किसानों ने अंबाला-जगाधरी हाईवे पर जाम लगाने की चेतावनी दी है। इस मौके पर डीएसपी अंबाला कैंट रमेश, महेश नगर व साहा थाना प्रभारी भी मौजूद रहे।
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यह था पूरा मामला
अंबाला रिंग रोड सपेहड़ा व आसपास के पांच गांवों से होकर गुजर रहा है। किसानों का कहना है कि रिंग रोड तो बना रहे हैं मगर उनके खेत से निकलने के लिए रास्ता नहीं दे रहे। इसको लेकर किसानों ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में मांग करते हुए रिंग रोड के काम को रुकवा दिया था। इसके बाद भी अधिकारियों की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई।
इन्ही हालातों को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने मंगलवार को महापंचायत की घोषणा की थी। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी से खुद सोशल मीडिया पर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पंचायत में पहुंचने की अपील की थी। महापंचायत में एनएचएआई के अधिकारियों ने एक सप्ताह में समाधान निकालने का समय दिया था। वीरवार को सभी अधिकारी व भारी पुलिस पहले ही तैनात कर दिया गया था।