{"_id":"697d24046b3e690af4031e7b","slug":"grp-investigation-incomplete-railways-caught-charge-sheet-and-transferred-the-accused-employee-ambala-news-c-36-1-amb1001-157362-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: जीआरपी की जांच अधूरी, रेलवे ने चार्जशीट पकड़ा आरोपी कर्मचारी का किया तबादला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: जीआरपी की जांच अधूरी, रेलवे ने चार्जशीट पकड़ा आरोपी कर्मचारी का किया तबादला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 31 Jan 2026 03:05 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। कैंट रेलवे स्टेशन पर नकली नोट मिलने की जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। जीआरपी की अधूरी जांच के चलते रेलवे ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को एस-5 मेजर चार्जशीट जारी की है। इस चार्जशीट को लेकर विभागीय जांच भी 90 दिन के अंतराल में पूरी होगी। इसमें उन तथ्यों को शामिल किया जाएगा जोकि शिकायकर्ताओं द्वारा दी गई थी, वहीं सबूत के तौर पर नकली नोट और शिकायत की कॉपी भी जांच में शामिल होगी। इसके अलावा अगर जरूरत पड़ेगी तो शिकायतकर्ताओं तक या खुद रेलवे पहुंचेगी या फिर उन्हें अंबाला बुलाया जाएगा। इस काम में अगर कोई कानूनी अड़चन आती है तो इसमें भी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। जबकि चर्चा है कि देशद्रोह की धारा से जुड़े इस मामले को लेकर आरोपी कर्मचारी पर न तो जीआरपी नकेल कस पाई और न ही रेलवे।
--
दोबारा हुई तैनाती
लगभग दो माह तक निलंबित रहने और जीआरपी की जांच रिपोर्ट न मिलने के कारण रेलवे ने आरोपी कर्मचारी को बहाल कर दिया है, हालांकि इस बार उसकी बहाली अनारक्षित टिकट केंद्र पर न करके पॉवर लॉबी में की गई है ताकि कर्मचारी ट्रेनों की उद्धोषणा का कार्य करता रहे और वो दोबारा से यात्रियों के संपर्क में न आ पाए।
--
यह था मामला
मामला एक दिसंबर की रात लगभग 9 से 10 बजे के बीच घटित हुआ था। कैंट स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर कुछ श्रमिक जनरल टिकट लेने आए थे। उन्होंने जब 500 रुपये का नोट काउंटर पर बैठे कर्मचारी को दिया तो कर्मचारी ने नोट यह कहकर वापिस कर दिया कि यह नकली है। ऐसे ही तीन अन्य लोगों के साथ भी हुआ। चारों पीड़ित व्यक्तियों ने पहले इस मामले की शिकायत उप स्टेशन अधीक्षक आप्रेटिंग से की, लेकिन यहां उनकी समस्या का समाधान नही हुआ तो उन्होंने मामले की शिकायत वाणिज्य विभाग के अधिकारी से की। इस शिकायत के बाद विभागीय अधिकारी तुरंत यूटीएस काउंटर पर पहुंचे और संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की तो वो कोई उचित जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद मामले की जानकारी वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक को दी गई तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को काउंटर से हटाने के निर्देश दे दिए। इसके बाद चारों पीड़ित व्यक्तियों को 500 के असली नोट देकर रवाना किया गया और उनसे बाकायदा इस संबंध में लिखित शिकायत भी ली गई है।
--
जीआरपी दो बार बयान लेने के लिए बिहार गई थी। इसके अलावा फोन पर भी कई बार बात की गई, लेकिन शिकायतकर्ता नहीं आए। उन्हें अंबाला बुलाने के प्रयास जारी हैं वो जैसे ही आएंगे तो नियमानुसार मामले में आगामी कार्रवाई जाएगी।
हरीश कुमार, प्रभारी जीआरपी, अंबाला।
--
जीआरपी को रेलवे की तरफ से शिकायत दी गई थी और मामले से जुड़े तथ्य भी पेश किए गए थे। लेकिन दो माह बाद भी जीआरपी की जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। इसलिए आरोपी कर्मचारी को मेजर एस-5 चार्जशीट दी गई है। कर्मचारी को अनारक्षित टिकट केंद्र से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है।
एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
Trending Videos
दोबारा हुई तैनाती
लगभग दो माह तक निलंबित रहने और जीआरपी की जांच रिपोर्ट न मिलने के कारण रेलवे ने आरोपी कर्मचारी को बहाल कर दिया है, हालांकि इस बार उसकी बहाली अनारक्षित टिकट केंद्र पर न करके पॉवर लॉबी में की गई है ताकि कर्मचारी ट्रेनों की उद्धोषणा का कार्य करता रहे और वो दोबारा से यात्रियों के संपर्क में न आ पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह था मामला
मामला एक दिसंबर की रात लगभग 9 से 10 बजे के बीच घटित हुआ था। कैंट स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर कुछ श्रमिक जनरल टिकट लेने आए थे। उन्होंने जब 500 रुपये का नोट काउंटर पर बैठे कर्मचारी को दिया तो कर्मचारी ने नोट यह कहकर वापिस कर दिया कि यह नकली है। ऐसे ही तीन अन्य लोगों के साथ भी हुआ। चारों पीड़ित व्यक्तियों ने पहले इस मामले की शिकायत उप स्टेशन अधीक्षक आप्रेटिंग से की, लेकिन यहां उनकी समस्या का समाधान नही हुआ तो उन्होंने मामले की शिकायत वाणिज्य विभाग के अधिकारी से की। इस शिकायत के बाद विभागीय अधिकारी तुरंत यूटीएस काउंटर पर पहुंचे और संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की तो वो कोई उचित जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद मामले की जानकारी वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक को दी गई तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को काउंटर से हटाने के निर्देश दे दिए। इसके बाद चारों पीड़ित व्यक्तियों को 500 के असली नोट देकर रवाना किया गया और उनसे बाकायदा इस संबंध में लिखित शिकायत भी ली गई है।
जीआरपी दो बार बयान लेने के लिए बिहार गई थी। इसके अलावा फोन पर भी कई बार बात की गई, लेकिन शिकायतकर्ता नहीं आए। उन्हें अंबाला बुलाने के प्रयास जारी हैं वो जैसे ही आएंगे तो नियमानुसार मामले में आगामी कार्रवाई जाएगी।
हरीश कुमार, प्रभारी जीआरपी, अंबाला।
जीआरपी को रेलवे की तरफ से शिकायत दी गई थी और मामले से जुड़े तथ्य भी पेश किए गए थे। लेकिन दो माह बाद भी जीआरपी की जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। इसलिए आरोपी कर्मचारी को मेजर एस-5 चार्जशीट दी गई है। कर्मचारी को अनारक्षित टिकट केंद्र से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है।
एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
