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Ambala News: आईएमए ने एलोपैथी व नियुक्तियों पर जताई चिंता
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- कैंसर-शुगर की सस्ती दवाओं, आयुष अस्पताल बढ़ने व महिला क्लीनिकों के फैसले का स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा सरकार की ओर से स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग के लिए घोषित 14,007 करोड़ के बजट पर चिकित्सा विशेषज्ञों और आम जनता ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहां एक ओर कैंसर-शुगर की सस्ती दवाओं, आयुष अस्पताल बढ़ने और महिला क्लीनिकों का स्वागत हो रहा है, दूसरी ओर आईएमए के प्रतिनिधियों ने एलोपैथिक ढांचे और डॉक्टरों की कमी को लेकर सरकार का ध्यान खींचा है।
आयुष के साथ-साथ एलोपैथिक की ओर भी ध्यान देना चाहिए
बजट में आयुष के अस्पतालों में इजाफा, कैंसर व शुगर की दवाइयां सस्ती करना अच्छा कदम है। ओवरऑल देखा जाए तो बजट पहले की अपेक्षा बेहतर है। इस बजट में आयुष के साथ-साथ एलोपैथिक पर भी जोर देना चाहिए था ताकि एमबीबीएस करने के लिए युवाओं की रुचि बढ़े। सभी अस्पतालों की नींव तो एमबीबीएस डॉक्टर होते हैं।
- डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, प्रधान, आईएमए अंबाला कैंट
विदेशों की तर्ज पर और बढ़ना चाहिए था बजट
स्वास्थ्य बजट पहले ही काफी बढ़ा है। यह विदेशों की तर्ज पर और भी बढ़ाया जा सकता था। जिला अस्पतालों को आधुनिक बनाने का निर्णय राज्य के चिकित्सा ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। विशेष रूप से महिलाओं के लिए अलग क्लीनिक खोलने से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य में सुधार होगा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाना अब अगली प्राथमिकता होनी चाहिए।
- डॉॅ. अशोक सारवाल, पूर्व प्रधान, आईएमए अंबाला सिटी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा सरकार की ओर से स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग के लिए घोषित 14,007 करोड़ के बजट पर चिकित्सा विशेषज्ञों और आम जनता ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहां एक ओर कैंसर-शुगर की सस्ती दवाओं, आयुष अस्पताल बढ़ने और महिला क्लीनिकों का स्वागत हो रहा है, दूसरी ओर आईएमए के प्रतिनिधियों ने एलोपैथिक ढांचे और डॉक्टरों की कमी को लेकर सरकार का ध्यान खींचा है।
आयुष के साथ-साथ एलोपैथिक की ओर भी ध्यान देना चाहिए
बजट में आयुष के अस्पतालों में इजाफा, कैंसर व शुगर की दवाइयां सस्ती करना अच्छा कदम है। ओवरऑल देखा जाए तो बजट पहले की अपेक्षा बेहतर है। इस बजट में आयुष के साथ-साथ एलोपैथिक पर भी जोर देना चाहिए था ताकि एमबीबीएस करने के लिए युवाओं की रुचि बढ़े। सभी अस्पतालों की नींव तो एमबीबीएस डॉक्टर होते हैं।
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- डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, प्रधान, आईएमए अंबाला कैंट
विदेशों की तर्ज पर और बढ़ना चाहिए था बजट
स्वास्थ्य बजट पहले ही काफी बढ़ा है। यह विदेशों की तर्ज पर और भी बढ़ाया जा सकता था। जिला अस्पतालों को आधुनिक बनाने का निर्णय राज्य के चिकित्सा ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। विशेष रूप से महिलाओं के लिए अलग क्लीनिक खोलने से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य में सुधार होगा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाना अब अगली प्राथमिकता होनी चाहिए।
- डॉॅ. अशोक सारवाल, पूर्व प्रधान, आईएमए अंबाला सिटी