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Ambala News: टेक्सटाइल नगरी की होली पर भरी झोली, हैंडलूम इंस्टीट्यूट और एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर के साथ मिला हाइड्रोजन प्लांट

संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Tue, 03 Mar 2026 02:22 AM IST
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Textile city gets a big boost this Holi with a hydrogen plant alongside the Handloom Institute and Export Facility Centre.
सेक्टर-29 ​स्थित हैंडलूम फैक्टरी में काम करते कारीगर। संवाद  - फोटो : Samvad
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पानीपत। टेक्सटाइल नगरी की बजट में होली पर झोली भर गई। शहर से लेकर गांवों के विकास के साथ उद्योगों और उद्यमियों के लिए घोषणा की गई। पानीपत में 10 एकड़ में हैंडलूम इंस्टीट्यूट और एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर और हाइड्रोजन प्लांट बनाने की घोषणा की। नए उद्योगों के लिए वर्गीकरण की पॉलिसी में संशोधन कर एक ही वर्ग रखा है। 80 प्रतिशत निर्यात करने वाली इकाइयों को विशेष मान्यता दी जाएगी। इसराना व मतलौडा में एचएसवीपी के नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। पानीपत की तीनों लड़ाइयों पर केंद्रित 16 एकड़ पानीपत युद्ध भूमि पर व्याख्या केंद्र बनाया जाएगा। यह काला आंब में स्थापित किया जाएगा, इसके साथ अग्निश्मन केंद्र स्थापित किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 जनवरी को पानीपत में उद्यमियों और व्यापारियों के साथ प्री-बजट बैठक की थी, इसमें उद्यमियों और व्यापारियों ने अपनी मांग रखी थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनको बजट में तोहफा देने का भरोसा दिया था। उद्यमी सोमवार को बजट शुरू होते ही इसके बारे में जानने के लिए टीवी के आगे बैठ गए। जिले में 37 हजार औद्योगिक इकाइयां हैं। करीब 20 हजार करोड़ का निर्यात और 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है।
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आईआईएचटी से मिलेगी उद्याेगों को नई दिशा
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैंडलूम टेक्नोलॉजी (आईआईएचटी) एचएसआईआईडीसी द्वारा 10 एकड़ में बनाया जाएगा। उद्यमियों ने प्री-बजट बैठक में इसकी मांग की थी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैंडलूम टेक्नोलॉजी के मूर्त रूप में आने के बाद कुशल कारीगर मिल सकेंगे, इसके साथ युवाओं को सामान्य विषयों की पढ़ाई के अतिरिक्त टेक्सटाइल से संबंधित विषयों में भविष्य बनाने के अवसर मिलेंगे।
एचएसआईआईडीसी के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। ऐसे चार औद्याेगिक सेक्टर शहर और एक रिफाइनरी रोड पर हैं। उद्यमियाें ने प्री-बजट बैठक में इसकी मांग उठाई थी।


दो गीगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनेगा
सरकार ने बजट में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लागू की है। 2030 तक 250 किलो टन प्रति वर्ष उत्पादन का लक्ष्य किया जाएगा। इसकी निर्माण क्षमता दो गीगावाट इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता होगी। पानीपत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया जाएगा, इसमें पानी से हाइड्रोजन तैयार की जाएगी, इसके लिए केवल अक्षय ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। इसके उत्पादन की पूरी प्रक्रिया में कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा। इसमें एक इलेक्ट्रोलाइजर मशीन की मदद से पानी में बिजली प्रवाहित की जाएगी, इससे पानी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग हो जाता है। हाइड्रोजन को टैंकों में सुरक्षित किया जा सकेगा। इसे बाद में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उद्यमी इसके लिए कॉमन बॉयलर की मांग कर रहे थे।


एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर से मिलेगी नई दिशा
पानीपत में कोई प्रदर्शनी केंद्र नहीं था, ऐसे में उद्यमियों को दिल्ली, गुरुग्राम व नोएडा में जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने बजट में एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर बनाने की घोषणा की है। इसके मूर्त रूप में आने के बाद निर्यातकों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। औद्योगिक उपभोक्ताओं से बिजली का फिक्सड चार्ज हटाया जाएगा। उद्यमियों की मांग थी कि ब्रेक डाउन होने पर भी उनको पूरा बिल जमा कराना पड़ता है। औद्योगिक क्षेत्र में जमीन का एक ही जोन होगा। पहले चार जोन बनाए गए थे। उद्यमी लंबे समय से इनकी मांग कर रहे थे। प्री-बजट बैठक में भी इनको रखा था।


फायर स्टेशन बनने से बढ़ेगी सुरक्षा
पानीपत में आग लगने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आग लगने के बाद आसपास के जिलों से भी दमकल विभाग की टीमों को बुलाया जाता है। कई बार देरी होने से बड़ा हादसा होता है। यही कारण है कि पानीपत में फायर स्टेशन की मांग काफी समय से की जा रही थी। सरकार ने बजट में एक नया फायर स्टेशन बनाने को मंजूरी दी है। फायर स्टेशन बनने से आग पर समय से काबू पाने में आसानी होगी।
पानीपत में यह भी मिला
-कवी गांव में बहुतकनीकी संस्थान बनाया जाएगा। यह शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का पैतृक गांव है।
-जिला अस्पताल को 200 बेड से बढ़ाकर 300 का किया गया है।
-पानीपत में धान की पराली पर आधारित 9.9 से 25 मेगावाट क्षमता की बायोमास बिजली परियोजना स्थापित की जाएगी।
-गरीब परिवारों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जाएंगे।
-न्यूनतम मजदूरी 11257 से बढ़ाकर 15200 रुपये कर दी गई है।
-ददलाना और चुलकाना गांव में महाग्राम योजना में शामिल किया जाएगा, इसके अंतर्गत गांव में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी दिया जाएगा। अब तक 55 लीटर पानी प्रतिदिन प्रति व्यक्ति दिया जाता था।
-जिले में स्वायत्त एआई एवं डिजिटल कॉलेज बनाया जाएगा।
-जिले में एक सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनाया जाएगा।
-एचएसआईआईडीसी औद्योगिक प्लॉट लैंड ऑन लीज नीति बनाएगा। इसमें प्लॉट को फ्री होल्ड किया जा सकता है। प्लॉटधारकों को 31 दिसंबर 2026 तक लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट लेने की छूट रहेगी।
-महिला स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ 10 आधुनिक मातृशक्ति औद्योगिक क्रंच नेटवर्क बनाए जाएंगे।
-छोटे व्यापारियों व एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम शुरू की है, इसमें चोरी या प्राकृतिक आपदा में बीमा कवरेज रहेगा।
-औद्योगिक एस्टेट में एक सेंटर कॉमन फैसिलिटी बनाया जाएगा।
-80 प्रतिशत निर्यात करने वाली इकाइयों को विशेष मान्यता दी जाएगी।
-एक्सपोर्ट बूस्टर प्रदान किए जाएंगे।
-एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी की सीमा 10 से बढ़कर 30 लाख रुपये की है।
-जिले में एक एमएसएमई एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर बनाया जाएगा।
-एमएसएमई इकाइयों व निर्यातकों को बाजार उपलब्ध कराए जाएंगे।
-छोटे व्यापारियों को वन टाइम सेटलमेंट योजना शुरू की है।
-जीएसटी ऑर्डर व नोटिस डाक से भी भेजे जाएंगे।
-पानीपत में जीटी रोड से डाहर रोड तक नया आरओबी बनाया जाएगा।
-नमो भारत आरआरटएस के अंतर्गत दिल्ली-करनाल कॉरिडोर बनाया जाएगा। 136 किलोमीटर की परियोजना पर 33,051 करोड़ का प्रस्ताव बनाया है।
-जिले के सभी गांव में ओडीएफ प्लस बनाए जाएंगे।
-पानीपत में इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह 31 जनवरी 2027 तक बनकर तैयार होगा।
-समालखा में महिला थाना बनाया जाएगा।

फोटो
इंडस्ट्रीयल एस्टेट सेक्टर-29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि बिजली बिल में फिक्सड चार्ज हटाने की मांग की थी, इससे उद्यमियों को बिजली कट के दौरान का भी बिल देना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने इसे हटाने की बात कही है। इससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी।

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पानीपत डाइंग एसोसिएशन के प्रधान नीतिन अरोड़ा ने बताया कि डाइंग उद्यमी सीईटीपी का शोधित पानी पिछले कई साल से मांग कर रहे थे। इससे उद्यमियों को भूजल का दोहन नहीं करना पड़ेगा। वे शोधित पानी को अपने उद्योगों में प्रयोग कर सकेंगे। ये उद्योग के लिए बड़ी घोषणा है, इसके साथ हाइड्रोजन प्लांट से उद्योगों को दिशा मिलेगी।
फोटो-
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर की पुरानी मांग रही है। इस बार बैठक में इसको प्रमुखता के साथ रखा था। हैंडलूम इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा। बजट में इनकी घोषणा उद्यमियों के साथ उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

अर्थशास्त्री बोले
दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया पानीपत चैप्टर के अध्यक्ष सीए भूपेंद्र दीक्षित ने बताया कि प्रदेश सरकार के बजट में एक छोटे व्यापारी से लेकर उद्योगपति और निर्यातक को कुछ न कुछ मिला है। वन टाइम सेटलमेंट योजना और जीएसटी ऑर्डर व नोटिस अब डाक से भी भेजने से बड़ी राहत मिलेगी। उद्यमियों को ऑनलाइन होने पर इतनी जानकारी नहीं मिल पाती थी। औद्योगिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल से फिक्सड चार्ज हटाना सराहनीय है। ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाना उद्योगों को मजबूती देने वाला है। इस बजट में एमएसएमई को बढ़ाना देने पर जोर दिया गया है।



महिलाएं बोली

फोटो
डॉ. कूंजल प्रतिष्ठा ने बताया कि बजट में महिला स्टार्टअप को बढ़ावा दिया गया है, इससे महिलाएं आगे आएंगी। वे उद्योगों के क्षेत्र में भी खुद को साबित कर सकेंगी। अब अपेक्षाकृत महिला उद्योगाें में आगे नहीं हैं। इनको मजबूती देने की जरूरत थी। 10 आधुनिक मातृ शक्ति औद्योगिक क्रंच खुलने से महिलाओं को आगे आने का मौका मिलेगा।

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सींक गांव की अनु मलिक ने बताया कि बजट में महिलाओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी या कार खरीदने पर विशेष टैक्स छूट और सब्सिडी देने की घोषणा की है। महिलाओं के सुरक्षित यात्रा के लिए राज्य में पिंक कैब सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है, इसके साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं को अपना सामान बेचने के लिए शी-मार्ट नाम से एक अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा, इससे महिलाओं की ताकत बढ़ेगी।

किसान
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कारद गांव के हरिचंद मलिक ने बताया कि किसानों को बिजली वितरण के लिए अलग से कंपनी बनाई है। इसका नाम हरियाणा एग्री डिस्कॉम रखा है। इससे किसानों को पर्याप्त बिजली मिलेगी। गन्ना लगाने पर प्रोत्साहन राशि तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। किसानों को टिश्यू कल्चर से तैयार गन्ने की पौध मुफ्त मिलेगी।



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पूठर गांव के राजेंद्र घनघस ने बताया कि फलों की फसल खराब होने पर मुआवजा 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। मधुमक्खी पालन को भी मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया है। प्राकृतिक या जैविक खेती करने पर पांच साल तक 10 हजार रुपये प्रति एकड़ वार्षिक सहायता मिलेगी। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ाना मिलेगा। धान की सीधी बिजाई के लिए 4,500 प्रति एकड़ का अनुदान 2026-27 में भी जारी रहेगा। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत फसल विविधीकरण अपनाने पर दो हजार रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त बोनस मिलेगा।

सेक्टर-29 स्थित हैंडलूम फैक्टरी में काम करते कारीगर। संवाद 

सेक्टर-29 स्थित हैंडलूम फैक्टरी में काम करते कारीगर। संवाद - फोटो : Samvad

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