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Ambala News: व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ने से बिगड़ी व्यवस्था
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अंबाला। रेलवे स्टेशनों पर खानपान सेवा देने वाले छोटे वेंडर इस समय अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट का सीधा असर अब यात्री सुविधाओं पर पड़ता दिख रहा है। अखिल भारतीय रेलवे खानपान लाइसेंसीज वेलफेयर एसोसिएशन ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
गैस के दाम आसमान पर : 1 मई से 19 किग्रा. कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के रेट में 993 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नई कीमत 3,071.50 रुपये हो गई है जबकि पहले 2,078.50 रुपये में कॉमर्शियल सिलिंडर आता था। इससे रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले वेंडरों की चिंता बढ़ गई है। वेंडरों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में भी 10 से 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। 10 साल से नहीं बढ़े चाय-पानी के दाम : एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने बताया कि वेंडरों की कुल बिक्री का 40 प्रतिशत हिस्सा चाय और रेल नीर जैसी बोतलबंद पानी से आता है। दुखद पहलू यह है कि पिछले 10 वर्षों से इनके दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। जहां शहरों में पानी की बोतल 20 रुपये में बिकती है, वहीं रेलवे स्टेशनों पर इसे 15 रुपये में बेचने को मजबूर किया जा रहा है। हाल ही में रेल नीर की एमआरपी भी घटाकर 14 रुपये कर दी गई है।
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गैस के दाम आसमान पर : 1 मई से 19 किग्रा. कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के रेट में 993 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नई कीमत 3,071.50 रुपये हो गई है जबकि पहले 2,078.50 रुपये में कॉमर्शियल सिलिंडर आता था। इससे रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले वेंडरों की चिंता बढ़ गई है। वेंडरों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में भी 10 से 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। 10 साल से नहीं बढ़े चाय-पानी के दाम : एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने बताया कि वेंडरों की कुल बिक्री का 40 प्रतिशत हिस्सा चाय और रेल नीर जैसी बोतलबंद पानी से आता है। दुखद पहलू यह है कि पिछले 10 वर्षों से इनके दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। जहां शहरों में पानी की बोतल 20 रुपये में बिकती है, वहीं रेलवे स्टेशनों पर इसे 15 रुपये में बेचने को मजबूर किया जा रहा है। हाल ही में रेल नीर की एमआरपी भी घटाकर 14 रुपये कर दी गई है।
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