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Ambala News: भाई के साथ मिलकर भेजता था आरटीए टीम की लोकेशन
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 21 Jun 2026 03:13 AM IST
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समालखा। आरटीए विभाग की लोकेशन भेजने के मामले में पकड़ा अंश अपने सगे भाई रिहान के साथ मिलकर पूरा गैंग चला रहा था। रिहान ने ही उसको व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ रखा था। रिहान अब पुलिस पकड़ से बचने के लिए मोबाइल बंद कर भाग गया है। समालखा थाना पुलिस अब आरोपी रिहान की तलाश में है।
परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने थाना समालखा पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 जून को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के उप निरीक्षक राज सिंह की अगुवाई में संयुक्त टीम ने झट्टीपुर स्थित रेडक्रॉस पार्किंग के पास रेत से भरे सात ओवरलोड डंपरों को काबू किया था। जब टीम इन वाहनों पर कानूनी कार्रवाई कर रही थी। एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में इन गाड़ियों और सरकारी टीम की फोटो खींचने का प्रयास कर रहा था। टीम को उस पर शक हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
आरोपी अंश उर्फ हर्ष का मोबाइल फोन चेक किया गया तो उसके फोन में ब्रादर्स, एचआरपीएनबी और यूपी हेल्प नाम के तीन सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप मिले। इन ग्रुपों का इस्तेमाल मुख्य रूप से पानीपत सहित हरियाणा के अन्य जिलों और सीमावर्ती यूपी के इलाकों में आरटीए की चेकिंग टीमों की लाइव लोकेशन और मूवमेंट शेयर करने के लिए किया जा रहा था।
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इसके जरिए ओवरलोड वाहनों के चालक सरकारी जुर्माने से बचने के लिए अपनी गाड़ियों को रास्तों में ही छुपा लेते थे या रूट बदल देते थे। समालखा थाना पुलिस ने आरोपी अंश के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। आरोप ने पुलिस पूछताछ में अपने भाई रिहान का नाम लिया है। संवाद
परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने थाना समालखा पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 जून को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के उप निरीक्षक राज सिंह की अगुवाई में संयुक्त टीम ने झट्टीपुर स्थित रेडक्रॉस पार्किंग के पास रेत से भरे सात ओवरलोड डंपरों को काबू किया था। जब टीम इन वाहनों पर कानूनी कार्रवाई कर रही थी। एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में इन गाड़ियों और सरकारी टीम की फोटो खींचने का प्रयास कर रहा था। टीम को उस पर शक हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
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आरोपी अंश उर्फ हर्ष का मोबाइल फोन चेक किया गया तो उसके फोन में ब्रादर्स, एचआरपीएनबी और यूपी हेल्प नाम के तीन सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप मिले। इन ग्रुपों का इस्तेमाल मुख्य रूप से पानीपत सहित हरियाणा के अन्य जिलों और सीमावर्ती यूपी के इलाकों में आरटीए की चेकिंग टीमों की लाइव लोकेशन और मूवमेंट शेयर करने के लिए किया जा रहा था।
इसके जरिए ओवरलोड वाहनों के चालक सरकारी जुर्माने से बचने के लिए अपनी गाड़ियों को रास्तों में ही छुपा लेते थे या रूट बदल देते थे। समालखा थाना पुलिस ने आरोपी अंश के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। आरोप ने पुलिस पूछताछ में अपने भाई रिहान का नाम लिया है। संवाद