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Bhiwani News: व्यवस्था के दावे डूबे... प्रबंधों का निकला दम
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गांव चांग की गली के अंदर जमा बारिश का पानी।
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भिवानी। बाढ़ नियंत्रण और बरसाती पानी की निकासी के लिए हर साल किए जाने वाले दावों की मानसून की पहली तेज बारिश ने ही पोल खोल दी है। चांग, खरक कलां, खरक खुर्द और दांग कलां सहित आसपास के कई गांवों के जोहड़ लबालब होकर ओवरफ्लो हो गए हैं। पानी किनारे लांघकर आबादी और गलियों तक पहुंच गया है।
ग्राम पंचायतों ने अपने स्तर पर पानी निकासी के इंतजाम किए हैं मगर ये नाकाफी साबित हो रहे हैं। आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने से ग्रामीण पलायन की तैयारी तक करने लगे हैं। वहीं सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण इंतजाम खेतों के जलभराव के बाद काम आने का दावा किया जा रहा है।
मानसून की शुरुआत में ही बरसाती पानी की निकासी के इंतजामों की स्थिति सामने आ गई है। सिंचाई विभाग बाढ़ नियंत्रण के तहत नहरों और ड्रेन में पंपिंग स्टेशनों के पर्याप्त संसाधन होने का दावा कर रहा है। दूसरी ओर ग्राम पंचायतों ने अपने बजट से छोटी-बड़ी मोटरें लगाकर जोहड़ों के ओवरफ्लो पानी की निकासी शुरू कराई है। पंचायतों को आशंका है कि अधिक बारिश होने पर पानी आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी में सिंचाई विभाग का सहयोग नहीं मिल रहा।
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चांग के सरकारी स्कूल में हुआ जलभराव
गांव चांग के कन्या स्कूल की ग्रीन बेल्ट और मुख्य रास्ते पर बारिश का पानी जमा हो गया। मुख्य रास्ते से करीब चार से पांच घंटे बाद पानी निकल गया मगर ग्रीन बेल्ट अब भी जलमग्न है। जोहड़ों के आसपास के आवासीय क्षेत्रों की गलियों में भी बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई है।
खरक में गलियों में जलभराव, आवागमन बाधित
गांव खरक कलां और खरक खुर्द की मुख्य गलियों में जलभराव हो गया है। दोनों गांवों के जोहड़ ओवरफ्लो हो चुके हैं। बारिश से पहले जोहड़ों को खाली कराया गया था ताकि बारिश के दौरान वे ओवरफ्लो न हों मगर तेज बारिश में ग्राम पंचायत के पानी निकासी के इंतजाम भी नाकाफी साबित हुए। कुछ घंटों की बारिश में ही जोहड़ भर गए। अब पानी निकासी के लिए मोटरें लगाई गई हैं।
दांग खुर्द के जलघर में संक्रमण का खतरा, टैंकों की दीवारें टूटी
गांव दांग खुर्द का जलघर भी बरसाती पानी से घिर गया है। जलघर के टैंकों की दीवारें टूट चुकी हैं। इसके कारण बारिश का पानी टैंकों में पहुंच रहा है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। घरों में भी दूषित पानी पहुंच गया है और इसमें सफेद झाग उठ रहे हैं। पिछले साल भी जलभराव के कारण दांग खुर्द का जलघर दो माह तक डूबा रहा था। पंपिंग स्टेशन कक्ष में चार फीट पानी जमा था जबकि जलघर के टैंकों के ऊपर करीब ढाई फीट बारिश का पानी जमा रहा था। जलभराव से टैंक खराब हो चुके हैं और उनकी सफाई तक नहीं हो पाई है। अब फिर वही हालात बन गए हैं।
शनिवार शाम ज्यादा बारिश होने के कारण गांव चांग के वार्ड नंबर एक, दो व 18 की कई गलियों में जलभराव हो गया था। ज्यादा बारिश के कारण गांव के अधिकतर तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं। ग्राम पंचायत ने बारिश रुकने के बाद ही पानी की निकासी शुरू करवा दी थी। पानी निकासी के लिए ग्राम पंचायत ने जोहड़ों पर बड़ी मोटरें लगवाई हुई हैं ताकि पानी आवासीय क्षेत्र तक न पहुंचे। -प्रदीप रंगा, सरपंच प्रतिनिधि, चांग।
गांव खरक राजयान में ज्यादा बारिश के कारण घरों और स्कूल में करीब दो से तीन फीट तक बरसाती पानी जमा हो गया था। ग्राम पंचायत ने पंचायत विभाग के सहयोग से गांव में पानी निकासी शुरू कर दी है। गांव में शरारती तत्वों ने पानी निकासी के लिए लगाई गई लाइन को दो बार काट दिया। यह बेहद शर्मनाक हरकत है। -प्रदीप, सरपंच प्रतिनिधि, खरक राजयान।
गांव दांग खुर्द के जलघर में नए आरसीसी टैंक के निर्माण का टेंडर खुल चुका है। बारिश कम होते ही जल्द एजेंसी काम शुरू कर देगी। पुराने टैंक की भी मरम्मत कराई जाएगी और चहारदीवारी का काम भी होगा। दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या दूर करने के लिए करीब 30 साल पुरानी सीमेंट और पीवीसी पाइपों को हटाकर नई लोहे की लाइन डाली जाएगी। इसके लिए पाइप मंगवा लिए गए हैं। -बलजीत सिंह, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
सिंचाई विभाग की ओर से जलभराव संभावित गांवों में पानी निकासी के प्रबंध पहले से किए हुए हैं। इस बार ड्रेन और नहरों के अलावा माइनरों में भी बारिश के पानी की निकासी के लिए पंपिंग सिस्टम लगाया गया है। जिन गांवों में पिछले साल जलभराव हुआ था वहां पहले से ही पानी निकासी का बंदोबस्त किया जा चुका है। -नवीन कुमार, कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल डिविजन, सिंचाई विभाग, भिवानी।
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ग्राम पंचायतों ने अपने स्तर पर पानी निकासी के इंतजाम किए हैं मगर ये नाकाफी साबित हो रहे हैं। आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने से ग्रामीण पलायन की तैयारी तक करने लगे हैं। वहीं सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण इंतजाम खेतों के जलभराव के बाद काम आने का दावा किया जा रहा है।
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मानसून की शुरुआत में ही बरसाती पानी की निकासी के इंतजामों की स्थिति सामने आ गई है। सिंचाई विभाग बाढ़ नियंत्रण के तहत नहरों और ड्रेन में पंपिंग स्टेशनों के पर्याप्त संसाधन होने का दावा कर रहा है। दूसरी ओर ग्राम पंचायतों ने अपने बजट से छोटी-बड़ी मोटरें लगाकर जोहड़ों के ओवरफ्लो पानी की निकासी शुरू कराई है। पंचायतों को आशंका है कि अधिक बारिश होने पर पानी आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी में सिंचाई विभाग का सहयोग नहीं मिल रहा।
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चांग के सरकारी स्कूल में हुआ जलभराव
गांव चांग के कन्या स्कूल की ग्रीन बेल्ट और मुख्य रास्ते पर बारिश का पानी जमा हो गया। मुख्य रास्ते से करीब चार से पांच घंटे बाद पानी निकल गया मगर ग्रीन बेल्ट अब भी जलमग्न है। जोहड़ों के आसपास के आवासीय क्षेत्रों की गलियों में भी बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई है।
खरक में गलियों में जलभराव, आवागमन बाधित
गांव खरक कलां और खरक खुर्द की मुख्य गलियों में जलभराव हो गया है। दोनों गांवों के जोहड़ ओवरफ्लो हो चुके हैं। बारिश से पहले जोहड़ों को खाली कराया गया था ताकि बारिश के दौरान वे ओवरफ्लो न हों मगर तेज बारिश में ग्राम पंचायत के पानी निकासी के इंतजाम भी नाकाफी साबित हुए। कुछ घंटों की बारिश में ही जोहड़ भर गए। अब पानी निकासी के लिए मोटरें लगाई गई हैं।
दांग खुर्द के जलघर में संक्रमण का खतरा, टैंकों की दीवारें टूटी
गांव दांग खुर्द का जलघर भी बरसाती पानी से घिर गया है। जलघर के टैंकों की दीवारें टूट चुकी हैं। इसके कारण बारिश का पानी टैंकों में पहुंच रहा है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। घरों में भी दूषित पानी पहुंच गया है और इसमें सफेद झाग उठ रहे हैं। पिछले साल भी जलभराव के कारण दांग खुर्द का जलघर दो माह तक डूबा रहा था। पंपिंग स्टेशन कक्ष में चार फीट पानी जमा था जबकि जलघर के टैंकों के ऊपर करीब ढाई फीट बारिश का पानी जमा रहा था। जलभराव से टैंक खराब हो चुके हैं और उनकी सफाई तक नहीं हो पाई है। अब फिर वही हालात बन गए हैं।
शनिवार शाम ज्यादा बारिश होने के कारण गांव चांग के वार्ड नंबर एक, दो व 18 की कई गलियों में जलभराव हो गया था। ज्यादा बारिश के कारण गांव के अधिकतर तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं। ग्राम पंचायत ने बारिश रुकने के बाद ही पानी की निकासी शुरू करवा दी थी। पानी निकासी के लिए ग्राम पंचायत ने जोहड़ों पर बड़ी मोटरें लगवाई हुई हैं ताकि पानी आवासीय क्षेत्र तक न पहुंचे। -प्रदीप रंगा, सरपंच प्रतिनिधि, चांग।
गांव खरक राजयान में ज्यादा बारिश के कारण घरों और स्कूल में करीब दो से तीन फीट तक बरसाती पानी जमा हो गया था। ग्राम पंचायत ने पंचायत विभाग के सहयोग से गांव में पानी निकासी शुरू कर दी है। गांव में शरारती तत्वों ने पानी निकासी के लिए लगाई गई लाइन को दो बार काट दिया। यह बेहद शर्मनाक हरकत है। -प्रदीप, सरपंच प्रतिनिधि, खरक राजयान।
गांव दांग खुर्द के जलघर में नए आरसीसी टैंक के निर्माण का टेंडर खुल चुका है। बारिश कम होते ही जल्द एजेंसी काम शुरू कर देगी। पुराने टैंक की भी मरम्मत कराई जाएगी और चहारदीवारी का काम भी होगा। दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या दूर करने के लिए करीब 30 साल पुरानी सीमेंट और पीवीसी पाइपों को हटाकर नई लोहे की लाइन डाली जाएगी। इसके लिए पाइप मंगवा लिए गए हैं। -बलजीत सिंह, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
सिंचाई विभाग की ओर से जलभराव संभावित गांवों में पानी निकासी के प्रबंध पहले से किए हुए हैं। इस बार ड्रेन और नहरों के अलावा माइनरों में भी बारिश के पानी की निकासी के लिए पंपिंग सिस्टम लगाया गया है। जिन गांवों में पिछले साल जलभराव हुआ था वहां पहले से ही पानी निकासी का बंदोबस्त किया जा चुका है। -नवीन कुमार, कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल डिविजन, सिंचाई विभाग, भिवानी।

गांव चांग की गली के अंदर जमा बारिश का पानी।