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Bhiwani News: टीआईटी व एमएसएमई निदेशालय के बीच तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में एमओयू पर हस्ताक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:12 AM IST
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भिवानी। टीआईटी भिवानी और एमएसएमई निदेशालय के बीच रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैंप) कार्यक्रम के अंतर्गत तकनीकी वस्त्र के क्षेत्र में जागरूकता कार्यशालाओं एवं व्यवसाय-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह एमओए एक अप्रैल को एमएसएमई हरियाणा के महानिदेशक कार्यालय में संपन्न हुआ, जिसमें यश गर्ग, महानिदेशक एमएसएमई हरियाणा, तथा प्रो. बीके बेहेरा, निदेशक टीआईटी एंड साइंसेज भिवानी ने अधिकृत रूप से हस्ताक्षर किए।
इस समझौते का उद्देश्य हरियाणा राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा उन्हें आधुनिक तकनीकी ज्ञान एवं व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाना है। इसके तहत जागरूकता कार्यशालाओं, एमएसएमई कॉन्क्लेव तथा व्यवसाय-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों को वित्तीय, विपणन, विधिक एवं नियामक पहलुओं की समग्र जानकारी प्रदान की जाएगी।
प्रारंभिक चरण में ये कार्यशालाएं भिवानी, पानीपत एवं गुरुग्राम में आयोजित की जाएंगी, जिससे एमएसएमई इकाइयों को व्यवसाय विकास, विशेषज्ञता एवं नए अवसरों से जोड़ने में सहायता मिलेगी। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की नवीनतम योजनाओं, डिस्ट्रिक्ट एमएसएमई बिजनेस डेवलपमेंट सर्विसेज हेल्प डेस्क तथा गिफ्ट सेल के लाभों के बारे में भी जागरूकता फैलाई जाएगी।
महानिदेशक यश गर्ग ने कहा कि तकनीकी वस्त्र जैसे उभरते क्षेत्रों में यह पहल उद्योगों को नई दिशा देगी तथा रोजगार सृजन के साथ-साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में राज्य को मजबूत बनाएगी।
वहीं टीआईटी भिवानी के निदेशक प्रो. बीके बेहेरा ने कहा कि यह समझौता संस्थान एवं उद्योग के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी वस्त्र क्षेत्र भारत का उभरता हुआ सनराइज सेक्टर है जिसमें अपार संभावनाएं हैं। इस पहल के माध्यम से एमएसएमई इकाइयों को तकनीकी दक्षता, नवाचार एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा जिससे वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
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यह एमओए एक अप्रैल को एमएसएमई हरियाणा के महानिदेशक कार्यालय में संपन्न हुआ, जिसमें यश गर्ग, महानिदेशक एमएसएमई हरियाणा, तथा प्रो. बीके बेहेरा, निदेशक टीआईटी एंड साइंसेज भिवानी ने अधिकृत रूप से हस्ताक्षर किए।
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इस समझौते का उद्देश्य हरियाणा राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा उन्हें आधुनिक तकनीकी ज्ञान एवं व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाना है। इसके तहत जागरूकता कार्यशालाओं, एमएसएमई कॉन्क्लेव तथा व्यवसाय-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों को वित्तीय, विपणन, विधिक एवं नियामक पहलुओं की समग्र जानकारी प्रदान की जाएगी।
प्रारंभिक चरण में ये कार्यशालाएं भिवानी, पानीपत एवं गुरुग्राम में आयोजित की जाएंगी, जिससे एमएसएमई इकाइयों को व्यवसाय विकास, विशेषज्ञता एवं नए अवसरों से जोड़ने में सहायता मिलेगी। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की नवीनतम योजनाओं, डिस्ट्रिक्ट एमएसएमई बिजनेस डेवलपमेंट सर्विसेज हेल्प डेस्क तथा गिफ्ट सेल के लाभों के बारे में भी जागरूकता फैलाई जाएगी।
महानिदेशक यश गर्ग ने कहा कि तकनीकी वस्त्र जैसे उभरते क्षेत्रों में यह पहल उद्योगों को नई दिशा देगी तथा रोजगार सृजन के साथ-साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में राज्य को मजबूत बनाएगी।
वहीं टीआईटी भिवानी के निदेशक प्रो. बीके बेहेरा ने कहा कि यह समझौता संस्थान एवं उद्योग के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी वस्त्र क्षेत्र भारत का उभरता हुआ सनराइज सेक्टर है जिसमें अपार संभावनाएं हैं। इस पहल के माध्यम से एमएसएमई इकाइयों को तकनीकी दक्षता, नवाचार एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा जिससे वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।