{"_id":"6a0387252189e2aed4056222","slug":"national-conference-on-ai-driven-transformation-brainstorming-on-developed-india-at-cblu-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-151012-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: सीबीएलयू में एआई संचालित परिवर्तन पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस, विकसित भारत पर मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: सीबीएलयू में एआई संचालित परिवर्तन पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस, विकसित भारत पर मंथन
विज्ञापन
सीबीएलयू में आयोजित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में उपस्थित कुलसचिव डॉ. भावना शर्मा व अन्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग एवं हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस के उपलक्ष्य में “विकसित भारत 2047 की दिशा में एआई संचालित परिवर्तन” विषय पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस हुई। कार्यक्रम कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी के दिशा निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने शिरकत की। वहीं विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में जेएनयू के प्रो. शानदार अहमद, डॉ. अनिर्बान चक्रबर्ती और प्रो. संजू नंदा उपस्थित रहे। कांफ्रेंस के कन्वीनर फार्मेसी विभाग के चेयरमैन प्रो. नितिन बंसल रहे।
कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से रोजगारपरक एवं गुणवत्तापूर्ण संस्कारी शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन को साकार करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर विचार-विमर्श करना है। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मेसी और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में एआई आधारित नवाचारों के माध्यम से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि एआई संचालित समाधान भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता बनाने के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगे।
कांफ्रेंस में भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक तकनीक के समन्वय से तकनीक-सक्षम एवं मूल्य आधारित समाज के निर्माण पर भी जोर दिया गया। साथ ही एआई स्टार्टअप, डिजिटल अवसंरचना और नैतिक एआई उपयोग में युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना ने किया। इस अवसर पर डीन एफसीएम प्रो. सुनीता भरतवाल, डॉ. आकाशदीप, डॉ. नीलम, डॉ. हरीश बिश्नोई, तकनीकी स्टाफ में कुलदीप सिंह, नीतीश, प्रेरणा और मंजीत उपस्थित रहे।
Trending Videos
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने शिरकत की। वहीं विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में जेएनयू के प्रो. शानदार अहमद, डॉ. अनिर्बान चक्रबर्ती और प्रो. संजू नंदा उपस्थित रहे। कांफ्रेंस के कन्वीनर फार्मेसी विभाग के चेयरमैन प्रो. नितिन बंसल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से रोजगारपरक एवं गुणवत्तापूर्ण संस्कारी शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन को साकार करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर विचार-विमर्श करना है। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मेसी और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में एआई आधारित नवाचारों के माध्यम से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि एआई संचालित समाधान भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता बनाने के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगे।
कांफ्रेंस में भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक तकनीक के समन्वय से तकनीक-सक्षम एवं मूल्य आधारित समाज के निर्माण पर भी जोर दिया गया। साथ ही एआई स्टार्टअप, डिजिटल अवसंरचना और नैतिक एआई उपयोग में युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना ने किया। इस अवसर पर डीन एफसीएम प्रो. सुनीता भरतवाल, डॉ. आकाशदीप, डॉ. नीलम, डॉ. हरीश बिश्नोई, तकनीकी स्टाफ में कुलदीप सिंह, नीतीश, प्रेरणा और मंजीत उपस्थित रहे।