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प्राकृतिक खेती से घटेगा खर्च : सुभाष
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कैरू। गांव इंदीवाली में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत एक दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हमेटी जींद के प्राकृतिक खेती विशेषज्ञ डॉ. सुभाष चंद्र ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी देते हुए बीजामृत, जीवामृत, धनजीवामृत और नीमास्त्र बनाने व इनके प्रयोग की विधि समझाई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरा शक्ति और खर्च घटेगा।
कार्यक्रम का आयोजन इंदीवाली निवासी सीआरपी किसान कैप्टन महेंद्र सिंह ने अपने कृषि फार्म पर हमेटी जींद के माध्यम से करवाया। डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि रासायनिक कीटनाशकों और उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवाणु और केंचुए नष्ट हो रहे हैं। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होने के साथ खेती का खर्च बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और लागत घटती है।
कैरू खंड कृषि विभाग के बीटीएम राजबीर सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा की प्राकृतिक खेती योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को ड्रम खरीदने के लिए 3 हजार रुपये, देशी गाय खरीदने के लिए 30 हजार रुपये और प्रदर्शन प्लॉट के लिए 4 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। विजय कौशिक ने प्राकृतिक और जैविक तरीके से तैयार जैव उर्वरक की जानकारी दी।
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महेंद्र सिंह सीआरपी ने किसानों से अपना अनुभव साझा किया। इंदीवाली और आसपास के गांवों के प्राकृतिक खेती करने वाले 11 किसानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीआरपी महेंद्र सिंह, सीआरपी पंकज, सीआरपी मांगे राम, सीआरपी सुनील कुमार गोपालवास, गणपत सिंह, सोनू, चंदन सिंह जांगड़ा और प्रवेश मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का आयोजन इंदीवाली निवासी सीआरपी किसान कैप्टन महेंद्र सिंह ने अपने कृषि फार्म पर हमेटी जींद के माध्यम से करवाया। डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि रासायनिक कीटनाशकों और उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवाणु और केंचुए नष्ट हो रहे हैं। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होने के साथ खेती का खर्च बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और लागत घटती है।
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कैरू खंड कृषि विभाग के बीटीएम राजबीर सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा की प्राकृतिक खेती योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को ड्रम खरीदने के लिए 3 हजार रुपये, देशी गाय खरीदने के लिए 30 हजार रुपये और प्रदर्शन प्लॉट के लिए 4 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। विजय कौशिक ने प्राकृतिक और जैविक तरीके से तैयार जैव उर्वरक की जानकारी दी।
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महेंद्र सिंह सीआरपी ने किसानों से अपना अनुभव साझा किया। इंदीवाली और आसपास के गांवों के प्राकृतिक खेती करने वाले 11 किसानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीआरपी महेंद्र सिंह, सीआरपी पंकज, सीआरपी मांगे राम, सीआरपी सुनील कुमार गोपालवास, गणपत सिंह, सोनू, चंदन सिंह जांगड़ा और प्रवेश मौजूद रहे।