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Bhiwani News: लगातार दूसरे दिन बरसे बादल, बहल, बवानीखेड़ा और भिवानी में तपिश से मिली राहत
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बहल में जमा बारिश का पानी
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भिवानी/ बहल/ बवानीखेड़ा। जिले में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मंगलवार सुबह बहल और बवानीखेड़ा क्षेत्र में बारिश हुई जबकि जिले में अब तक 10 एमएम तथा बहल क्षेत्र में 25 एमएम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि कई स्थानों पर जलभराव और नालों के ओवरफ्लो होने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
मंगलवार दोपहर बाद मौसम साफ रहने से बाजारों और पार्कों में रौनक लौट आई तथा लोग सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. मदनलाल खीचड़ के अनुसार 17 जून को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है जो पहाड़ों की ओर बढ़ेगा। इसके आंशिक प्रभाव से 17 जून से 20 जून तक बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बहल क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हुई। सुबह पांच बजे से आठ बजे तक रुक-रुक कर करीब 25 एमएम वर्षा हुई। बारिश के कारण बहल कस्बे के अनेक क्षेत्रों में पानी भर गया जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि किसानों के चेहरे खिल उठे।
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किसान पवन सुरपुरा, जयसिंह सहित अन्य किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए बेहद अनुकूल बताया। उनका कहना है कि समय पर हुई इस बारिश से बाजरा, ग्वार और मूंग की बिजाई की जा सकेगी। मंगलवार को हुई मानसून की पहली बारिश से बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद जगी है। इस बार जमीन पूरी तरह तपने के बाद हुई बारिश अच्छी पैदावार का संकेत है। वहीं बारिश के कारण श्याम मंदिर मार्ग, मानव कल्याण अस्पताल और तहसील कार्यालय के सामने जलभराव की स्थिति बनी रही। सरपंच साधुराम के निवास के सामने भी पानी भर गया।
उधर बवानीखेड़ा क्षेत्र में भी मंगलवार को सुबह से दोपहर तक आसमान में काले बादल छाए रहे और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में सड़कों पर पानी भर गया तथा मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। वहीं आंधी और बारिश बिजली निगम के लिए परेशानी का कारण बन गई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोग परेशान थे। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई हालांकि संबंधित बिजली निगम के कर्मचारियों ने व्यवस्था को सुचारु करने के प्रयास शुरू कर दिए। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया हालांकि तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर नुकसान की आशंका भी जताई गई।
बारिश के चलते बाजारों और सड़कों पर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। वाहन चालकों को जलभराव और फिसलन के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मंढ़ाणा क्षेत्र में कई बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए और कर्मचारी बिजली आपूर्ति सुचारु करने में जुटे रहे।
मंगलवार दोपहर बाद मौसम साफ रहने से बाजारों और पार्कों में रौनक लौट आई तथा लोग सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. मदनलाल खीचड़ के अनुसार 17 जून को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है जो पहाड़ों की ओर बढ़ेगा। इसके आंशिक प्रभाव से 17 जून से 20 जून तक बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है।
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मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बहल क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हुई। सुबह पांच बजे से आठ बजे तक रुक-रुक कर करीब 25 एमएम वर्षा हुई। बारिश के कारण बहल कस्बे के अनेक क्षेत्रों में पानी भर गया जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि किसानों के चेहरे खिल उठे।
किसान पवन सुरपुरा, जयसिंह सहित अन्य किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए बेहद अनुकूल बताया। उनका कहना है कि समय पर हुई इस बारिश से बाजरा, ग्वार और मूंग की बिजाई की जा सकेगी। मंगलवार को हुई मानसून की पहली बारिश से बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद जगी है। इस बार जमीन पूरी तरह तपने के बाद हुई बारिश अच्छी पैदावार का संकेत है। वहीं बारिश के कारण श्याम मंदिर मार्ग, मानव कल्याण अस्पताल और तहसील कार्यालय के सामने जलभराव की स्थिति बनी रही। सरपंच साधुराम के निवास के सामने भी पानी भर गया।
उधर बवानीखेड़ा क्षेत्र में भी मंगलवार को सुबह से दोपहर तक आसमान में काले बादल छाए रहे और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में सड़कों पर पानी भर गया तथा मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। वहीं आंधी और बारिश बिजली निगम के लिए परेशानी का कारण बन गई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोग परेशान थे। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई हालांकि संबंधित बिजली निगम के कर्मचारियों ने व्यवस्था को सुचारु करने के प्रयास शुरू कर दिए। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया हालांकि तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर नुकसान की आशंका भी जताई गई।
बारिश के चलते बाजारों और सड़कों पर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। वाहन चालकों को जलभराव और फिसलन के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मंढ़ाणा क्षेत्र में कई बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए और कर्मचारी बिजली आपूर्ति सुचारु करने में जुटे रहे।