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Bhiwani News: कठिन सवालों से भी नहीं टूटा अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास
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भिवानी में नीट देकर केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी।
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भिवानी। डॉक्टर बनने का सपना आंखों में संजोए अभ्यर्थियों ने रविवार को नीट में अपनी तैयारी और धैर्य की परीक्षा दी। जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने भौतिकी और रसायन के प्रश्नों को कठिन बताया जबकि जीव विज्ञान के सवाल सामान्य और एनसीईआरटी आधारित रहे। कठिन सवालों के बावजूद अभ्यर्थियों ने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
शहर के सात परीक्षा केंद्रों पर करीब 3700 से अधिक अभ्यर्थियों ने नीट दिया। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि भौतिकी के प्रश्नों ने काफी समय लिया जबकि जीव विज्ञान के सवाल सीधे और अपेक्षित स्तर के थे। रसायन विज्ञान में भी अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम आधारित रहे। अभ्यर्थियों के अनुसार भौतिकी के कुछ सवालों ने उलझन पैदा की जिससे समय प्रबंधन प्रभावित हुआ। हालांकि उन्हें जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर का कुल स्तर मध्यम रहा लेकिन भौतिकी के प्रश्न रैंकिंग में अंतर पैदा कर सकते हैं।
वहीं परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से बच्चों का मनोबल प्रभावित होता है। उनका मानना था कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए सुरक्षा मानक और बंदोबस्त पहले से और अधिक सख्त होने चाहिए।
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नीट की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित हुई। शहर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से ही अभ्यर्थियों का प्रवेश शुरू हो गया था। प्रवेश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों ने अभ्यर्थियों की तलाशी ली तथा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश दिया। किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या प्रतिबंधित वस्तु अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। अभ्यर्थियों का सामान उनके अभिभावकों को सौंपा गया। जिन अभ्यर्थियों के साथ कोई नहीं था उनका सामान केंद्र के पास निर्धारित स्थान पर रखवाया गया।
परीक्षा केंद्रों के आसपास बंद रहीं दुकानें
परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित कोचिंग संस्थान, फोटोस्टेट केंद्र, स्टेशनरी और अन्य संबंधित व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। रविवार होने के कारण मुख्य सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही जिससे अभिभावकों को निजी वाहनों की पार्किंग में विशेष परेशानी नहीं हुई। परीक्षा केंद्रों के आसपास पीसीआर और पुलिस राईडर लगातार गश्त करते दिखाई दिए।
परीक्षा के लिए मैंने काफी समय पहले से तैयारी कर ली थी लेकिन अचानक पेपर रद्द होने की सूचना से मैं निराश हो गई थी। परीक्षा में अधिकांश सवाल कठिन थे मगर जीव विज्ञान के प्रश्न पाठ्यक्रम से संबंधित ही रहे। मुझे उम्मीद है कि मैं अपने प्रयास में सफल रहूंगी। -नैन्सी, सैय गांव निवासी
मैं परीक्षा को लेकर काफी समय से तनाव में थी। मुझे कुछ सवालों को हल करने में समय का विशेष प्रबंधन करना पड़ा। परीक्षा के बाद अब हल्का महसूस कर रही हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरा यह प्रयास सफल रहेगा। -गरीमा, बवानीखेड़ा निवासी
मैं अपने पिता के साथ यहां परीक्षा देने आई हूं। मुझे परीक्षा में भौतिकी और रसायन के सवाल कठिन लगे लेकिन मैंने उन्हें सुलझा लिया। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा रैंक हासिल करने के अपने प्रयास में सफल रहूंगी। -प्रीति, दादरी निवासी
नीट परीक्षा रद्द होने का मुझे दुख हुआ था लेकिन मुझे तैयारी के लिए अतिरिक्त समय भी मिल गया। मैंने उसका पूरा फायदा उठाया। परीक्षा में अपना बेहतर प्रदर्शन कर आई हूं। मुझे उम्मीद है कि उसी अनुरूप अंक मिलेंगे। -अलका, चरखी दादरी निवासी
नीट में पूछे गए सवाल पाठ्यक्रम से जुड़े थे मगर उन्हें काफी घुमाकर पूछा गया था। इसी वजह से सवालों को हल करने में काफी समय लग रहा था। परीक्षा के दौरान मैंने एकाग्रता बनाए रखी और अपनी तैयारी के अनुसार प्रश्नों को हल किया। -प्रियांशी, चरखी दादरी निवासी
मुझे परीक्षा शुरू होने से पहले काफी घबराहट हो रही थी मगर प्रश्नों को एक-एक कर हल करना शुरू किया तो सहज महसूस करने लगी। तय समय में सभी सवालों को हल करना बड़ी चुनौती रहा क्योंकि कई सवालों को काफी घुमाकर पूछा गया था। -वंदना, खरकड़ा हांसी निवासी
मेरा बचपन से ही डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना रहा है। इस सपने को साकार करने के लिए मैंने अपनी पूरी क्षमता के अनुसार परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है। मुझे उम्मीद है कि मैं अपने प्रयास में सफल रहूंगी।
-सलोनी, भिवानी निवासी
परीक्षा में पूछे गए भौतिकी और रसायन के सवाल कठिन थे मगर जीव विज्ञान सामान्य था। मुझे सवाल हल करने में काफी समय लगा। इसी वजह से समय का संतुलित प्रबंधन करना पड़ा। नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा कि मेरा प्रयास कितना सफल रहा। -रुद्राक्ष, भिवानी निवासी
नीट की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम की मांग
नीट का पेपर रद्द होने से बच्चों को काफी निराशा का सामना करना पड़ा। इस तरह की परीक्षा को उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों के तहत ही संचालित किया जाना चाहिए। यदि परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो यह होनहार विद्यार्थियों के साथ बेईमानी है। -मनोज, अभिभावक, चरखी दादरी निवासी
नीट देशभर के लाखों बच्चों की उम्मीदों की परीक्षा है जिसके जरिए वे अपने सपनों को उड़ान देते हैं। इस परीक्षा की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त और उच्च स्तरीय निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दिक्कतें न आएं। -बिजेंद्र, बवानीखेड़ा निवासी, अभिभावक
मैं अपनी बेटी प्रियांशी को परीक्षा दिलाने आया हूं। जब तक वह परीक्षा केंद्र से बाहर नहीं आई तब तक मेरे लिए भी इंतजार की परीक्षा रही। मुझे उम्मीद है कि उसने अपनी तैयारी के अनुरूप सवालों को हल करने का प्रयास किया होगा। परीक्षा रद्द होने की सूचना से वह पहले निराश हो गई थी। -अरुण सांगवान, चरखी दादरी निवासी, अभिभावक
नीट की जिम्मेदारी ऐसी एजेंसी को मिलनी चाहिए जिसमें पेपर लीक या किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न हो। बच्चों ने परीक्षा के लिए काफी मेहनत की थी। जब उनके सामने पेपर लीक जैसी बातें आती हैं तो उनका मनोबल टूट जाता है। -राजकुमार, सैय निवासी, अभिभावक
शहर के सात परीक्षा केंद्रों पर करीब 3700 से अधिक अभ्यर्थियों ने नीट दिया। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि भौतिकी के प्रश्नों ने काफी समय लिया जबकि जीव विज्ञान के सवाल सीधे और अपेक्षित स्तर के थे। रसायन विज्ञान में भी अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम आधारित रहे। अभ्यर्थियों के अनुसार भौतिकी के कुछ सवालों ने उलझन पैदा की जिससे समय प्रबंधन प्रभावित हुआ। हालांकि उन्हें जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर का कुल स्तर मध्यम रहा लेकिन भौतिकी के प्रश्न रैंकिंग में अंतर पैदा कर सकते हैं।
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वहीं परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से बच्चों का मनोबल प्रभावित होता है। उनका मानना था कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए सुरक्षा मानक और बंदोबस्त पहले से और अधिक सख्त होने चाहिए।
नीट की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित हुई। शहर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से ही अभ्यर्थियों का प्रवेश शुरू हो गया था। प्रवेश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों ने अभ्यर्थियों की तलाशी ली तथा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश दिया। किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या प्रतिबंधित वस्तु अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। अभ्यर्थियों का सामान उनके अभिभावकों को सौंपा गया। जिन अभ्यर्थियों के साथ कोई नहीं था उनका सामान केंद्र के पास निर्धारित स्थान पर रखवाया गया।
परीक्षा केंद्रों के आसपास बंद रहीं दुकानें
परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित कोचिंग संस्थान, फोटोस्टेट केंद्र, स्टेशनरी और अन्य संबंधित व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। रविवार होने के कारण मुख्य सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही जिससे अभिभावकों को निजी वाहनों की पार्किंग में विशेष परेशानी नहीं हुई। परीक्षा केंद्रों के आसपास पीसीआर और पुलिस राईडर लगातार गश्त करते दिखाई दिए।
परीक्षा के लिए मैंने काफी समय पहले से तैयारी कर ली थी लेकिन अचानक पेपर रद्द होने की सूचना से मैं निराश हो गई थी। परीक्षा में अधिकांश सवाल कठिन थे मगर जीव विज्ञान के प्रश्न पाठ्यक्रम से संबंधित ही रहे। मुझे उम्मीद है कि मैं अपने प्रयास में सफल रहूंगी। -नैन्सी, सैय गांव निवासी
मैं परीक्षा को लेकर काफी समय से तनाव में थी। मुझे कुछ सवालों को हल करने में समय का विशेष प्रबंधन करना पड़ा। परीक्षा के बाद अब हल्का महसूस कर रही हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरा यह प्रयास सफल रहेगा। -गरीमा, बवानीखेड़ा निवासी
मैं अपने पिता के साथ यहां परीक्षा देने आई हूं। मुझे परीक्षा में भौतिकी और रसायन के सवाल कठिन लगे लेकिन मैंने उन्हें सुलझा लिया। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा रैंक हासिल करने के अपने प्रयास में सफल रहूंगी। -प्रीति, दादरी निवासी
नीट परीक्षा रद्द होने का मुझे दुख हुआ था लेकिन मुझे तैयारी के लिए अतिरिक्त समय भी मिल गया। मैंने उसका पूरा फायदा उठाया। परीक्षा में अपना बेहतर प्रदर्शन कर आई हूं। मुझे उम्मीद है कि उसी अनुरूप अंक मिलेंगे। -अलका, चरखी दादरी निवासी
नीट में पूछे गए सवाल पाठ्यक्रम से जुड़े थे मगर उन्हें काफी घुमाकर पूछा गया था। इसी वजह से सवालों को हल करने में काफी समय लग रहा था। परीक्षा के दौरान मैंने एकाग्रता बनाए रखी और अपनी तैयारी के अनुसार प्रश्नों को हल किया। -प्रियांशी, चरखी दादरी निवासी
मुझे परीक्षा शुरू होने से पहले काफी घबराहट हो रही थी मगर प्रश्नों को एक-एक कर हल करना शुरू किया तो सहज महसूस करने लगी। तय समय में सभी सवालों को हल करना बड़ी चुनौती रहा क्योंकि कई सवालों को काफी घुमाकर पूछा गया था। -वंदना, खरकड़ा हांसी निवासी
मेरा बचपन से ही डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना रहा है। इस सपने को साकार करने के लिए मैंने अपनी पूरी क्षमता के अनुसार परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है। मुझे उम्मीद है कि मैं अपने प्रयास में सफल रहूंगी।
-सलोनी, भिवानी निवासी
परीक्षा में पूछे गए भौतिकी और रसायन के सवाल कठिन थे मगर जीव विज्ञान सामान्य था। मुझे सवाल हल करने में काफी समय लगा। इसी वजह से समय का संतुलित प्रबंधन करना पड़ा। नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा कि मेरा प्रयास कितना सफल रहा। -रुद्राक्ष, भिवानी निवासी
नीट की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम की मांग
नीट का पेपर रद्द होने से बच्चों को काफी निराशा का सामना करना पड़ा। इस तरह की परीक्षा को उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों के तहत ही संचालित किया जाना चाहिए। यदि परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो यह होनहार विद्यार्थियों के साथ बेईमानी है। -मनोज, अभिभावक, चरखी दादरी निवासी
नीट देशभर के लाखों बच्चों की उम्मीदों की परीक्षा है जिसके जरिए वे अपने सपनों को उड़ान देते हैं। इस परीक्षा की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त और उच्च स्तरीय निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दिक्कतें न आएं। -बिजेंद्र, बवानीखेड़ा निवासी, अभिभावक
मैं अपनी बेटी प्रियांशी को परीक्षा दिलाने आया हूं। जब तक वह परीक्षा केंद्र से बाहर नहीं आई तब तक मेरे लिए भी इंतजार की परीक्षा रही। मुझे उम्मीद है कि उसने अपनी तैयारी के अनुरूप सवालों को हल करने का प्रयास किया होगा। परीक्षा रद्द होने की सूचना से वह पहले निराश हो गई थी। -अरुण सांगवान, चरखी दादरी निवासी, अभिभावक
नीट की जिम्मेदारी ऐसी एजेंसी को मिलनी चाहिए जिसमें पेपर लीक या किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न हो। बच्चों ने परीक्षा के लिए काफी मेहनत की थी। जब उनके सामने पेपर लीक जैसी बातें आती हैं तो उनका मनोबल टूट जाता है। -राजकुमार, सैय निवासी, अभिभावक