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Bhiwani News: सीबीएलयू ओल्ड कैंपस में 12 से तीन दिवसीय एमएसएमई प्रदर्शनी मेला
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भिवानी। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए 12 से 14 मार्च तक चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) के ओल्ड कैंपस में तीन दिवसीय एमएसएमई प्रदर्शनी मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में पारंपरिक कारीगर और दस्तकार अपनी हस्तनिर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन कर सकेंगे तथा उत्पादों की बिक्री भी कर पाएंगे।
इच्छुक कारीगर-दस्तकार स्टॉल के लिए आवेदन करने के लिए विभाग के कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 01664-243200 या 9017109998 पर रचना त्रिपाठी, सहायक निदेशक प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.msmedikarnal.gov.in भी देखी जा सकती है।
सहायक निदेशक प्रभारी रचना त्रिपाठी ने बताया कि सरकार द्वारा विश्वकर्मा कारीगरों और दस्तकारों को सशक्त बनाने के लिए पांच वर्षों 2023-24 से 2027-28 तक 13 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। मेले में कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री, सुनार, मालाकार सहित गुड़िया, चटाई, टोकरी और खिलौने बनाने वाले शिल्पकार अपनी हस्तनिर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन करेंगे। योजना का उद्देश्य स्थानीय व क्षेत्रीय कारीगरों के हस्तशिल्प उत्पादों को सीधे बिना बिचौलिये के उचित दाम पर बेचना तथा पारंपरिक हुनर को व्यवसाय से जोड़ना है।
प्रदर्शनी के दौरान कारीगरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को यदि कोई समस्या आ रही है तो वे इस दौरान अपने आवेदन पत्र भी जमा करवा सकते हैं। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्टॉल का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। साथ ही स्टॉल धारकों को चाय और दोपहर का भोजन भी निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।
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इच्छुक कारीगर-दस्तकार स्टॉल के लिए आवेदन करने के लिए विभाग के कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 01664-243200 या 9017109998 पर रचना त्रिपाठी, सहायक निदेशक प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.msmedikarnal.gov.in भी देखी जा सकती है।
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सहायक निदेशक प्रभारी रचना त्रिपाठी ने बताया कि सरकार द्वारा विश्वकर्मा कारीगरों और दस्तकारों को सशक्त बनाने के लिए पांच वर्षों 2023-24 से 2027-28 तक 13 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। मेले में कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री, सुनार, मालाकार सहित गुड़िया, चटाई, टोकरी और खिलौने बनाने वाले शिल्पकार अपनी हस्तनिर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन करेंगे। योजना का उद्देश्य स्थानीय व क्षेत्रीय कारीगरों के हस्तशिल्प उत्पादों को सीधे बिना बिचौलिये के उचित दाम पर बेचना तथा पारंपरिक हुनर को व्यवसाय से जोड़ना है।
प्रदर्शनी के दौरान कारीगरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को यदि कोई समस्या आ रही है तो वे इस दौरान अपने आवेदन पत्र भी जमा करवा सकते हैं। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्टॉल का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। साथ ही स्टॉल धारकों को चाय और दोपहर का भोजन भी निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।