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Chandigarh-Haryana News: यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए 8 नए सीईटीपी लगेंगे
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- 2027 तक गंदा पानी पूरी तरह रोकने का लक्ष्य
- सीएम सैनी ने गंदा पानी छोड़ने वाले उद्योगों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यमुना कैचमेंट एरिया में 147.5 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) क्षमता के 8 नए सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाए जाएंगे। ये प्लांट फरीदाबाद के प्रतापगढ़, मिर्जापुर, बादशाहपुर, गुरुग्राम के सेक्टर 18, 34 और 37, पानीपत के सेक्टर 29 और सोनीपत के कुंडली में स्थापित होंगे। वहीं यमुनानगर के परवालू में 19.5 एमएलडी का एक प्लांट पहले से निर्माणाधीन है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य है 2027 के अंत तक यमुना में एक भी बूंद गंदा पानी नहीं जाने दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी यमुना क्षेत्र में 1543 एमएलडी क्षमता के 91 एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) काम कर रहे हैं। इनमें से 41 प्लांट पिछले पांच साल में बने हैं और 11 नए प्लांट तैयार किए जा रहे हैं जिससे शोधन क्षमता और बढ़ेगी।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली से 211 एमएलडी बिना साफ किया गया पानी हरियाणा में आता है जिसे यहां ट्रीट करके भेजा जाता है। सीएम ने कहा कि इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। साथ ही कई उद्योग नियमों की अनदेखी कर गंदा पानी छोड़ रहे हैं। इस पर सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि बिना शोधन के पानी नालों में नहीं छोड़ा जाए।
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- सीएम सैनी ने गंदा पानी छोड़ने वाले उद्योगों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यमुना कैचमेंट एरिया में 147.5 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) क्षमता के 8 नए सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाए जाएंगे। ये प्लांट फरीदाबाद के प्रतापगढ़, मिर्जापुर, बादशाहपुर, गुरुग्राम के सेक्टर 18, 34 और 37, पानीपत के सेक्टर 29 और सोनीपत के कुंडली में स्थापित होंगे। वहीं यमुनानगर के परवालू में 19.5 एमएलडी का एक प्लांट पहले से निर्माणाधीन है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य है 2027 के अंत तक यमुना में एक भी बूंद गंदा पानी नहीं जाने दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी यमुना क्षेत्र में 1543 एमएलडी क्षमता के 91 एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) काम कर रहे हैं। इनमें से 41 प्लांट पिछले पांच साल में बने हैं और 11 नए प्लांट तैयार किए जा रहे हैं जिससे शोधन क्षमता और बढ़ेगी।
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बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली से 211 एमएलडी बिना साफ किया गया पानी हरियाणा में आता है जिसे यहां ट्रीट करके भेजा जाता है। सीएम ने कहा कि इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। साथ ही कई उद्योग नियमों की अनदेखी कर गंदा पानी छोड़ रहे हैं। इस पर सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि बिना शोधन के पानी नालों में नहीं छोड़ा जाए।

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