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Chandigarh-Haryana News: गुणवत्ता में खामियां मिलने पर छह अधिकारी निलंबित
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क्यूएए की तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के बाद लोक निर्माण विभाग व विकास एवं पंचायत विभाग के तीन-तीन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई की है। गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (क्यूएए) की तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) और विकास एवं पंचायत विभाग के तीन-तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की एक परियोजना में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार से रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
चंडीगढ़ में आयोजित गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तकनीकी ऑडिट के निष्कर्षों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विभागों को ऑडिट में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि उनकी टीमों ने भवन, सड़क, सिंचाई, जनस्वास्थ्य और विद्युत क्षेत्रों की 64 परियोजनाओं का तकनीकी ऑडिट किया। ऑडिट के दायरे में लोक निर्माण विभाग की 18, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पांच, सिंचाई विभाग की चार, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 14, एचएसआईआईडीसी की तीन, एचएसवीपी की तीन, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की सात व अन्य विभागों की परियोजनाएं शामिल थीं।
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ऑडिट को औपचारिकता न समझें, ठेकेदारों से नुकसान की भरपाई करवाएं
: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी ऑडिट केवल जांच की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुधार का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं में सामने आने वाली कमियों को गंभीरता से लिया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों व एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। बोले-जहां आवश्यक हो वहां दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और ठेकेदारों से नुकसान की भरपाई भी कराई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सलाहकार केवल तकनीकी सहायता देंगे जबकि परियोजनाओं के डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
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थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और मॉनिटरिंग एजेंसियां लगाने को कहा
मुख्यमंत्री ने निर्धारित श्रेणी की सभी परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और मॉनिटरिंग एजेंसियों की नियुक्ति अनिवार्य करने के निर्देश दिए। आगामी मानसून को देखते हुए सड़कों के किनारे नालों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी शीघ्र तय करने को भी कहा ताकि बरसात के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न आए।
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई की है। गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (क्यूएए) की तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) और विकास एवं पंचायत विभाग के तीन-तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की एक परियोजना में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार से रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
चंडीगढ़ में आयोजित गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तकनीकी ऑडिट के निष्कर्षों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विभागों को ऑडिट में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
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बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि उनकी टीमों ने भवन, सड़क, सिंचाई, जनस्वास्थ्य और विद्युत क्षेत्रों की 64 परियोजनाओं का तकनीकी ऑडिट किया। ऑडिट के दायरे में लोक निर्माण विभाग की 18, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पांच, सिंचाई विभाग की चार, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 14, एचएसआईआईडीसी की तीन, एचएसवीपी की तीन, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की सात व अन्य विभागों की परियोजनाएं शामिल थीं।
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: मुख्यमंत्री
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थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और मॉनिटरिंग एजेंसियां लगाने को कहा
मुख्यमंत्री ने निर्धारित श्रेणी की सभी परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और मॉनिटरिंग एजेंसियों की नियुक्ति अनिवार्य करने के निर्देश दिए। आगामी मानसून को देखते हुए सड़कों के किनारे नालों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी शीघ्र तय करने को भी कहा ताकि बरसात के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न आए।