फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   The contract will be awarded only if the solar plant is commissioned within three months and maintained for seven years.

Chandigarh-Haryana News: साैर संयंत्र 3 माह में चालू कर 7 साल देखरेख करनी होगी, तभी मिलेगा ठेका

विज्ञापन
- सरकारी साैर परियोजनाओं के लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए
विज्ञापन

- 350 ऑफ-ग्रिड संयंत्र और 3000 सोलर हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी

कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी साैर परियोजनाओं के लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए ठेकेदारों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग और हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी ने 350 ऑफ-ग्रिड सोलर पावर प्लांट लगाने के रेट कॉन्ट्रैक्ट में चयनित एजेंसी के लिए सात साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी तय की है। एक से तीन किलोवाट क्षमता वाले इन संयंत्रों को कार्यादेश मिलने के तीन माह के भीतर स्थापित कर चालू करना होगा। सौर संयंत्र लगाने के लिए 448.50 करोड़ रुपये का वार्षिक रेट कॉन्ट्रैक्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 3000 सोलर हाई मास्ट लाइटें लगाने की भी मंजूरी दी गई है।

नई शर्तों के तहत कार्यादेश मिलने के बाद एजेंसी के लिए शीघ्र उपकरण पहुंचाकर काम शुरू करना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि तीन माह में संयंत्र स्थापित कर चालू करना पड़ेगा। चयनित कंपनियों के लिए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में औसतन 134.55 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार, सकारात्मक नेटवर्थ और कम से कम 40 मेगावाट सौर परियोजनाएं स्थापित करने का अनुभव अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन


पहले स्थापना, अब सात साल की जवाबदेही
पहले सौर संयंत्र लगाने वाले ठेकेदार की मुख्य जिम्मेदारी आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और संयंत्र चालू करने तक रहती थी। रखरखाव की व्यवस्था संबंधित योजना और अनुबंध की शर्तों के अनुसार होती थी। अब स्थापना के साथ सात साल का व्यापक रखरखाव भी ठेकेदार को ही करना होगा। इससे संयंत्र में खराबी आने पर सरकारी विभाग को बार-बार अलग से मरम्मत की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


350 संयंत्र हरियाणा-चंडीगढ़ में लगेंगे
एक से तीन किलोवाट क्षमता के 350 ऑफ-ग्रिड संयंत्र हरियाणा और चंडीगढ़ में जरूरत के अनुसार लगाए जाएंगे। कंपनी को पहले स्थल का निरीक्षण करना होगा। विभाग की जांच और मंजूरी के बाद ही सामग्री की आपूर्ति होगी। परियोजनाओं में भारत में निर्मित और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की एएलएमएम सूची में शामिल मॉड्यूल ही लगाए जा सकेंगे। सिस्टम इंटीग्रेटर को निर्माता का टाईअप प्रमाणपत्र देना होगा। हरियाणा के प्रत्येक मंडल स्तर पर कम से कम एक सेवा केंद्र भी स्थापित करना अनिवार्य होगा।




हरियाणा में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ यह भी जरूरी है कि लगाए गए संयंत्र लंबे समय तक बेहतर ढंग से काम करें। सात साल के रखरखाव और समयबद्ध स्थापना की शर्त से जवाबदेही तय होगी। इससे सरकारी संस्थानों को भरोसेमंद स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी और बिजली खर्च घटाने में भी मदद मिलेगी।

अनिल विज, ऊर्जा मंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed