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Chandigarh-Haryana News: हत्यारोपी बहू का ट्रायल पूरा करने की मांग खारिज
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सास की हत्या के मामले में आरोपी पत्नी को नाबालिग मानने के आदेश को चुनौती देने वाली पति की याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने आरोपी की नाबालिग उम्र और अत्यंत कम आयु में विवाह को महत्वपूर्ण मानते हुए कहा कि उस स्तर पर उसकी मानसिक और भावनात्मक परिपक्वता पूर्ण रूप से विकसित नहीं थी।
न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने अपने आदेश में कहा कि इतनी कम उम्र में किसी बच्चे से स्वतंत्र रूप से सही और परिपक्व निर्णय लेने की अपेक्षा नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कम उम्र में बच्चों की संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमताएं विकासशील अवस्था में होती हैं। यह मामला 23 जून 2020 की घटना से जुड़ा है, जब घरेलू विवाद के बाद कथित तौर पर बहू ने अपनी सास पर केरोसिन तेल डालकर आग लगा दी थी। पीड़िता की जुलाई 2020 में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। ब्यूरो
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न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने अपने आदेश में कहा कि इतनी कम उम्र में किसी बच्चे से स्वतंत्र रूप से सही और परिपक्व निर्णय लेने की अपेक्षा नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कम उम्र में बच्चों की संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमताएं विकासशील अवस्था में होती हैं। यह मामला 23 जून 2020 की घटना से जुड़ा है, जब घरेलू विवाद के बाद कथित तौर पर बहू ने अपनी सास पर केरोसिन तेल डालकर आग लगा दी थी। पीड़िता की जुलाई 2020 में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। ब्यूरो
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