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Charkhi Dadri News: दूषित जलभराव से व्यापारियों में रोष
Mon, 10 Aug 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:35 AM IST
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रेलवे रोड पर रोष प्रदर्शन करते नगरवासी।
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चरखी दादरी। बारिश के बाद पुरानी सब्जी मंडी रोड पर दुकानों में दूषित पानी भर गया जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। रविवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता जगबीर घसौला की मौजूदगी में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और दुकानदारों ने प्रदर्शन किया।
उन्होंने जलभराव वाली सड़क पर खड़े होकर सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जगबीर घसौला ने कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों से जल निकासी की योजनाएं बन रही हैं पर स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के अधिकारी भ्रष्टाचार पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। इस कारण हर वर्ष व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान होता है। किसान यूनियन ने जलभराव के लिए एक प्रतीकात्मक रोड मैप तैयार किया है।
इसके तहत सड़क के दोनों ओर तीन-तीन फीट मिट्टी डालकर दुकानों को सुरक्षित करने का सुझाव है। बीच के हिस्से में धान की खेती करने की बात कही गई है। धान की पैदावार से होने वाली आय प्रभावित व्यापारियों को मुआवजे के रूप में मिलेगी। इस मांग को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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कपड़ा मार्केट प्रधान सत्यपाल जुनेजा ने कहा कि हर वर्ष जल निकासी के लिए सरकार से बजट मिलता है। इसके बावजूद धरातल पर अपेक्षित कार्य नहीं होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है। इससे शहर में जलभराव की समस्या बनी हुई है और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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उन्होंने जलभराव वाली सड़क पर खड़े होकर सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जगबीर घसौला ने कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों से जल निकासी की योजनाएं बन रही हैं पर स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के अधिकारी भ्रष्टाचार पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। इस कारण हर वर्ष व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान होता है। किसान यूनियन ने जलभराव के लिए एक प्रतीकात्मक रोड मैप तैयार किया है।
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इसके तहत सड़क के दोनों ओर तीन-तीन फीट मिट्टी डालकर दुकानों को सुरक्षित करने का सुझाव है। बीच के हिस्से में धान की खेती करने की बात कही गई है। धान की पैदावार से होने वाली आय प्रभावित व्यापारियों को मुआवजे के रूप में मिलेगी। इस मांग को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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कपड़ा मार्केट प्रधान सत्यपाल जुनेजा ने कहा कि हर वर्ष जल निकासी के लिए सरकार से बजट मिलता है। इसके बावजूद धरातल पर अपेक्षित कार्य नहीं होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है। इससे शहर में जलभराव की समस्या बनी हुई है और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।