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Charkhi Dadri News: चकबंदी न होने से किसानों की नहीं बन पा रही यूनिक आईडी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:05 AM IST
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चरखी दादरी। गांव ढाणी फाेगाट की कृषि जमीन गांव सांजरवास के पास फोगाट गांव के पोर्टल पर दिख रही है जबकि फोगाट की जमीन ढाणी फोगाट के पोर्टल पर दिख रही है। वहीं गांव गुडाना व ढाणी फोगाट में चकबंदी न होने से किसानों की कृषि जमीन की यूनिक आईडी नहीं बन पा रही है। किसान आए दिन कार्यालयों के चक्कर काटने को विवश हैं। अब तक जिले में 67 हजार में से करीब 38 हजार किसानों की यूनिक आईडी बन चुकी है।
सरकार ने मकानों एवं प्लॉट की प्रॉपटी आईडी बनाने के बाद अब खेती की जमीन की भी प्रत्येक किसान की यूनिक आईडी बनाने का काम शुरू कर रखा है। यूनिक आईडी के माध्यम से किसान को उसकी जमीन का पूरा विवरण ऑनलाइन देखने को मिलेगा। किसान को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। आईडी बनने से किसान के हिस्से में मौजूद पूरी जमीन दर्शाई जाएगी। जमीन की रजिस्ट्री बनवाने, खरीद एवं फरोख्त करने में सुगमता हो सकेगी। किसान का अपना अलग हिस्सा दिखाई देगा। इसके अलावा योजनाओं का लाभ भी आईडी के आधार पर मिलेगा।
अधिकतर गांवों में किसानों की खतूनी इक्ट्ठी हैं। ऐसे में उन परिवारों को काफी दिक्कतें आ रही है। खतूनी इक्ट्ठी होने से कई बार आपसी विवाद भी होते रहते हैं। सरकार की ओर से जब इस जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो मिलने वाले मुआवजा के बंटवारे की वजह से भी जमीन के हिस्सेदारों में विवाद होते रहे हैं।
इस समय जिले में यूनिक आईडी बनाने का काम गांव स्तर पर जारी है। कृषि, राजस्व विभाग के कर्मचारी गांवों में शिविर लगाकर किसानों की आईडी बना रहे हैं। आईडी बनवाने के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर आदि की जरूरत होती है। कई गांवों में जमाबंदी और आधार कार्ड में किसान का नाम एक जैसा न होने से भी दिक्कत बन रही है। किसानों ने इस समस्या का विकल्प तैयार करने की मांग की है।
गांव ढाणी फोगाट में आजादी के बाद से चकबंदी नहीं हुई है। गांव का जमीनी रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हो सका है। ऐसे में गांव के किसानों को अनेक प्रकार की कागजी दिक्कतें आ रही हैं। इस समय ढाणी फोगाट का जमीन रिकॉर्ड गांव फोगाट के पोर्टल पर दिख रहा है। फोगाट का रिकॉर्ड ढाणी फोगाट के पोर्टल पर है। सरकार को किसानों की इन समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए। इसके लिए विकल्प तैयार करना चाहिए ताकि किसानों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। किसान पहले ही सरकार की नीतियों से परेशान हैं। किसान को खराब फसल का मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। - हरपाल सिंह भांडवा, अध्यक्ष भाकियू
जल्द इन गांवों के किसानों की समस्या को दूर करवाया जाएगा। किसानों को यूनिक आईडी बनवाने में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। ऐसे मामले विभाग के संज्ञान में हैं।- जितेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी, दादरी।
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सरकार ने मकानों एवं प्लॉट की प्रॉपटी आईडी बनाने के बाद अब खेती की जमीन की भी प्रत्येक किसान की यूनिक आईडी बनाने का काम शुरू कर रखा है। यूनिक आईडी के माध्यम से किसान को उसकी जमीन का पूरा विवरण ऑनलाइन देखने को मिलेगा। किसान को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। आईडी बनने से किसान के हिस्से में मौजूद पूरी जमीन दर्शाई जाएगी। जमीन की रजिस्ट्री बनवाने, खरीद एवं फरोख्त करने में सुगमता हो सकेगी। किसान का अपना अलग हिस्सा दिखाई देगा। इसके अलावा योजनाओं का लाभ भी आईडी के आधार पर मिलेगा।
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अधिकतर गांवों में किसानों की खतूनी इक्ट्ठी हैं। ऐसे में उन परिवारों को काफी दिक्कतें आ रही है। खतूनी इक्ट्ठी होने से कई बार आपसी विवाद भी होते रहते हैं। सरकार की ओर से जब इस जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो मिलने वाले मुआवजा के बंटवारे की वजह से भी जमीन के हिस्सेदारों में विवाद होते रहे हैं।
इस समय जिले में यूनिक आईडी बनाने का काम गांव स्तर पर जारी है। कृषि, राजस्व विभाग के कर्मचारी गांवों में शिविर लगाकर किसानों की आईडी बना रहे हैं। आईडी बनवाने के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर आदि की जरूरत होती है। कई गांवों में जमाबंदी और आधार कार्ड में किसान का नाम एक जैसा न होने से भी दिक्कत बन रही है। किसानों ने इस समस्या का विकल्प तैयार करने की मांग की है।
गांव ढाणी फोगाट में आजादी के बाद से चकबंदी नहीं हुई है। गांव का जमीनी रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हो सका है। ऐसे में गांव के किसानों को अनेक प्रकार की कागजी दिक्कतें आ रही हैं। इस समय ढाणी फोगाट का जमीन रिकॉर्ड गांव फोगाट के पोर्टल पर दिख रहा है। फोगाट का रिकॉर्ड ढाणी फोगाट के पोर्टल पर है। सरकार को किसानों की इन समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए। इसके लिए विकल्प तैयार करना चाहिए ताकि किसानों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। किसान पहले ही सरकार की नीतियों से परेशान हैं। किसान को खराब फसल का मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। - हरपाल सिंह भांडवा, अध्यक्ष भाकियू
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कैथल के सेक्टर 18 में बना बड़ा गड्ढा।

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