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Charkhi Dadri News: उमस बढ़ी, बिजली घटी<bha>;</bha> सूखे की ओर बढ़ते खेत
Mon, 20 Jul 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:03 AM IST
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बाढड़ा। जुलाई माह के तीसरे सप्ताह तक बारिश न होने और लगातार बढ़ रही उमस भरी गर्मी के बीच बाढड़ा उपमंडल क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती ने ग्रामीणों और किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। घरेलू उपभोक्ताओं को भी निर्धारित समय पर बिजली नहीं मिल पा रही जबकि कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति नाममात्र होने से सिंचाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इससे कपास, ग्वार, बाजरा और सब्जियों की फसल पर संकट गहरा गया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ओवरलोड होकर बंद हो रहे ट्रांसफार्मर
उपमंडल के कादमा, झोझू कलां, जुई कलां, बेरला और आदमपुर डाढी सहित 44 एमवीए बिजली घरों से करीब चार दर्जन गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। किसानों का आरोप है कि इन क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से सिंचाई बाधित हो रही है। गांवों में बिजली आने और जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार लंबे इंतजार के बाद बिजली आती है तो ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर बंद हो जाते हैं जिससे फिर अघोषित कट लग जाता है।
फसलें हो रहीं प्रभावित
किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले ही बारिश न होने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में सिंचाई के लिए बिजली भी नहीं मिल रही है। अगेती कपास, ग्वार और बाजरे की फसलें सूखने लगी हैं जबकि सब्जियों की बिजाई भी प्रभावित हो रही है। यदि अगले दो दिनों में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो कई गांवों में कपास की फसल पूरी तरह नष्ट होने की आशंका है।
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किसानों की मेहनत पर पानी
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष हरपाल भांडवा, महासचिव राधेश्याम शर्मा, पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, किसान सतपाल श्योराण, धर्मेंद्र श्योराण, विकास, दीपक, प्रवीण श्योराण, राजेंद्र सिंह और आनंद कुमार ने कहा कि किसान महंगे खाद और बीज खरीदकर खेती करते हैं लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसान संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
धीरे-धीरे सुधारी जा रही बिजली व्यवस्था : सहायक अभियंता
बाढड़ा बिजली विभाग के सहायक अभियंता रामसिंह ने बताया कि मानसून सक्रिय न होने से बिजली की मांग अचानक बढ़ गई थी जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई। विभाग लगातार व्यवस्था में सुधार कर रहा है। कृषि और घरेलू दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने किसानों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि लगभग एक सप्ताह के भीतर नियमित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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ओवरलोड होकर बंद हो रहे ट्रांसफार्मर
उपमंडल के कादमा, झोझू कलां, जुई कलां, बेरला और आदमपुर डाढी सहित 44 एमवीए बिजली घरों से करीब चार दर्जन गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। किसानों का आरोप है कि इन क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से सिंचाई बाधित हो रही है। गांवों में बिजली आने और जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार लंबे इंतजार के बाद बिजली आती है तो ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर बंद हो जाते हैं जिससे फिर अघोषित कट लग जाता है।
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फसलें हो रहीं प्रभावित
किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले ही बारिश न होने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में सिंचाई के लिए बिजली भी नहीं मिल रही है। अगेती कपास, ग्वार और बाजरे की फसलें सूखने लगी हैं जबकि सब्जियों की बिजाई भी प्रभावित हो रही है। यदि अगले दो दिनों में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो कई गांवों में कपास की फसल पूरी तरह नष्ट होने की आशंका है।
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किसानों की मेहनत पर पानी
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष हरपाल भांडवा, महासचिव राधेश्याम शर्मा, पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, किसान सतपाल श्योराण, धर्मेंद्र श्योराण, विकास, दीपक, प्रवीण श्योराण, राजेंद्र सिंह और आनंद कुमार ने कहा कि किसान महंगे खाद और बीज खरीदकर खेती करते हैं लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसान संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
धीरे-धीरे सुधारी जा रही बिजली व्यवस्था : सहायक अभियंता
बाढड़ा बिजली विभाग के सहायक अभियंता रामसिंह ने बताया कि मानसून सक्रिय न होने से बिजली की मांग अचानक बढ़ गई थी जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई। विभाग लगातार व्यवस्था में सुधार कर रहा है। कृषि और घरेलू दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने किसानों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि लगभग एक सप्ताह के भीतर नियमित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।