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Charkhi Dadri News: किसान महापंचायत में फ्री ट्रेड डील और स्मार्ट मीटर का विरोध, वांगचुक के समर्थन में आज से धरना शुरू
Mon, 20 Jul 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:58 AM IST
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कस्बे के अनाज मंडी में आयोजित पंचायत को संबोधित करते किसान नेता सुरेश कोथ।
- फोटो : 1
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बाढड़ा। अमेरिका के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील (एफटीए) और कृषि ट्यूबवेलों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में रविवार को बाढड़ा की नई अनाज मंडी में श्योराण खाप-25 के अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला की अध्यक्षता में किसान महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में किसानों ने कृषि हितों की रक्षा, ट्यूबवेलों पर वर्तमान बिजली स्लैब व्यवस्था बनाए रखने और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
महापंचायत को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कोथ ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार को ऐसी कोई नीति लागू नहीं करनी चाहिए, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील भारतीय कृषि के लिए घातक साबित होगी। इससे छोटे और मध्यम किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
कृषि नीति नहीं स्वीकार
उन्होंने कहा कि किसान किसी भी कीमत पर विदेशी दबाव में बनाई गई कृषि नीति स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना था कि आजादी के बाद किसी भी सरकार ने कृषि क्षेत्र को पूरी तरह विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं खोला लेकिन वर्तमान सरकार ऐसा करने की तैयारी में है। इसका असर केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सब्जी, फल, मक्का, कपास, सरसों, मोटे अनाज, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन से जुड़े लाखों परिवार भी प्रभावित होंगे।
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स्मार्ट मीटर से पड़ेगा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
सुरेश कोथ ने दक्षिण हरियाणा में कृषि ट्यूबवेलों की मौजूदा बिजली स्लैब व्यवस्था समाप्त किए जाने की आशंका जताते हुए कहा कि सरकार एग्रो डिस्कॉम कंपनी के माध्यम से स्मार्ट मीटर लगाकर किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसान इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
महापंचायत में भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष राजकुमार हड़ौदी ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाया। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर क्षेत्र में कृषि ट्यूबवेलों पर स्मार्ट मीटर नहीं लगाने, प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील वापस लेने, स्वीकृत फसल मुआवजा किसानों के खातों में जारी करने, छूटे हुए गांवों को योजना में शामिल करने तथा लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जल्द जारी करने की मांग की गई। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन को तेज किया जाएगा।
आज से सोनम वांगचुक के समर्थन में धरना
श्योराण खाप-25 के अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया है। इसके विरोध में 20 जुलाई से बाढड़ा की नई अनाज मंडी में उनके समर्थन में धरना शुरू किया जाएगा। महापंचायत में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील धानक, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान, जजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश द्वारका, हलका अध्यक्ष विजय श्योराण, महासचिव राजेश भांडवा, राजेंद्र हुई, पूर्व विधायक रणबीर मंदौला, पूर्व पार्षद सुमित डूडीवाला व जयबीर नांधा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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महापंचायत को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कोथ ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार को ऐसी कोई नीति लागू नहीं करनी चाहिए, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील भारतीय कृषि के लिए घातक साबित होगी। इससे छोटे और मध्यम किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
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कृषि नीति नहीं स्वीकार
उन्होंने कहा कि किसान किसी भी कीमत पर विदेशी दबाव में बनाई गई कृषि नीति स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना था कि आजादी के बाद किसी भी सरकार ने कृषि क्षेत्र को पूरी तरह विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं खोला लेकिन वर्तमान सरकार ऐसा करने की तैयारी में है। इसका असर केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सब्जी, फल, मक्का, कपास, सरसों, मोटे अनाज, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन से जुड़े लाखों परिवार भी प्रभावित होंगे।
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स्मार्ट मीटर से पड़ेगा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
सुरेश कोथ ने दक्षिण हरियाणा में कृषि ट्यूबवेलों की मौजूदा बिजली स्लैब व्यवस्था समाप्त किए जाने की आशंका जताते हुए कहा कि सरकार एग्रो डिस्कॉम कंपनी के माध्यम से स्मार्ट मीटर लगाकर किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसान इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
महापंचायत में भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष राजकुमार हड़ौदी ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाया। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर क्षेत्र में कृषि ट्यूबवेलों पर स्मार्ट मीटर नहीं लगाने, प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील वापस लेने, स्वीकृत फसल मुआवजा किसानों के खातों में जारी करने, छूटे हुए गांवों को योजना में शामिल करने तथा लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जल्द जारी करने की मांग की गई। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन को तेज किया जाएगा।
आज से सोनम वांगचुक के समर्थन में धरना
श्योराण खाप-25 के अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया है। इसके विरोध में 20 जुलाई से बाढड़ा की नई अनाज मंडी में उनके समर्थन में धरना शुरू किया जाएगा। महापंचायत में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील धानक, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान, जजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश द्वारका, हलका अध्यक्ष विजय श्योराण, महासचिव राजेश भांडवा, राजेंद्र हुई, पूर्व विधायक रणबीर मंदौला, पूर्व पार्षद सुमित डूडीवाला व जयबीर नांधा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।