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Charkhi Dadri News: बारिश ने खोली स्कूल की व्यवस्थाओं की पोल, लैब और रिकॉर्ड रूम में घुटनों तक भरा पानी
Sat, 08 Aug 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:48 PM IST
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रिकॉर्ड रूम में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर के सरदार झाडू सिंह चौक स्थित शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल में दो दिन हुई तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। बारिश के कुछ ही घंटों में पूरा स्कूल परिसर जलमग्न हो गया। हालात इतने खराब रहे कि भूगोल लैब, कैमिस्ट्री लैब, रिकॉर्ड रूम, मिड-डे-मील कक्ष समेत कई कमरों में घुटनों तक पानी भर गया।
कमरों में रखा फर्नीचर, महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, प्रयोगशाला का सामान और अन्य सामग्री पानी में डूब गई। इससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। शुक्रवार सुबह 8 बजे से शनिवार देर रात तक दादरी में करीब 140 एमएम, बाढड़ा में 44 और बौंद में 43 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भी कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा।
कुछ दिन पहले नीचे शिफ्ट की थी लैब
विडंबना यह है कि कुछ दिन पहले ही स्कूल प्रशासन ने लैब को नीचे वाले कमरों में शिफ्ट किया था। पहली तेज बारिश में ही इन कमरों में पानी भर गया और लैब का सामान डूब गया। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रयोगशाला संबंधी गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।
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8-9 साल से हर बारिश में यही हाल
स्कूल से जुड़े लोगों के अनुसार जलभराव की समस्या नई नहीं है। पिछले आठ से नौ वर्षों से हर बरसात में स्कूल परिसर पानी से भर जाता है। हर साल स्कूल को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। मरम्मत और जल निकासी के प्रयासों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आसपास के क्षेत्र से नीचे है स्कूल परिसर
स्कूल परिसर आसपास की सड़कों और कॉलोनियों की तुलना में नीचा है। बारिश का पानी चारों ओर से बहकर स्कूल में जमा हो जाता है। उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी कई घंटों तक जमा रहता है। इससे भवन, दीवारों, फर्नीचर और शैक्षणिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
नई बिल्डिंग की योजना भी लंबित
स्कूल प्रशासन के अनुसार नई बिल्डिंग बनाने की योजना लंबे समय से लंबित है। नई इमारत बनने से पहले जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण हर बारिश में विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी होती है। जलभराव के कारण कई कमरों का उपयोग भी मुश्किल हो जाता है।
शिक्षकों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया सामान
शनिवार को जलभराव की सूचना मिलने के बाद स्कूल स्टाफ ने कमरों से पानी निकालने और जरूरी रिकॉर्ड व उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि तेज जलभराव के कारण काफी सामान भीग गया। पानी अधिक समय तक जमा रहा तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, लैब सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को और नुकसान हो सकता है।
वर्सन
पानी कई कमरों में घुस गया है। इसे निकलवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही पानी को बाहर निकलवा दिया जाएगा।
- मालिकराम, प्राचार्य, शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल
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कमरों में रखा फर्नीचर, महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, प्रयोगशाला का सामान और अन्य सामग्री पानी में डूब गई। इससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। शुक्रवार सुबह 8 बजे से शनिवार देर रात तक दादरी में करीब 140 एमएम, बाढड़ा में 44 और बौंद में 43 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भी कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा।
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कुछ दिन पहले नीचे शिफ्ट की थी लैब
विडंबना यह है कि कुछ दिन पहले ही स्कूल प्रशासन ने लैब को नीचे वाले कमरों में शिफ्ट किया था। पहली तेज बारिश में ही इन कमरों में पानी भर गया और लैब का सामान डूब गया। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रयोगशाला संबंधी गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।
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8-9 साल से हर बारिश में यही हाल
स्कूल से जुड़े लोगों के अनुसार जलभराव की समस्या नई नहीं है। पिछले आठ से नौ वर्षों से हर बरसात में स्कूल परिसर पानी से भर जाता है। हर साल स्कूल को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। मरम्मत और जल निकासी के प्रयासों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आसपास के क्षेत्र से नीचे है स्कूल परिसर
स्कूल परिसर आसपास की सड़कों और कॉलोनियों की तुलना में नीचा है। बारिश का पानी चारों ओर से बहकर स्कूल में जमा हो जाता है। उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी कई घंटों तक जमा रहता है। इससे भवन, दीवारों, फर्नीचर और शैक्षणिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
नई बिल्डिंग की योजना भी लंबित
स्कूल प्रशासन के अनुसार नई बिल्डिंग बनाने की योजना लंबे समय से लंबित है। नई इमारत बनने से पहले जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण हर बारिश में विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी होती है। जलभराव के कारण कई कमरों का उपयोग भी मुश्किल हो जाता है।
शिक्षकों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया सामान
शनिवार को जलभराव की सूचना मिलने के बाद स्कूल स्टाफ ने कमरों से पानी निकालने और जरूरी रिकॉर्ड व उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि तेज जलभराव के कारण काफी सामान भीग गया। पानी अधिक समय तक जमा रहा तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, लैब सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को और नुकसान हो सकता है।
वर्सन
पानी कई कमरों में घुस गया है। इसे निकलवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही पानी को बाहर निकलवा दिया जाएगा।
- मालिकराम, प्राचार्य, शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल