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Charkhi Dadri News: घरों-दुकानों में घुसा पानी, सड़कों पर थम गई जिंदगी

Sat, 08 Aug 2026 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 08 Aug 2026 11:52 PM IST
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Water entered homes and shops; life on the streets came to a standstill.
मेन बाजार में भरा बारिश का पानी। 
चरखी दादरी। दादरी में लगातार दो दिनों तक हुई भारी बारिश ने शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। शुक्रवार को 65 एमएम और शनिवार सुबह तक 70 एमएम बारिश होने से पूरा शहर पानी में डूब गया।
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शहर की सड़कें नालों में बदल गईं कॉलोनियां तालाब बन गईं और लोगों के घरों व दुकानों में पानी घुस गया। हालात ऐसे रहे कि लोगों को घरों से बाहर निकलने तक में परेशानी उठानी पड़ी। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया कि जब शहर में करीब 40 करोड़ रुपये का सीवरेज प्रोजेक्ट और 15 करोड़ रुपये का स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट तैयार किया जा चुका है तो फिर हर मानसून में दादरी क्यों डूब जाता है।
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यहां हालात बदहाल
शनिवार सुबह बारिश थमने के बाद भी शहर के हालात नहीं सुधरे। रोहतक रोड, रोहतक चौक, रेलवे रोड, मेन बाजार, तहसील रोड, चंपापुरी, रविदास नगर, डूंगरवाला जोहड़, झज्जर घाटी और एमसी कॉलोनी समेत शहर का बड़ा हिस्सा कई घंटों तक जलमग्न रहा। सड़क और नाले का अंतर खत्म हो गया। जगह-जगह दो से तीन फीट तक पानी भरने से वाहन बीच रास्ते बंद हो गए। पैदल चलना तक मुश्किल हो गया।
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एमसी कॉलोनी बनी तालाब
सबसे ज्यादा परेशानी एमसी कॉलोनी के लोगों को झेलनी पड़ी। बारिश का पानी घरों में घुसने से फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू वस्तुएं खराब हो गईं। परेशान कॉलोनीवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रोष जताया। लोगों ने कहा कि हर साल यही स्थिति बनती है लेकिन स्थायी समाधान के बजाय केवल कागजी दावे किए जाते हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कॉलोनी में जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।

व्यापार हुआ ठप
शहर के व्यापार पर भी बारिश की मार साफ दिखाई दी। मेन बाजार, रेलवे रोड और रोहतक रोड स्थित सैकड़ों दुकानों में पानी भर गया। दुकानदारों को सामान बाहर निकालना पड़ा जबकि कई दुकानों में रखा लाखों रुपये का माल भीगकर खराब हो गया। जलभराव के कारण ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच सके और पूरा कारोबार ठप हो गया। दुकानदार दुकानों को बंद करके घर चले गए।

पाइप लगाकर निकला जा रहा पानी
बारिश के बाद जनस्वास्थ्य विभागों की टीमें पाइप और मोटर लगाकर पानी निकालने में जुटी रहीं लेकिन लोगों का कहना था कि यह हर साल की कहानी है। बारिश के बाद मशीनें लगाकर पानी निकालना समाधान नहीं है। यदि सीवरेज और स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट सही तरीके से काम करते तो शहर को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

करोड़ों के प्रोजेक्ट धराशायी
लगातार दूसरे दिन जलभराव ने प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली तेज बारिश में ही शहर की व्यवस्था चरमरा गई। लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से हर मानसून में दादरी की यही तस्वीर सामने आती है लेकिन जिम्मेदार विभाग न तो सबक लेते हैं और न ही स्थायी व्यवस्था करते हैं।

वर्सन:
विभाग के कर्मचारी पानी निकासी में जुटे हैं कई स्थानों से जलस्तर कम हुआ हैं शाम तक सभी इलाकों से पानी निकाल दिया जाएगा। - सोहनलाल, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।

मेन बाजार में भरा बारिश का पानी। 

मेन बाजार में भरा बारिश का पानी। 

मेन बाजार में भरा बारिश का पानी। 

मेन बाजार में भरा बारिश का पानी। 

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