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Charkhi Dadri News: लाखों के भुगतान के बाद भी अंधेरे में डूबा आरओबी, बढ़ रहा हादसों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 16 Jun 2026 01:06 AM IST
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रावलधी भिवानी लिंक मार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइटें जो बंद पड़ी है।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर का रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) इन दिनों घोर उपेक्षा का शिकार है। पिछले तीन वर्षों से इस पुल की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं जिससे रात के समय यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से 3 लाख रुपये से अधिक का बकाया बिल जमा कराए जाने के बावजूद अभी तक बिजली का कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है।
रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग क्षेत्र का एक अत्यंत व्यस्त मार्ग है जो भिवानी, लोहारू, नारनौल, रोहतक, दिल्ली व गुरुग्राम को आदि रूटों के लिए दादरी के बीच आवाजाही का मुख्य जरिया है। इस मार्ग पर बना आरओबी रात के समय रोशनी के अभाव में काला अंधेरा ओढ़ लेता है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के अनुसार पिछले तीन वर्षों से यहां लगी 30 स्ट्रीट लाइट्स बंद पड़ी हैं। इन वर्षों में प्रशासन और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इलेक्ट्रिकल शाखा के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दो साल पहले बकाया बिल के कारण कनेक्शन काटा गया था। हाल ही में पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रिकल शाखा के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने 9 महीने पहले बिजली निगम की 3 लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि का भुगतान बिजली निगम को कर दिया था। इतनी बड़ी राशि जमा होने के बाद भी बिजली चालू न होने से बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। भुगतान के बाद भी कनेक्शन बहाल न होने से न केवल आम जनता परेशान है बल्कि सरकारी धन का भी सही उपयोग सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है।
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हादसों को दावत दे रहा अंधेरा
अंधेरे के कारण इस पुल पर आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। तेज रफ्तार वाहन चालक अंधेरे में पुल के मोड़ या सड़क की स्थिति को समय रहते भांप नहीं पाते जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यहां दुपहिया वाहन चालकों के लिए चलना जान जोखिम में डालने जैसा है।
भवन निर्माण सामग्री लेकर गुजरते है अधिकांश वाहन
जिले के क्रशर जोन से निर्माण सामग्री लेकर अधिकांश भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में आरओबी की बंद पड़ी लाइटें वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। आरओबी से गुजरने वाले वाहन चालक रजनीश, रमेश कुमार, प्रवेश पासवान, धर्मेंद्र कुमार, सतीश कुमार आदि ने बताया कि सर्दी के सीजन में आरओबी पर भी गहरी धुंध का प्रकोप बन जाता है। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण यहां वाहनों के टकराने की आशंका बनी रहती है।
आरओबी से प्रतिदिन गुजरते हैं हजारों वाहन
दादरी से रोहतक, दिल्ली, झज्जर, गुरुग्राम आदि और दूसरी तरफ से आकर भिवानी, लोहारू, पिलानी, बाढड़ा की तरफ जाने वाले वाहन शहर के भीड़-भाड़ से बचाने के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा जिले के क्रशर जोन से निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाले वाहन भी यहीं से होकर गुजरते हैं। जिसके चलते यहां दिन और रात के समय वाहनों का आवागमन लगा रहता है।
वर्सन:
जब भी हमें भरे हुए बिल की रसीद दिखाई जाएगी हमारे कर्मचारी तुरंत प्रभाव से काटे गए कनेक्शन का चालू करवा देंगे। ताकि आरओबी पर छाए अंधेरे को उजाले में परिवर्तन किया जा सके।-अविनाश कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम
वर्सन:
हमने बिजली का बकाया बिल भरने के बाद निगम के अधिकारियों को कई बार दिखाया गया है लेकिन अभी तक कनेक्शन चालू नहीं करने से सभी लाइटें बंद रहती है। - अनूप सिंह, कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रिकल शाखा
रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग क्षेत्र का एक अत्यंत व्यस्त मार्ग है जो भिवानी, लोहारू, नारनौल, रोहतक, दिल्ली व गुरुग्राम को आदि रूटों के लिए दादरी के बीच आवाजाही का मुख्य जरिया है। इस मार्ग पर बना आरओबी रात के समय रोशनी के अभाव में काला अंधेरा ओढ़ लेता है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के अनुसार पिछले तीन वर्षों से यहां लगी 30 स्ट्रीट लाइट्स बंद पड़ी हैं। इन वर्षों में प्रशासन और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
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लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इलेक्ट्रिकल शाखा के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दो साल पहले बकाया बिल के कारण कनेक्शन काटा गया था। हाल ही में पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रिकल शाखा के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने 9 महीने पहले बिजली निगम की 3 लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि का भुगतान बिजली निगम को कर दिया था। इतनी बड़ी राशि जमा होने के बाद भी बिजली चालू न होने से बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। भुगतान के बाद भी कनेक्शन बहाल न होने से न केवल आम जनता परेशान है बल्कि सरकारी धन का भी सही उपयोग सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है।
हादसों को दावत दे रहा अंधेरा
अंधेरे के कारण इस पुल पर आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। तेज रफ्तार वाहन चालक अंधेरे में पुल के मोड़ या सड़क की स्थिति को समय रहते भांप नहीं पाते जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यहां दुपहिया वाहन चालकों के लिए चलना जान जोखिम में डालने जैसा है।
भवन निर्माण सामग्री लेकर गुजरते है अधिकांश वाहन
जिले के क्रशर जोन से निर्माण सामग्री लेकर अधिकांश भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में आरओबी की बंद पड़ी लाइटें वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। आरओबी से गुजरने वाले वाहन चालक रजनीश, रमेश कुमार, प्रवेश पासवान, धर्मेंद्र कुमार, सतीश कुमार आदि ने बताया कि सर्दी के सीजन में आरओबी पर भी गहरी धुंध का प्रकोप बन जाता है। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण यहां वाहनों के टकराने की आशंका बनी रहती है।
आरओबी से प्रतिदिन गुजरते हैं हजारों वाहन
दादरी से रोहतक, दिल्ली, झज्जर, गुरुग्राम आदि और दूसरी तरफ से आकर भिवानी, लोहारू, पिलानी, बाढड़ा की तरफ जाने वाले वाहन शहर के भीड़-भाड़ से बचाने के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा जिले के क्रशर जोन से निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाले वाहन भी यहीं से होकर गुजरते हैं। जिसके चलते यहां दिन और रात के समय वाहनों का आवागमन लगा रहता है।
वर्सन:
जब भी हमें भरे हुए बिल की रसीद दिखाई जाएगी हमारे कर्मचारी तुरंत प्रभाव से काटे गए कनेक्शन का चालू करवा देंगे। ताकि आरओबी पर छाए अंधेरे को उजाले में परिवर्तन किया जा सके।-अविनाश कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम
वर्सन:
हमने बिजली का बकाया बिल भरने के बाद निगम के अधिकारियों को कई बार दिखाया गया है लेकिन अभी तक कनेक्शन चालू नहीं करने से सभी लाइटें बंद रहती है। - अनूप सिंह, कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रिकल शाखा