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निदेशालय की तर्ज पर नियमों में छूट देकर फील्ड के लिपिकों की पदोन्नति करे सरकार : यशपाल सांगवान
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:44 AM IST
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एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की बैठक में शामिल लिपिक।
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चरखी दादरी। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ की जिला इकाई की बैठक जिला प्रधान यशपाल सांगवान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बतौर मुख्य अतिथि राज्य उपमहासचिव विजय लांबा ने सहभागिता की। बैठक में जिला इकाई की ओर से मांगों के लिए आंदोलन को तेज करने की रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान 12 जून को जिलास्तरीय त्रिवार्षिक सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया।
जिला प्रधान यशपाल सांगवान ने कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के साथ पदोन्नति के मामले में भेदभाव किया जा रहा है। निदेशालय की तर्ज पर नियमों में छूट देकर फील्ड के लिपिकों की पदोन्नति करनी चाहिए। इस दौरान काम के बोझ के अनुसार नए पद सृजित करने की मांग उठाई गई।
राज्य कमेटी के उपमहासचिव विजय लांबा ने कहा कि शिक्षा विभाग में फील्ड में कार्यरत लिपिकों के लिए पदोन्नति के अवसर बहुत सीमित कर दिए गए है। उन्होंने कहा कि जहां निदेशालय में कार्यरत लिपिक पदोन्नति पाकर डिप्टी डायरेक्टर तक पहुंच जाता है। फील्ड में कार्यरत कर्मचारी 32 वर्ष की नौकरी के बाद भी मुश्किल से सहायक बन पाता है। कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस बारे में प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा निदेशक को कई बार ज्ञापन देकर अवगत कराया गया है। यशपाल ने मांग करते हुए कहा कि काम के बोझ के अनुसार माॅडल संस्कृति, पीएमश्री स्कूल, सीएमईईई स्कूल, सीआरसी और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में असिस्टेंट का पद सृजित होना चाहिए। बैठक में विशिष्ट अतिथि के तौर पर जिला उपप्रधान सतबीर सरोहा, अधीक्षक राकेश भारद्वाज, उप अधीक्षक रामकरण, सहायक सुशील, महेंद्र, लिपिक सुरेंद्र, गायत्री, कविता, पिंकी, रितू, अनिता, अशोक, कर्मबीर, प्रदीप आदि मौजूद रहे।
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जिला प्रधान यशपाल सांगवान ने कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के साथ पदोन्नति के मामले में भेदभाव किया जा रहा है। निदेशालय की तर्ज पर नियमों में छूट देकर फील्ड के लिपिकों की पदोन्नति करनी चाहिए। इस दौरान काम के बोझ के अनुसार नए पद सृजित करने की मांग उठाई गई।
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राज्य कमेटी के उपमहासचिव विजय लांबा ने कहा कि शिक्षा विभाग में फील्ड में कार्यरत लिपिकों के लिए पदोन्नति के अवसर बहुत सीमित कर दिए गए है। उन्होंने कहा कि जहां निदेशालय में कार्यरत लिपिक पदोन्नति पाकर डिप्टी डायरेक्टर तक पहुंच जाता है। फील्ड में कार्यरत कर्मचारी 32 वर्ष की नौकरी के बाद भी मुश्किल से सहायक बन पाता है। कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस बारे में प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा निदेशक को कई बार ज्ञापन देकर अवगत कराया गया है। यशपाल ने मांग करते हुए कहा कि काम के बोझ के अनुसार माॅडल संस्कृति, पीएमश्री स्कूल, सीएमईईई स्कूल, सीआरसी और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में असिस्टेंट का पद सृजित होना चाहिए। बैठक में विशिष्ट अतिथि के तौर पर जिला उपप्रधान सतबीर सरोहा, अधीक्षक राकेश भारद्वाज, उप अधीक्षक रामकरण, सहायक सुशील, महेंद्र, लिपिक सुरेंद्र, गायत्री, कविता, पिंकी, रितू, अनिता, अशोक, कर्मबीर, प्रदीप आदि मौजूद रहे।