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Fatehabad News: स्कूलों में पढ़ाया जा रहा स्वच्छता का पाठ, बाहर लगे गंदगी के ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:33 PM IST
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गांव धारसूल में दो सरकारी स्कूलों के सामने फेंकी गई गंदगी। संवाद
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कुलां। गांव धारसूल में शिक्षा मंदिरों के बाहर लगे गंदगी के अंबार स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं। यहां स्कूलों में किताबों के जरिए बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत में राजकीय स्कूलों के बाहर फैली गंदगी विद्यालय के आंगन को भी मैला कर रही है।
दरअसल, धारसूल कलां व धारसूल खुर्द की संयुक्त फिरनी पर गांव की पश्चिम दिशा में धारसूल कलां का राजकीय प्राथमिक विद्यालय और उसके सामने धारसूल खुर्द गांव का राजकीय मिडिल कन्या विद्यालय स्थापित है। इन दोनों विद्यालयों के ठीक बाहर ग्रामीणों द्वारा गोबर व घरों का कचरा फेंका जा रहा है। कई-कई दिनों तक कचरे का उठान न होने से विद्यालयों के बाहर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। इससे स्कूली बच्चे और अध्यापक परेशान हैं। हालांकि विद्यालय परिसर के अंदर सफाई व्यवस्था दुरुस्त है, लेकिन स्कूलों के बाहर लगे गंदगी के अंबार शिक्षा के माहौल को खराब कर रहे हैं। इससे बच्चों को दुर्गंध के बीच कक्षाओं में पढ़ना पड़ रहा है। अध्ययनरत बच्चों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
गौरतलब है कि स्कूलों के बाहर गंदगी फेंकने की समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से यह सिलसिला जारी है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि आसपास के कुछ ग्रामीण पशुओं का गोबर और घरों से निकलने वाला कचरा स्कूलों के गेट के पास फेंक देते हैं, जिससे स्कूलों के बाहर गंदगी के ढेर लग जाते हैं। बारिश के दिनों में यह गंदगी पानी के साथ बहकर स्कूल परिसर के अंदर तक पहुंच जाती है। वहीं कचरे से उठती तेज दुर्गंध के कारण कक्षाओं में बैठना भी मुश्किल हो जाता है।
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चार महीने पहले किया था रोष प्रदर्शन, नहीं हुआ स्थायी समाधान
बताया गया कि स्कूल के बाहर फैली गंदगी से परेशान होकर करीब चार महीने पहले विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एकत्र होकर रोष प्रदर्शन किया था। इस दौरान गांव धारसूल कलां के सरपंच सतगुरु सिंह मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से स्कूलों के बाहर फैली गंदगी को उठवाकर सफाई करवाई गई। उसी समय सरपंच द्वारा समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्कूलों के बाहर कचरा डालने के लिए ट्रॉली भी रखवाई थी। हालांकि, कई दिनों तक ट्रॉली से कचरे का उठान नहीं हुआ। ट्रॉली भरने के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर ही गंदगी फेंकनी शुरू कर दी। ऐसे में स्कूलों के बाहर से गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। स्कूल प्रशासन ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि स्कूलों के बाहर गंदगी फेंकने पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित सफाई करवाई जाए और परिसर के बाहर पौधरोपण किया जाए, ताकि विद्यालयों के आसपास स्वच्छ और सुंदर वातावरण बन सके।
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इस मामले की मुझे जानकारी नहीं है। जल्द ही जानकारी लेकर ग्राम पंचायत को इस समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश दिए जाएंगे।
-राहुल, बीडीपीओ, टोहाना
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दरअसल, धारसूल कलां व धारसूल खुर्द की संयुक्त फिरनी पर गांव की पश्चिम दिशा में धारसूल कलां का राजकीय प्राथमिक विद्यालय और उसके सामने धारसूल खुर्द गांव का राजकीय मिडिल कन्या विद्यालय स्थापित है। इन दोनों विद्यालयों के ठीक बाहर ग्रामीणों द्वारा गोबर व घरों का कचरा फेंका जा रहा है। कई-कई दिनों तक कचरे का उठान न होने से विद्यालयों के बाहर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। इससे स्कूली बच्चे और अध्यापक परेशान हैं। हालांकि विद्यालय परिसर के अंदर सफाई व्यवस्था दुरुस्त है, लेकिन स्कूलों के बाहर लगे गंदगी के अंबार शिक्षा के माहौल को खराब कर रहे हैं। इससे बच्चों को दुर्गंध के बीच कक्षाओं में पढ़ना पड़ रहा है। अध्ययनरत बच्चों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
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गौरतलब है कि स्कूलों के बाहर गंदगी फेंकने की समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से यह सिलसिला जारी है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि आसपास के कुछ ग्रामीण पशुओं का गोबर और घरों से निकलने वाला कचरा स्कूलों के गेट के पास फेंक देते हैं, जिससे स्कूलों के बाहर गंदगी के ढेर लग जाते हैं। बारिश के दिनों में यह गंदगी पानी के साथ बहकर स्कूल परिसर के अंदर तक पहुंच जाती है। वहीं कचरे से उठती तेज दुर्गंध के कारण कक्षाओं में बैठना भी मुश्किल हो जाता है।
चार महीने पहले किया था रोष प्रदर्शन, नहीं हुआ स्थायी समाधान
बताया गया कि स्कूल के बाहर फैली गंदगी से परेशान होकर करीब चार महीने पहले विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एकत्र होकर रोष प्रदर्शन किया था। इस दौरान गांव धारसूल कलां के सरपंच सतगुरु सिंह मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से स्कूलों के बाहर फैली गंदगी को उठवाकर सफाई करवाई गई। उसी समय सरपंच द्वारा समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्कूलों के बाहर कचरा डालने के लिए ट्रॉली भी रखवाई थी। हालांकि, कई दिनों तक ट्रॉली से कचरे का उठान नहीं हुआ। ट्रॉली भरने के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर ही गंदगी फेंकनी शुरू कर दी। ऐसे में स्कूलों के बाहर से गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। स्कूल प्रशासन ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि स्कूलों के बाहर गंदगी फेंकने पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित सफाई करवाई जाए और परिसर के बाहर पौधरोपण किया जाए, ताकि विद्यालयों के आसपास स्वच्छ और सुंदर वातावरण बन सके।
इस मामले की मुझे जानकारी नहीं है। जल्द ही जानकारी लेकर ग्राम पंचायत को इस समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश दिए जाएंगे।
-राहुल, बीडीपीओ, टोहाना