{"_id":"69d93d1430c8e0ff750df741","slug":"knowledge-is-becoming-expensive-those-responsible-are-unaware-of-the-commission-game-fatehabad-news-c-21-hsr1019-847250-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: महंगा हो रहा ज्ञान, कमीशन के खेल से जिम्मेदार अनजान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: महंगा हो रहा ज्ञान, कमीशन के खेल से जिम्मेदार अनजान
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद में एलकेजी की किताबों का सेट जिसे पर दो हजार रेट लिखा संवाद
विज्ञापन
फतेहाबाद। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और स्कूलों में दाखिले जारी हैं। नई कक्षाओं की किताबें अभिभावकों के लिए भारी बोझ साबित हो रही हैं। कक्षा पहली की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) किताबें 200 रुपये में मिल जानी चाहिए लेकिन निजी प्रकाशकों की किताबें तीन हजार रुपये तक बिक रही हैं। अधिकतर निजी स्कूल और बुक सेलर के बीच कमीशन का खेल जारी है। विडंबना यह है कि जिम्मेदारों का तर्क दे रहे हैं स्कूलों में जांच के लिए पहुंचते हैं तो किताबें छिपा दी जाती हैं। पता नहीं उन्हें कैसे सूचना मिल जाती है।
कक्षा पहली से आठवीं तक कई स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें नहीं लगाई जा रही हैं। जिले के कई स्कूल खुद ही किताबें बेच रहे हैं जबकि 90 प्रतिशत किताबें निश्चित दुकानों पर ही उपलब्ध हैं। दो-तीन एनसीईआरटी किताबें मिल रही हैं और शेष निजी प्रकाशकों की। स्कूलों की ओर से किताबों को एक ही दुकान से उपलब्ध कराना और अन्य दुकानों से न मिलने के कारण मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं। बिल मांगने पर केवल कच्ची पर्ची थमाई जा रही है।
अभिभावकों को केवल किताबें ही नहीं, बल्कि कॉपियां और रजिस्टर भी फिक्स दुकानों से ही खरीदने पड़ रहे हैं। 60 रुपये का रजिस्टर स्कूल का लोगो लगते ही 100 से 120 रुपये में बिक रहा है। संवाद
-- -- -- -- -- -- --
नौंवी कक्षा सिलेबस बदला, किताबें नहीं :
एनसीईआरटी ने इस बार कक्षा नौवीं का पूरा सिलेबस बदल दिया है लेकिन दुकानों पर किताबें उपलब्ध नहीं हैं। कक्षा सातवीं, आठवीं, चौथी और पांचवीं की कई विषयों की किताबों के पाठ्यक्रम में भी बदलाव हुआ है, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एलकेजी कक्षा की किताबें 2500 रुपये में मिल रहीं:
पहली कक्षा से पहले कक्षा नर्सरी और एलकेजी की किताबें भी सस्ती नहीं है। 20 से 30 पन्नों की निजी प्रकाशकों की किताबों के दुकान संचालक 200 से 400 रुपये तक वसूल रहे है। हालात ये है कि नर्सरी-एलकेजी किताबों और कॉपियों का सेट ही ढाई से तीन हजार रुपये मिल रहा है।
-
जानें किताबों के सेट की कीमत :
कक्षा कीमत (रुपये में)
पहली 2200 से 4000
दूसरी 2700 से 4000
तीसरी 3000 से 4500
चौथी 3200 से 4600
पांचवीं 3500 से 5000
-
::::::::::::::::::::::::::::::::::::
बीईओ को निर्देश दिए गए है कि वह स्कूलों में जाकर जांच करें कि कहीं भी एनसीईआरटी की जगह अन्य किताबें न लगवाई जाएं। विभाग की तरफ से लगातार निगरानी रखी जा रही है। -संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी
-
बीईओ सुरेंद्र से सीधी बात :
सवाल : स्कूल संचालक निजी प्रकाशकों की किताबें लगवा रहे हैं, विभाग क्या कार्रवाई कर रहा है?
जवाब : स्कूलों में जांच के लिए पहुंचते है तो किताबें छिपा दी जाती हैं। पता नहीं उन्हें कैसे सूचना मिल जाती है।
सवाल : अब तक कितने स्कूल बीईओ फतेहाबाद के अधीन जांचे गए हैं? जवाब : मैं तो थोड़े ही स्कूलों में अब तक गया हूं।
सवाल : क्या प्रशासन की तरफ से कोई निर्देश जारी हुए है?
जवाब : उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए है तो कलस्टर हेड की जिम्मेदारी तय की है लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
प्रश्न : कमीशन के खेल पर रोक के लिए क्या सख्ती बरती जाएगी?
जवाब : वीरवार से ही सख्ती से चेकिंग की जाएगी, अगर आपके पास सूचना हो तो बता देना।
Trending Videos
कक्षा पहली से आठवीं तक कई स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें नहीं लगाई जा रही हैं। जिले के कई स्कूल खुद ही किताबें बेच रहे हैं जबकि 90 प्रतिशत किताबें निश्चित दुकानों पर ही उपलब्ध हैं। दो-तीन एनसीईआरटी किताबें मिल रही हैं और शेष निजी प्रकाशकों की। स्कूलों की ओर से किताबों को एक ही दुकान से उपलब्ध कराना और अन्य दुकानों से न मिलने के कारण मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं। बिल मांगने पर केवल कच्ची पर्ची थमाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिभावकों को केवल किताबें ही नहीं, बल्कि कॉपियां और रजिस्टर भी फिक्स दुकानों से ही खरीदने पड़ रहे हैं। 60 रुपये का रजिस्टर स्कूल का लोगो लगते ही 100 से 120 रुपये में बिक रहा है। संवाद
नौंवी कक्षा सिलेबस बदला, किताबें नहीं :
एनसीईआरटी ने इस बार कक्षा नौवीं का पूरा सिलेबस बदल दिया है लेकिन दुकानों पर किताबें उपलब्ध नहीं हैं। कक्षा सातवीं, आठवीं, चौथी और पांचवीं की कई विषयों की किताबों के पाठ्यक्रम में भी बदलाव हुआ है, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एलकेजी कक्षा की किताबें 2500 रुपये में मिल रहीं:
पहली कक्षा से पहले कक्षा नर्सरी और एलकेजी की किताबें भी सस्ती नहीं है। 20 से 30 पन्नों की निजी प्रकाशकों की किताबों के दुकान संचालक 200 से 400 रुपये तक वसूल रहे है। हालात ये है कि नर्सरी-एलकेजी किताबों और कॉपियों का सेट ही ढाई से तीन हजार रुपये मिल रहा है।
-
जानें किताबों के सेट की कीमत :
कक्षा कीमत (रुपये में)
पहली 2200 से 4000
दूसरी 2700 से 4000
तीसरी 3000 से 4500
चौथी 3200 से 4600
पांचवीं 3500 से 5000
-
::::::::::::::::::::::::::::::::::::
बीईओ को निर्देश दिए गए है कि वह स्कूलों में जाकर जांच करें कि कहीं भी एनसीईआरटी की जगह अन्य किताबें न लगवाई जाएं। विभाग की तरफ से लगातार निगरानी रखी जा रही है। -संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी
-
बीईओ सुरेंद्र से सीधी बात :
सवाल : स्कूल संचालक निजी प्रकाशकों की किताबें लगवा रहे हैं, विभाग क्या कार्रवाई कर रहा है?
जवाब : स्कूलों में जांच के लिए पहुंचते है तो किताबें छिपा दी जाती हैं। पता नहीं उन्हें कैसे सूचना मिल जाती है।
सवाल : अब तक कितने स्कूल बीईओ फतेहाबाद के अधीन जांचे गए हैं? जवाब : मैं तो थोड़े ही स्कूलों में अब तक गया हूं।
सवाल : क्या प्रशासन की तरफ से कोई निर्देश जारी हुए है?
जवाब : उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए है तो कलस्टर हेड की जिम्मेदारी तय की है लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
प्रश्न : कमीशन के खेल पर रोक के लिए क्या सख्ती बरती जाएगी?
जवाब : वीरवार से ही सख्ती से चेकिंग की जाएगी, अगर आपके पास सूचना हो तो बता देना।