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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में अब टेढ़े-मेढ़े दांतों का उपचार शुरू, माह में दो दिन होगी स्पेशल ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:35 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में मरीजों के दांतों का चेकअप करे हुए विशेषज्ञ संवाद
- फोटो : मकान में आग लगी आग से जल सामान। संवाद
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फतेहाबाद। बच्चों के टेढ़े-मेढ़े दांतों की समस्या से परेशान अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। अब इस समस्या का उपचार जिला नागरिक अस्पताल में ही निशुल्क उपलब्ध होगा, जो कि निजी अस्पतालों में 25 से 30 हजार रुपये तक खर्चीला होता है।
यह उपचार प्रक्रिया लंबी होती है और आमतौर पर एक से डेढ़ वर्ष तक चलती है, लेकिन अब आर्थिक बोझ के बिना इसका लाभ लिया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने भूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात दंत विशेषज्ञ डॉ. हीना की नियुक्ति माह में दो दिन नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में की है। डॉ. हीना हर माह के दूसरे और चौथे शुक्रवार को यहां ओपीडी में सेवाएं देंगी। शेष दिनों में उनकी ओपीडी भूना सीएचसी में नियमित रूप से चलती रहेगी।
इस शुक्रवार को शुरू हुई ओपीडी में पहले ही दिन पांच बच्चों के दांतों का उपचार प्रारंभ किया गया। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों में दांतों की बनावट बिगड़ने पर समय रहते परामर्श लेना बेहद जरूरी है। शुरुआती अवस्था में उपचार शुरू होने से बेहतर परिणाम मिलते हैं, जबकि देरी होने पर समस्या जटिल हो सकती है और सुधार कठिन हो जाता है।
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जबड़ा छोटा होने पर होती है समस्या
उप सिविल सर्जन डॉ. लाजवंती गौरी का कहना है कि अगर जबड़ा छोटा है तो दांत टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं और दांतों को जगह नहीं मिल पाती है। दांतों के जल्दी गिरना या देर से निकलना भी समस्या बढ़ाता है। बच्चे के दूध के दांत जल्दी गिर जाएं या स्थायी दांत देर से आएं तो वे सही जगह पर नहीं बैठते। इसके अलावा, गलत आदतें जैसे अंगुल चूसना, पैसिफायर (निप्पल) का लंबे समय तक उपयोग, जीभ का दबाव और लगातार मुंह से सांस लेना जबड़े के विकास को प्रभावित करता है।
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बच्चों के दांत टेढ़े-मेढ़े होने की समस्या बढ़ रही है। उपचार के लिए अभिभावकों को भटकना पड़ता है, इस पर खर्च भी 25 से 30 हजार तक रहता है, लेकिन अब ऐसे मामलों में उपचार जिला नागरिक अस्पताल में हो सकेगा। हर माह के दो दिन विशेषज्ञ की ओपीडी रहेगी। लोगों से अपील है कि अगर दांतों में इस तरह की समस्या है तो इस सुविधा का फायदा जरूर लें।
- डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन
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यह उपचार प्रक्रिया लंबी होती है और आमतौर पर एक से डेढ़ वर्ष तक चलती है, लेकिन अब आर्थिक बोझ के बिना इसका लाभ लिया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने भूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात दंत विशेषज्ञ डॉ. हीना की नियुक्ति माह में दो दिन नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में की है। डॉ. हीना हर माह के दूसरे और चौथे शुक्रवार को यहां ओपीडी में सेवाएं देंगी। शेष दिनों में उनकी ओपीडी भूना सीएचसी में नियमित रूप से चलती रहेगी।
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इस शुक्रवार को शुरू हुई ओपीडी में पहले ही दिन पांच बच्चों के दांतों का उपचार प्रारंभ किया गया। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों में दांतों की बनावट बिगड़ने पर समय रहते परामर्श लेना बेहद जरूरी है। शुरुआती अवस्था में उपचार शुरू होने से बेहतर परिणाम मिलते हैं, जबकि देरी होने पर समस्या जटिल हो सकती है और सुधार कठिन हो जाता है।
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जबड़ा छोटा होने पर होती है समस्या
उप सिविल सर्जन डॉ. लाजवंती गौरी का कहना है कि अगर जबड़ा छोटा है तो दांत टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं और दांतों को जगह नहीं मिल पाती है। दांतों के जल्दी गिरना या देर से निकलना भी समस्या बढ़ाता है। बच्चे के दूध के दांत जल्दी गिर जाएं या स्थायी दांत देर से आएं तो वे सही जगह पर नहीं बैठते। इसके अलावा, गलत आदतें जैसे अंगुल चूसना, पैसिफायर (निप्पल) का लंबे समय तक उपयोग, जीभ का दबाव और लगातार मुंह से सांस लेना जबड़े के विकास को प्रभावित करता है।
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बच्चों के दांत टेढ़े-मेढ़े होने की समस्या बढ़ रही है। उपचार के लिए अभिभावकों को भटकना पड़ता है, इस पर खर्च भी 25 से 30 हजार तक रहता है, लेकिन अब ऐसे मामलों में उपचार जिला नागरिक अस्पताल में हो सकेगा। हर माह के दो दिन विशेषज्ञ की ओपीडी रहेगी। लोगों से अपील है कि अगर दांतों में इस तरह की समस्या है तो इस सुविधा का फायदा जरूर लें।
- डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन