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Hisar News: हर महीने भेजे जा रहे पानी के 600 सैंपल, 10 प्रतिशत फेल
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:22 AM IST
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जलघर में भरा काले रंग का दूषित पानी ।
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हिसार। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर महीने भेजे जा रहे पानी के 600 सैंपलों में से लगभग 10 प्रतिशत सैंपल फेल आना शहर के लोगों के लिए घातक संकेत है। इन फेल सैंपलों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया सहित अन्य हानिकारक जीवाणु पाए जा रहे हैं, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।
हिसार की आबादी करीब तीन लाख से अधिक है, लेकिन इसके बावजूद शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही। जन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्र से हर माह जांच के लिए भेजे जाने वाले सैंपलों में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर माह 10 प्रतिशत सैंपल भी फेल हो रहे हैं, तो यह दूषित पानी की व्यापक समस्या की ओर इशारा करता है।
शहर की करीब 24 कॉलोनियों में पेयजल लाइनों में लीकेज के कारण घरों में काला और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी पीना तो दूर, हाथ धोने लायक भी नहीं है। इसी दूषित पानी के सेवन से लोग डायरिया, पेट संबंधी रोग, लिवर और किडनी की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।
पेयजल सैंपलों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी यह दर्शाती है कि पानी में सीवरेज या गंदे पानी की मिलावट हो रही है। इसके अलावा अंडरग्राउंड वाटर में टीडीएस की मात्रा भी मानकों से दो से तीन गुना अधिक पाई जा रही है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। जानकारों का कहना है कि जब तक लीकेज लाइनों की मरम्मत और नियमित मॉनिटरिंग नहीं की जाती, तब तक सैंपल फेल होने और बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
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कॉलोनी में दूषित पेयजल एक बड़ी समस्या बनी हुई है। एमसी कॉलोनी में पिछले एक सप्ताह से दूषित काला पानी सप्लाई हो रहा है। इस कॉलोनी के लोग काफी परेशान हैं। किसी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
- मीरा रानी, एमसी काॅलोनी।
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एमसी कॉलोनी में पिछले दिनों दूषित पानी सप्लाई होने से पानी की किल्लत रही। अब भी शुरू में सप्लाई के दौरान गंदा पानी आता है। कुछ देर बाद यह साफ हो पाता है। इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
- सरिता देवी, निवासी एमसी कॉलोनी।
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डॉक्टर से बातचीत:
दूषित पेयजल के कारण चर्म रोग और पेट संबंधित बीमारियों से शहर में करीब दस हजार से अधिक लोग पीड़ित हैं। दूषित पेयजल लोगों की किडनी पर भी बुरा असर डाल रहा है। किडनी और कैंसर जैसी बीमारी धीरे-धीरे बढ़ रही है। ओपीडी में वर्तमान में तो सामान्य बीमारियों के मामले ही अधिक है। शहर या गांव में दूषित पानी अधिक सप्लाई होता है तो पीलिया रोग के मरीज सबसे अधिक बढ़ जाते हैं।
- डॉ. अजीत लाठर, विशेषज्ञ मेडिसिन डिपार्टमेंट, नागरिक अस्पताल हिसार।
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पानी को स्वच्छ कर ही सप्लाई किया जा रहा है। निरंतर सैंपल लेने का कार्य भी चल रहा हैं, ताकि लोगों के घरों में शुद्ध पेयजल पहुंच सकें। इसके लिए विभाग पूरी तरह से गंभीर हैं। शहर में लीकेज लाइन चेक की जा रही हैं।
- आदर्श सिंगला, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हिसार।
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हिसार की आबादी करीब तीन लाख से अधिक है, लेकिन इसके बावजूद शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही। जन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्र से हर माह जांच के लिए भेजे जाने वाले सैंपलों में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर माह 10 प्रतिशत सैंपल भी फेल हो रहे हैं, तो यह दूषित पानी की व्यापक समस्या की ओर इशारा करता है।
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शहर की करीब 24 कॉलोनियों में पेयजल लाइनों में लीकेज के कारण घरों में काला और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी पीना तो दूर, हाथ धोने लायक भी नहीं है। इसी दूषित पानी के सेवन से लोग डायरिया, पेट संबंधी रोग, लिवर और किडनी की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।
पेयजल सैंपलों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी यह दर्शाती है कि पानी में सीवरेज या गंदे पानी की मिलावट हो रही है। इसके अलावा अंडरग्राउंड वाटर में टीडीएस की मात्रा भी मानकों से दो से तीन गुना अधिक पाई जा रही है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। जानकारों का कहना है कि जब तक लीकेज लाइनों की मरम्मत और नियमित मॉनिटरिंग नहीं की जाती, तब तक सैंपल फेल होने और बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
कॉलोनी में दूषित पेयजल एक बड़ी समस्या बनी हुई है। एमसी कॉलोनी में पिछले एक सप्ताह से दूषित काला पानी सप्लाई हो रहा है। इस कॉलोनी के लोग काफी परेशान हैं। किसी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
- मीरा रानी, एमसी काॅलोनी।
एमसी कॉलोनी में पिछले दिनों दूषित पानी सप्लाई होने से पानी की किल्लत रही। अब भी शुरू में सप्लाई के दौरान गंदा पानी आता है। कुछ देर बाद यह साफ हो पाता है। इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
- सरिता देवी, निवासी एमसी कॉलोनी।
डॉक्टर से बातचीत:
दूषित पेयजल के कारण चर्म रोग और पेट संबंधित बीमारियों से शहर में करीब दस हजार से अधिक लोग पीड़ित हैं। दूषित पेयजल लोगों की किडनी पर भी बुरा असर डाल रहा है। किडनी और कैंसर जैसी बीमारी धीरे-धीरे बढ़ रही है। ओपीडी में वर्तमान में तो सामान्य बीमारियों के मामले ही अधिक है। शहर या गांव में दूषित पानी अधिक सप्लाई होता है तो पीलिया रोग के मरीज सबसे अधिक बढ़ जाते हैं।
- डॉ. अजीत लाठर, विशेषज्ञ मेडिसिन डिपार्टमेंट, नागरिक अस्पताल हिसार।
पानी को स्वच्छ कर ही सप्लाई किया जा रहा है। निरंतर सैंपल लेने का कार्य भी चल रहा हैं, ताकि लोगों के घरों में शुद्ध पेयजल पहुंच सकें। इसके लिए विभाग पूरी तरह से गंभीर हैं। शहर में लीकेज लाइन चेक की जा रही हैं।
- आदर्श सिंगला, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हिसार।