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Hisar News: आज और कल पंजाब के साथ लगते जिलों में बारिश के आसार
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हिसार। कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते सोमवार और मंगलवार को पंजाब के साथ लगते जिलों में बारिश होने के आसार हैं। मौसम परिवर्तनशील रहने के चलते रविवार को अधिकतम व न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से कम रहे। एचएयू के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि मार्च महीने के दूसरे पखवाड़े में तापमान कम रहने और बारिश के चलते गेहूं में होने वाले नुकसान की आशंका खत्म हो गई है। इस बदले मौसम के कारण गेहूं की पछेती फसल को सबसे अधिक फायदा हुआ है।
मार्च महीने में मौसम लगातार उतार -चढ़ाव वाला साबित हो रहा है। मार्च महीने में दिन का अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक होने पर गेहूं को भारी नुकसान की आशंका बन गई थी। माना जा रहा था कि गेहूं की कटाई मार्च के आखिरी सप्ताह में शुरू हो जाएगी। 14 मार्च के बाद बदले मौसम के मिजाज से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। मार्च के आखिरी सप्ताह तक ऐसा तापमान बना रहा तो अच्छी पैदावार होगी। इस समय अधिक बारिश या ओलावृष्टि होने से नुकसान होगा।
एचएयू के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि रविवार को प्रदेश भर में अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। भिवानी में सबसे अधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस तथा पानीपत में सबसे कम 26.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। रात के तापमान की बात करें तो 12.3 से 16 डिग्री सेल्सियस तक रहा। करनाल में रात का तापमान सबसे कम 12.3, रोहतक में सबसे अधिक 16.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रात व दिन दोनों ही तापमान सामान्य से कम या सामान्य दर्ज किए गए हैं। सोमवार और मंगलवार को पंजाब के साथ लगते जिलों में बारिश के आसार बन रहे हैं।
वर्जन ...
इस समय तापमान सामान्य से कम रहने से उत्पादन अच्छा होने की संभावना है। अब तेज बारिश या ओलावृष्टि हुई तो फसलों को नुकसान होगा। कुछ एरिया में फसलें गिरीं हैं तो वहां 5 से 7 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। पहले नुकसान की आशंका लग रही थी अब उसमें नुकसान की आशंका नहीं दिख रही।
डॉ. ओपी बिश्नोई, वरिष्ठ गेहूं वैज्ञानिक, एचएयू
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मार्च महीने में मौसम लगातार उतार -चढ़ाव वाला साबित हो रहा है। मार्च महीने में दिन का अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक होने पर गेहूं को भारी नुकसान की आशंका बन गई थी। माना जा रहा था कि गेहूं की कटाई मार्च के आखिरी सप्ताह में शुरू हो जाएगी। 14 मार्च के बाद बदले मौसम के मिजाज से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। मार्च के आखिरी सप्ताह तक ऐसा तापमान बना रहा तो अच्छी पैदावार होगी। इस समय अधिक बारिश या ओलावृष्टि होने से नुकसान होगा।
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एचएयू के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि रविवार को प्रदेश भर में अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। भिवानी में सबसे अधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस तथा पानीपत में सबसे कम 26.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। रात के तापमान की बात करें तो 12.3 से 16 डिग्री सेल्सियस तक रहा। करनाल में रात का तापमान सबसे कम 12.3, रोहतक में सबसे अधिक 16.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रात व दिन दोनों ही तापमान सामान्य से कम या सामान्य दर्ज किए गए हैं। सोमवार और मंगलवार को पंजाब के साथ लगते जिलों में बारिश के आसार बन रहे हैं।
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इस समय तापमान सामान्य से कम रहने से उत्पादन अच्छा होने की संभावना है। अब तेज बारिश या ओलावृष्टि हुई तो फसलों को नुकसान होगा। कुछ एरिया में फसलें गिरीं हैं तो वहां 5 से 7 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। पहले नुकसान की आशंका लग रही थी अब उसमें नुकसान की आशंका नहीं दिख रही।
डॉ. ओपी बिश्नोई, वरिष्ठ गेहूं वैज्ञानिक, एचएयू