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Hisar News: एमआईएस पोर्टल खोलने और लंबित मान्यता देने की मांग
Wed, 12 Aug 2026 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:55 PM IST
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नारनौंद के गांव डाटा में बैठक करते हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के सदस्य। स्रोत : संगठन
- फोटो : नारनौंद के गांव डाटा में बैठक करते हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के सदस्य। स्रोत : संगठन
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नारनौंद। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ हांसी की बैठक बुधवार को डाटा स्थित एक निजी स्कूल में हुई। बैठक में निजी विद्यालयों से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा करते हुए एमआईएस पोर्टल जल्द खोलने और वर्ष 2007 से पहले से संचालित अस्थायी विद्यालयों सहित मौजूदा सूची में शामिल विद्यालयों को एकमुश्त स्थायी मान्यता देने की मांग की गई।
बैठक की अध्यक्षता तेलू राम रामायण वाला ने की। उन्होंने कहा कि एमआईएस पोर्टल लंबे समय से बंद होने के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका है। पोर्टल बंद होने से विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में विद्यालयों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से पोर्टल जल्द खोलने की मांग की ताकि विद्यार्थियों से संबंधित सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 से पहले से संचालित अस्थायी विद्यालयों और मौजूदा सूची में शामिल विद्यालयों को एकमुश्त स्थायी मान्यता दी जानी चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि कई निजी विद्यालय वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। इसके बावजूद मान्यता संबंधी मामले लंबित रहने से संचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदीप पूनिया और कुलदीप यादव ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने सरकार से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा कर ठोस निर्णय लेने की मांग की।
संघ के जिला प्रधान प्रदीप पूनिया, ग्रामीण प्रधान कुलदीप यादव, पूर्व प्रधान प्रदीप यादव, जगदीश डाटा, सुनील बेरवाल, सुनील यादव, जोगेंद्र गुराना, नवदीप बेरवाल, विकास मसूदपुर आदि मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता तेलू राम रामायण वाला ने की। उन्होंने कहा कि एमआईएस पोर्टल लंबे समय से बंद होने के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका है। पोर्टल बंद होने से विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में विद्यालयों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से पोर्टल जल्द खोलने की मांग की ताकि विद्यार्थियों से संबंधित सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 से पहले से संचालित अस्थायी विद्यालयों और मौजूदा सूची में शामिल विद्यालयों को एकमुश्त स्थायी मान्यता दी जानी चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि कई निजी विद्यालय वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। इसके बावजूद मान्यता संबंधी मामले लंबित रहने से संचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदीप पूनिया और कुलदीप यादव ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने सरकार से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा कर ठोस निर्णय लेने की मांग की।
संघ के जिला प्रधान प्रदीप पूनिया, ग्रामीण प्रधान कुलदीप यादव, पूर्व प्रधान प्रदीप यादव, जगदीश डाटा, सुनील बेरवाल, सुनील यादव, जोगेंद्र गुराना, नवदीप बेरवाल, विकास मसूदपुर आदि मौजूद रहे।