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एचएयू का एबिक कृषि आधारित स्टार्टअप को दे रहा मजबूत प्लेटफार्म : प्रो. कांबोज
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:32 AM IST
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) का उद्देश्य केवल शोध तक सीमित नहीं बल्कि नई तकनीकों को किसानों और उद्योगों तक पहुंचाना है। एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (एबिक) कृषि आधारित स्टार्टअप को मजबूत प्लेटफार्म दे रहा है।
यह बात कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने रविवार को एबिक के तहत तीन नवाचार आधारित स्टार्टअप को अनुदान राशि के चेक वितरित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय कृषि, डेयरी और मशरूम उत्पादन क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहित कर युवाओं को उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान कर रहा है। एबिक के नियंत्रण अधिकारी एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि वनपरोज एग्रोवेट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रबुद्ध मिश्रा को 8 लाख रुपये की किस्त दी गई। यह स्टार्टअप पोटेशियम ह्यूमेट आधारित उत्पाद विकसित कर मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने पर कार्य कर रहा है।
वट सर्व एनिमल केयर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सजल श्रीवास्तव को 10 लाख रुपये की अनुदान राशि जारी की गई। यह स्टार्टअप डेयरी पशुओं में थनैला रोग की पहचान और नियंत्रण के लिए उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीक विकसित कर रहा है। रॉयल मशरूम एंड वेजिटेबल एलएलपी के निदेशक अंकित कुमार को इंडोर मशरूम उत्पादन किट परियोजना के लिए 2 लाख रुपये की दूसरी किस्त प्रदान की गई। एबिक के निदेशक डॉ. राजेश गेरा ने बताया कि केंद्र के माध्यम से स्टार्टअप को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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यह बात कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने रविवार को एबिक के तहत तीन नवाचार आधारित स्टार्टअप को अनुदान राशि के चेक वितरित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय कृषि, डेयरी और मशरूम उत्पादन क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहित कर युवाओं को उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान कर रहा है। एबिक के नियंत्रण अधिकारी एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि वनपरोज एग्रोवेट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रबुद्ध मिश्रा को 8 लाख रुपये की किस्त दी गई। यह स्टार्टअप पोटेशियम ह्यूमेट आधारित उत्पाद विकसित कर मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने पर कार्य कर रहा है।
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वट सर्व एनिमल केयर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सजल श्रीवास्तव को 10 लाख रुपये की अनुदान राशि जारी की गई। यह स्टार्टअप डेयरी पशुओं में थनैला रोग की पहचान और नियंत्रण के लिए उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीक विकसित कर रहा है। रॉयल मशरूम एंड वेजिटेबल एलएलपी के निदेशक अंकित कुमार को इंडोर मशरूम उत्पादन किट परियोजना के लिए 2 लाख रुपये की दूसरी किस्त प्रदान की गई। एबिक के निदेशक डॉ. राजेश गेरा ने बताया कि केंद्र के माध्यम से स्टार्टअप को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।