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Hisar News: आईसीसीसी प्रोजेक्ट को जल्द मिल सकती है मंजूरी, तकनीकी निगरानी के लिए शहर में लगेंगे 1100 सीसीटीवी
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:18 AM IST
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हिसार। इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) प्रोजेक्ट की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को पहले स्तर पर जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रोजेक्ट के तहत तकनीकी निगरानी के लिए शहर में लगभग 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस संबंध में 27 जनवरी को शहरी स्तरीय कमेटी की बैठक बुलाई गई है जिसमें आरएफपी को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। इसके बाद इसे राज्य स्तरीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। राज्य कमेटी की मंजूरी मिलने पर प्रोजेक्ट का टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 157 करोड़ रुपये है।
शहरी स्तरीय कमेटी में होंगे ये अधिकारी शामिल :
शहरी स्तरीय कमेटी के चेयरपर्सन कमिश्नर होंगे, जबकि अतिरिक्त आयुक्त सदस्य सचिव के रूप में और एसपी, नगर निगम के चीफ इंजीनियर व एसई, एचएसवीपी के एसई व एक्सईएन, एचएसआईआईडीसी के एसई व एक्सईएन, पॉल्यूशन बोर्ड के आरओ, बिजली निगम के एसई व एक्सईएन और बीएंडआर के एसई व एक्सईएन सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इस कमेटी की हरी झंडी मिलने के बाद आरएफपी को राज्य स्तरीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा।
मोबाइल एप भी होगा तैयार, शिकायतें और सुझाव दर्ज करा सकेंगे :
आईसीसीसी से स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट सिस्टम, ई-चालान व्यवस्था, सीवर, पेयजल आपूर्ति, जल और वायु गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। फ्लो मीटर से पानी की लीकेज और सीवरेज ओवरफ्लो की जानकारी अपने आप मिल जाएगी। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और नियमों के उल्लंघन पर चालान शामिल है। नागरिकों के लिए आईसीसीसी मोबाइल एप भी तैयार किया जाएगा जिससे शिकायतें और सुझाव सीधे दर्ज किए जा सकेंगे।
इतना खर्च आने का अनुमान (राशि रुपये में)
निगरानी-1643.50 लाख
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम-743.50 लाख
स्मार्ट वाटर-259.35 लाख
स्मार्ट सीवरेज-49.14 लाख
सिटीजन इंग्जमेंट-1062.90 लाख
आईसीसीसी-1463.25 लाख
डाटा सेंटर-2295.25 लाख
फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर-1407.37 लाख
एमपीएलएस नेटवर्क-1580.00 लाख
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड कंटीजेंसी-983.24 लाख
डीआर ऑन क्लाउड-400.00 लाख
ओपेक्स-1436.58 लाख
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शहरी स्तरीय कमेटी की बैठक 27 जनवरी को होगी। अगर इसमें आरएफपी को हरी झंडी मिल जाती है तो इसे राज्य स्तरीय कमेटी में रखा जाएगा।
जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम
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शहरी स्तरीय कमेटी में होंगे ये अधिकारी शामिल :
शहरी स्तरीय कमेटी के चेयरपर्सन कमिश्नर होंगे, जबकि अतिरिक्त आयुक्त सदस्य सचिव के रूप में और एसपी, नगर निगम के चीफ इंजीनियर व एसई, एचएसवीपी के एसई व एक्सईएन, एचएसआईआईडीसी के एसई व एक्सईएन, पॉल्यूशन बोर्ड के आरओ, बिजली निगम के एसई व एक्सईएन और बीएंडआर के एसई व एक्सईएन सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इस कमेटी की हरी झंडी मिलने के बाद आरएफपी को राज्य स्तरीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा।
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मोबाइल एप भी होगा तैयार, शिकायतें और सुझाव दर्ज करा सकेंगे :
आईसीसीसी से स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट सिस्टम, ई-चालान व्यवस्था, सीवर, पेयजल आपूर्ति, जल और वायु गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। फ्लो मीटर से पानी की लीकेज और सीवरेज ओवरफ्लो की जानकारी अपने आप मिल जाएगी। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और नियमों के उल्लंघन पर चालान शामिल है। नागरिकों के लिए आईसीसीसी मोबाइल एप भी तैयार किया जाएगा जिससे शिकायतें और सुझाव सीधे दर्ज किए जा सकेंगे।
इतना खर्च आने का अनुमान (राशि रुपये में)
निगरानी-1643.50 लाख
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम-743.50 लाख
स्मार्ट वाटर-259.35 लाख
स्मार्ट सीवरेज-49.14 लाख
सिटीजन इंग्जमेंट-1062.90 लाख
आईसीसीसी-1463.25 लाख
डाटा सेंटर-2295.25 लाख
फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर-1407.37 लाख
एमपीएलएस नेटवर्क-1580.00 लाख
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड कंटीजेंसी-983.24 लाख
डीआर ऑन क्लाउड-400.00 लाख
ओपेक्स-1436.58 लाख
शहरी स्तरीय कमेटी की बैठक 27 जनवरी को होगी। अगर इसमें आरएफपी को हरी झंडी मिल जाती है तो इसे राज्य स्तरीय कमेटी में रखा जाएगा।
जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम