{"_id":"69751a292b41576ac6084e57","slug":"new-opportunities-for-employment-and-study-will-open-up-in-japan-hisar-news-c-21-hsr1005-797825-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: जापान में रोजगार और अध्ययन के खुलेंगे नए अवसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: जापान में रोजगार और अध्ययन के खुलेंगे नए अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:44 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के विद्यार्थियों के लिए अब जापान में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सुलभ होंगे। विश्वविद्यालय ने जापानी शिक्षण संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग को लेकर ठोस पहल की है। जीजेयू शीघ्र ही जापान के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) करेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्षम बनाने के लिए जीजेयू में जापानी भाषा का कोर्स भी आरंभ किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने टोक्यो में आयोजित भारत-जापान उच्च शिक्षा मिशन (आईजेएचईएम) कार्यक्रम से लौटने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मिशन भारत और जापान के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अनुसंधान सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ओसाका, यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो, क्योटो यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस साइंसेज, ओसाका मेट्रोपोलिटन यूनिवर्सिटी सहित कई शिक्षण संस्थानों और जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन से संवाद किया।
भारतीय विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व अनुदान की घोषणा :
कुलपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच विद्यार्थियों और शिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त शोध, विजिटिंग फैकल्टी तथा अल्पकालिक व दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों पर सहमति बनी है। कंसाइल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू हो चुका है जिसके अंतर्गत ‘जापान फ्यूचर लैब’ की स्थापना की जाएगी। पीएचडी शोधार्थियों को जापान में शोध का अवसर मिलेगा। जापान की ओर से भारतीय विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व अनुदान की भी घोषणा की गई है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
Trending Videos
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने टोक्यो में आयोजित भारत-जापान उच्च शिक्षा मिशन (आईजेएचईएम) कार्यक्रम से लौटने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मिशन भारत और जापान के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अनुसंधान सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ओसाका, यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो, क्योटो यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस साइंसेज, ओसाका मेट्रोपोलिटन यूनिवर्सिटी सहित कई शिक्षण संस्थानों और जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन से संवाद किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व अनुदान की घोषणा :
कुलपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच विद्यार्थियों और शिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त शोध, विजिटिंग फैकल्टी तथा अल्पकालिक व दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों पर सहमति बनी है। कंसाइल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू हो चुका है जिसके अंतर्गत ‘जापान फ्यूचर लैब’ की स्थापना की जाएगी। पीएचडी शोधार्थियों को जापान में शोध का अवसर मिलेगा। जापान की ओर से भारतीय विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व अनुदान की भी घोषणा की गई है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।