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Hisar News: पति-पत्नी की आय 3 लाख सालाना से ज्यादा तो पेंशन पर कैंची
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:19 AM IST
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बालसमंद। प्रदेश सरकार द्वारा फैमिली आईडी को आय का मुख्य आधार बनाकर पेंशन योजनाओं में कटौती की जा रही है। फैमिली आईडी में पति-पत्नी की संयुक्त वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक दर्ज होते ही बुढ़ापा, विधवा, दिव्यांग सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वत: बंद की जा रही है। जिले में 5 हजार से अधिक लोगों की सामाजिक पेंशन रोकी गई है। पेंशन बंद होने से सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों पर पड़ा है। प्रभावितों का कहना है कि फैमिली आईडी में दिखाई जा रही आय वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती।
बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि आय सत्यापन का कोई ठोस और पारदर्शी आधार नहीं है, फिर भी पेंशन पर रोकी जा रही है। फैमिली आईडी में आय सत्यापन न होने के कारण भी सामाजिक पेंशन रोकी जा रही है। फसल बिक्री से बढ़ी आय पर किसानों का कहना है कि परिवारों में फसल की बिक्री तो होती है, लेकिन उसके पीछे ठेके पर ली गई जमीन का किराया, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी जैसे भारी खर्चे जुड़े होते हैं। सालभर कड़ी मेहनत के बाद जब ये खर्चे काटे जाते हैं, तो किसान को दिहाड़ी के बराबर भी शुद्ध आमदनी नहीं बचती। इसके बावजूद फैमिली आईडी में फसल बिक्री के आधार पर आय अधिक दिखाकर पेंशन काट दी जा रही है। सामाजिक संगठनों और पेंशनधारकों ने सरकार से मांग की है कि फैमिली आईडी में दर्ज आय की निष्पक्ष और जमीनी स्तर पर दोबारा जांच की जाए। साथ ही आय निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर वास्तविक जरूरतमंदों की पेंशन तुरंत बहाल की जाए, ताकि गरीब बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशन से वंचित न रहें। संवाद
50 दिन से रुका उम्र सत्यापन कार्य शुरू
जिले में पिछले करीब 50 दिनों से एडीसी के छुट्टी पर जाने के बाद आय सत्यापन का कार्य रुका हुआ था, जो अब शुरू किया गया है। आय सत्यापन नहीं होने के कारण नई पेंशन सूची नहीं आ रही थी। उम्र सत्यापन का कार्य भी शुरू किया गया है।
इन कारणों से बढ़ रही फैमिली आईडी में आय
- फसल बिक्री 1 लाख 80 हजार रुपए से अधिक है तो कुल आय 3 लाख रुपए मान ली जाती है।
- सालाना बिजली बिल 24 हजार रुपए से ज्यादा होने पर आय बढ़ाकर दर्ज हो रही है।
-आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने से भी परिवार की आय अधिक मान ली जा रही है।
- लाल डोरे में 400 गज से अधिक प्लॉट होने पर आय में इजाफा दिखाया जा रहा है।
- लगातार 6 महीने तक राशन न लेने पर भी फैमिली आईडी में आय बढ़ाई जा रही है।
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जिले में पेंशनधारकों व अन्य लाभार्थियों का ब्योरा
बुढ़ापा पेंशन - 22.30 लाख बुजुर्ग
विधवा पेंशन - 8.99 लाख महिलाएं
दिव्यांग पेंशन - 2.14 हजार लाभार्थी
लाड़ली सामाजिक सुरक्षा भत्ता 44849 लाभार्थी
निराश्रित बच्चों के लिए वित्तीय सहायता के लाभार्थी 24850
स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चे - 10050
बौनों को भत्ता - 76
किन्नरों को भत्ता - 52
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क्या कहते हैं लाभार्थी
मेरे नाम एक ही प्लाॅट है जो 400 गज का नहीं है। भाइयों के प्लाॅट मेरे नाम चढ़ा कर सरकार ने मेरी और मेरी पत्नी की पेंशन रोक दी है। - जगदीश, सीसवाला
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मेरी उम्र 63 साल है और फैमिली आईडी में 42 वर्ष दिखाकर मेरी पेंशन रोक दी है, जबकि मेरे बेटे की उम्र 34 वर्ष है। - श्यामसुंदर नंबरदार, सीसवाला।
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मैं 15 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती करता हूं। सरकार ने ये देख लिया 2 लाख की फसल बेच दी लेकिन ये आकलन नहीं किया कि ठेके की जमीन का किराया और अन्य खर्च भी तो किए हैं। - महेंद्र शर्मा, रावलवास कलां।
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मेरे पति के ऑनलाइन फसल बेचने के बाद फैमिली आईडी में आय 3 लाख से अधिक दर्शाई गई है। आय बढ़ने के बाद सरकार ने मेरी पेंशन रोक दी है। - सरोज शर्मा, रावलवास कलां।
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बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि आय सत्यापन का कोई ठोस और पारदर्शी आधार नहीं है, फिर भी पेंशन पर रोकी जा रही है। फैमिली आईडी में आय सत्यापन न होने के कारण भी सामाजिक पेंशन रोकी जा रही है। फसल बिक्री से बढ़ी आय पर किसानों का कहना है कि परिवारों में फसल की बिक्री तो होती है, लेकिन उसके पीछे ठेके पर ली गई जमीन का किराया, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी जैसे भारी खर्चे जुड़े होते हैं। सालभर कड़ी मेहनत के बाद जब ये खर्चे काटे जाते हैं, तो किसान को दिहाड़ी के बराबर भी शुद्ध आमदनी नहीं बचती। इसके बावजूद फैमिली आईडी में फसल बिक्री के आधार पर आय अधिक दिखाकर पेंशन काट दी जा रही है। सामाजिक संगठनों और पेंशनधारकों ने सरकार से मांग की है कि फैमिली आईडी में दर्ज आय की निष्पक्ष और जमीनी स्तर पर दोबारा जांच की जाए। साथ ही आय निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर वास्तविक जरूरतमंदों की पेंशन तुरंत बहाल की जाए, ताकि गरीब बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशन से वंचित न रहें। संवाद
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50 दिन से रुका उम्र सत्यापन कार्य शुरू
जिले में पिछले करीब 50 दिनों से एडीसी के छुट्टी पर जाने के बाद आय सत्यापन का कार्य रुका हुआ था, जो अब शुरू किया गया है। आय सत्यापन नहीं होने के कारण नई पेंशन सूची नहीं आ रही थी। उम्र सत्यापन का कार्य भी शुरू किया गया है।
इन कारणों से बढ़ रही फैमिली आईडी में आय
- फसल बिक्री 1 लाख 80 हजार रुपए से अधिक है तो कुल आय 3 लाख रुपए मान ली जाती है।
- सालाना बिजली बिल 24 हजार रुपए से ज्यादा होने पर आय बढ़ाकर दर्ज हो रही है।
-आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने से भी परिवार की आय अधिक मान ली जा रही है।
- लाल डोरे में 400 गज से अधिक प्लॉट होने पर आय में इजाफा दिखाया जा रहा है।
- लगातार 6 महीने तक राशन न लेने पर भी फैमिली आईडी में आय बढ़ाई जा रही है।
जिले में पेंशनधारकों व अन्य लाभार्थियों का ब्योरा
बुढ़ापा पेंशन - 22.30 लाख बुजुर्ग
विधवा पेंशन - 8.99 लाख महिलाएं
दिव्यांग पेंशन - 2.14 हजार लाभार्थी
लाड़ली सामाजिक सुरक्षा भत्ता 44849 लाभार्थी
निराश्रित बच्चों के लिए वित्तीय सहायता के लाभार्थी 24850
स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चे - 10050
बौनों को भत्ता - 76
किन्नरों को भत्ता - 52
क्या कहते हैं लाभार्थी
मेरे नाम एक ही प्लाॅट है जो 400 गज का नहीं है। भाइयों के प्लाॅट मेरे नाम चढ़ा कर सरकार ने मेरी और मेरी पत्नी की पेंशन रोक दी है। - जगदीश, सीसवाला
मेरी उम्र 63 साल है और फैमिली आईडी में 42 वर्ष दिखाकर मेरी पेंशन रोक दी है, जबकि मेरे बेटे की उम्र 34 वर्ष है। - श्यामसुंदर नंबरदार, सीसवाला।
मैं 15 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती करता हूं। सरकार ने ये देख लिया 2 लाख की फसल बेच दी लेकिन ये आकलन नहीं किया कि ठेके की जमीन का किराया और अन्य खर्च भी तो किए हैं। - महेंद्र शर्मा, रावलवास कलां।
मेरे पति के ऑनलाइन फसल बेचने के बाद फैमिली आईडी में आय 3 लाख से अधिक दर्शाई गई है। आय बढ़ने के बाद सरकार ने मेरी पेंशन रोक दी है। - सरोज शर्मा, रावलवास कलां।