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Hisar News: तालाब को वेटलैंड के रूप में विकसित करने की तैयारी
Sun, 26 Jul 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 26 Jul 2026 12:17 AM IST
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हांसी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के महानिदेशक एवं राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रभजोत सिंह ने शनिवार को उपमंडल के गांव पुट्ठी मंगल खां का दौरा कर गांव के तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब को संभावित वेटलैंड (आर्द्रभूमि) के रूप में विकसित किए जाने की संभावनाओं का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों से स्थल की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के बारे में जानकारी ली।
दौरे के दौरान गांव निवासी अनिल सैनी ने महानिदेशक प्रभजोत सिंह के समक्ष गांव के तालाब को वेटलैंड क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि यह तालाब पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जैव विविधता के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आग्रह किया कि तालाब को वेटलैंड का दर्जा देकर इसके संरक्षण एवं विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
महानिदेशक प्रभजोत सिंह ने मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जिला स्तरीय कमेटी को निर्देश दिए कि वह निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थल का विस्तृत सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट शीघ्र विभाग को प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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महानिदेशक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब के संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही वेटलैंड संबंधी सभी निर्धारित मानकों का गंभीरता से अध्ययन करते हुए समयबद्ध रिपोर्ट तैयार की जाए।
इस अवसर पर पर्यावरण विभाग से वैज्ञानिक प्रिंस, एसडीएम राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी संदीप भारद्वाज, जिला वन अधिकारी रोहतास बिरथल, बीडीपीओ अशोक कुमार, सरपंच सुरेंद्र कुमार, ग्राम सचिव मोनिका, पटवारी वरुण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
वेटलैंड के यह होते हैं फायदे
वेटलैंड न केवल जल संरक्षण और भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि यह प्रवासी पक्षियों, जलीय जीवों व अन्य वन्य जीवों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास भी उपलब्ध कराते हैं। ऐसे प्राकृतिक स्थलों का संरक्षण भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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दौरे के दौरान गांव निवासी अनिल सैनी ने महानिदेशक प्रभजोत सिंह के समक्ष गांव के तालाब को वेटलैंड क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि यह तालाब पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जैव विविधता के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आग्रह किया कि तालाब को वेटलैंड का दर्जा देकर इसके संरक्षण एवं विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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महानिदेशक प्रभजोत सिंह ने मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जिला स्तरीय कमेटी को निर्देश दिए कि वह निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थल का विस्तृत सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट शीघ्र विभाग को प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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महानिदेशक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब के संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही वेटलैंड संबंधी सभी निर्धारित मानकों का गंभीरता से अध्ययन करते हुए समयबद्ध रिपोर्ट तैयार की जाए।
इस अवसर पर पर्यावरण विभाग से वैज्ञानिक प्रिंस, एसडीएम राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी संदीप भारद्वाज, जिला वन अधिकारी रोहतास बिरथल, बीडीपीओ अशोक कुमार, सरपंच सुरेंद्र कुमार, ग्राम सचिव मोनिका, पटवारी वरुण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
वेटलैंड के यह होते हैं फायदे
वेटलैंड न केवल जल संरक्षण और भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि यह प्रवासी पक्षियों, जलीय जीवों व अन्य वन्य जीवों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास भी उपलब्ध कराते हैं। ऐसे प्राकृतिक स्थलों का संरक्षण भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।