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Hisar News: केसरिया बालम पधारो म्हारे देश...
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:52 AM IST
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कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देते कलाकार। स्रोत : आयोजक
- फोटो : 1
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सिवानी मंडी। गांव बड़वा में शनिवार रात शिव गोरख सेवा समिति के तत्वावधान में डफ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान और आसपास के गांवों की टीमों ने डफ, चंग और बांसुरी की मधुर तानों से उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रतियोगिता में राजस्थान की चंगौई टीम ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि बाय की टीम दूसरे स्थान पर रही। राजस्थानी कलाकारों ने देखण चालो ए गांम में नई बिनणी आई ए और केसरिया बालम पधारो म्हारे देश जैसे गीतों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पार्षद मुकेश डालमियां और सरपंच प्रतिनिधि धोलूराम धतरवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। निर्णायक की भूमिका में मा. महेंद्र गहलोत, मा. कृष्ण बसौड़ और दीपू जांगड़ा रहे। मुकेश डालमियां ने कहा कि बड़वा न केवल धर्म नगरी के रूप में जाना जाता है, बल्कि यह राजस्थानी संस्कृति के संरक्षण में भी अहम योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का आयोजन हर साल होली से पूर्व उत्साह बढ़ाने वाला अनुभव होता है।
युवा उद्योगपति अमित लोहिया ने कहा कि बड़वा गांव ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी पुरानी सभ्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखता है। उन्होंने आयोजनकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझ सके और उसका अनुभव कर सके। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन रमेश वर्मा, अशोक सिंह, नत्थूराम नौखवाल, विरेंद्र, जय सिंह छापौला, आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पार्षद मुकेश डालमियां और सरपंच प्रतिनिधि धोलूराम धतरवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। निर्णायक की भूमिका में मा. महेंद्र गहलोत, मा. कृष्ण बसौड़ और दीपू जांगड़ा रहे। मुकेश डालमियां ने कहा कि बड़वा न केवल धर्म नगरी के रूप में जाना जाता है, बल्कि यह राजस्थानी संस्कृति के संरक्षण में भी अहम योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का आयोजन हर साल होली से पूर्व उत्साह बढ़ाने वाला अनुभव होता है।
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युवा उद्योगपति अमित लोहिया ने कहा कि बड़वा गांव ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी पुरानी सभ्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखता है। उन्होंने आयोजनकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझ सके और उसका अनुभव कर सके। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन रमेश वर्मा, अशोक सिंह, नत्थूराम नौखवाल, विरेंद्र, जय सिंह छापौला, आदि मौजूद रहे।