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Hisar News: घर से पंचायत चला रहे सरपंच, ग्रामीणों पंचों को विकास कार्यों की जानकारी नहीं
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नारनौंद बीडीपीओ कार्यालय में बीडीपीओ से बातचीत करते राखी शाहपुर के ग्रामीण। स्रोत संवाद
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नारनौंद। सरपंच बिना किसी एजेंडा के पंचायत की कार्रवाई अपने घर पर लिखवा देते हैं और ग्राम सभा की बैठकें नियमित रूप से नहीं बुलाई जातीं। पंचायत के विकास कार्यों की जानकारी भी पंचों और ग्रामीणों को नहीं दी जाती। यह आरोप गांव राखी शाहपुर के ग्रामीणों ने सोमवार को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए लगाए।
ग्रामीणों ने पंचायत में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बीडीपीओ सत्यवान बूरा से मुलाकात कर 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। बीडीपीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अविश्वास प्रस्ताव और फंड उपयोग से जुड़े मामलों की जांच की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिन में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह बीडीपीओ कार्यालय के अंदर धरना शुरू करेंगे।
जयवीर, सुखवीर, रामदिया, महा सिंह, संदीप आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के 14 में से 11 पंचों ने सरपंच मनीष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था लेकिन बीडीपीओ की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 15वें वित्त आयोग (एफएफसी) के तहत मिलने वाले फंड का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है।
इस दौरान जयवीर, सुखवीर, रामदिया, महा सिंह, संदीप, अजमेर ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत काटे जा रहे 100-100 गज के प्लाॅटों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका आरोप है कि सूची में कई एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं जबकि जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल रहा और कुछ मामलों में पैसे भी मांगे जा रहे हैं। उन्होंने खेतों की तरफ जाने वाले रास्ते खोलने और खेड़ी-चौपटा रोड के साथ प्रस्तावित नाले के निर्माण को खेतों की ओर स्थानांतरित करने की भी मांग की। उनका कहना है कि नाले का पानी किसान सिंचाई में भी इस्तेमाल कर सकेंगे।
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ग्रामीणों ने पंचायत में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बीडीपीओ सत्यवान बूरा से मुलाकात कर 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। बीडीपीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अविश्वास प्रस्ताव और फंड उपयोग से जुड़े मामलों की जांच की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिन में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह बीडीपीओ कार्यालय के अंदर धरना शुरू करेंगे।
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जयवीर, सुखवीर, रामदिया, महा सिंह, संदीप आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के 14 में से 11 पंचों ने सरपंच मनीष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था लेकिन बीडीपीओ की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 15वें वित्त आयोग (एफएफसी) के तहत मिलने वाले फंड का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है।
इस दौरान जयवीर, सुखवीर, रामदिया, महा सिंह, संदीप, अजमेर ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत काटे जा रहे 100-100 गज के प्लाॅटों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका आरोप है कि सूची में कई एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं जबकि जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल रहा और कुछ मामलों में पैसे भी मांगे जा रहे हैं। उन्होंने खेतों की तरफ जाने वाले रास्ते खोलने और खेड़ी-चौपटा रोड के साथ प्रस्तावित नाले के निर्माण को खेतों की ओर स्थानांतरित करने की भी मांग की। उनका कहना है कि नाले का पानी किसान सिंचाई में भी इस्तेमाल कर सकेंगे।