Haryana: सीआईए स्टाफ बनकर बदमाशों ने कार सवार महिला से लूटे 8 लाख रुपये, बहादुरगढ़ में बदमाशों का आतंक
बहादुरगढ़ में उपमंडल की अदालत में फर्जी आधार कार्ड के जरिए जमानत लेने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर फर्जी जमानती के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी रोहतक के गांव भगवतीपुर का रहने वाला बलराज है।
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रोहतक से लौट रही एक महिला से खुद को पुलिस कर्मी बताने वाले बदमाशों द्वारा 8 लाख रुपये से भरा बैग छीनकर फरार होने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने थाना आसौदा में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सोनीपत के गांव फरमाणा निवासी सुमित्रा पत्नी स्वर्गीय बलतेज सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बेटे तरुण, भतीजे सुधीर तथा परिचित सुनील के साथ रोहतक आई हुई थी। उनके साथ एक परिचित मोक्ष भी वाहन में सवार था। सुमित्रा के अनुसार उन्होंने फरमाणा और रोहतक से नकदी एकत्र की थी।
शिकायत के मुताबिक रोहद (सांपला) टोल टैक्स पार करने के बाद उनकी गाड़ी सड़क किनारे रुकी हुई थी। इसी दौरान सामने खड़ी एक स्विफ्ट कार में सवार दो युवकों ने किसी बहाने से उन्हें बुलाया। तभी पीछे से एक सफेद महिंद्रा कार आकर रुकी, जिसमें तीन युवक सवार थे। आरोप है कि इन युवकों ने अपने आपको हरियाणा पुलिस के सीआईए स्टाफ का कर्मचारी बताया और जांच के नाम पर उनके साथ धक्का-मुक्की व बदसलूकी की।
महिला का आरोप है कि इसी दौरान सुधीर के हाथ में मौजूद नकदी से भरा बैग छीन लिया गया, जिसमें करीब 8 लाख रुपये थे। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने बताया कि सामने आने पर वह आरोपियों की पहचान कर सकती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फर्जी आधार कार्ड से जमानत लेने का प्रयास, मामला दर्ज
उपमंडल की अदालत में फर्जी आधार कार्ड के जरिए जमानत लेने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर फर्जी जमानती के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी रोहतक के गांव भगवतीपुर का रहने वाला बलराज है।
जानकारी के अनुसार वीरवार शाम को एक व्यक्ति बलराज पुत्र रामसिंह थाना बादली में दर्ज एफआईआर नंबर 41/2026 के आरोपी सक्षम पुत्र सुखपाल की जमानत कराने के लिए अदालत पहुंचा था। जमानत प्रक्रिया के दौरान सीआईएस रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि बलराज ने अलग-अलग आधार कार्डों का इस्तेमाल कर पूर्व में भी कई मामलों में जमानत ली हुई है।
अदालत के रीडर बलवंत सिंह ने इस संबंध में लिखित शिकायत न्यायिक मजिस्ट्रेट धीरज यादव के माध्यम से थाना सदर बहादुरगढ़ को भेजी। शिकायत के साथ संदिग्ध आधार कार्ड और सीआईएस रिकॉर्ड भी पुलिस को सौंपे गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम अदालत पहुंची और दस्तावेजों की जांच की। प्रारंभिक जांच में फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की पुष्टि होने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।