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Jhajjar-Bahadurgarh News: 30 दिन बाद भी वार्डबंदी काम धीमा, मैपिंग अधूरी, 10 दिन में देना था डेटा

Mon, 17 Aug 2026 05:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 17 Aug 2026 05:39 PM IST
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Even after 30 days, ward delimitation work remains slow and mapping incomplete; the data was due within 10 days.
संवाद न्यूज एजेंसी
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बहादुरगढ़। नगर परिषद बहादुरगढ़ में वार्डबंदी का काम धीमी गति से चल रहा है। नगर परिषद को 10 दिन के भीतर आवश्यक मैपिंग और जनसंख्या संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराने थे लेकिन करीब 30 दिन बीतने के बाद भी यह काम पूरा नहीं हो पाया है।
अभी तक केवल परिवार पहचान पत्र का डेटा लिया गया है। वार्डों के सीमांकन के लिए नक्शे के अनुसार क्षेत्रवार आंकड़ों की जरूरत है। परिवार पहचान पत्र के अनुसार, नगर परिषद क्षेत्र की आबादी करीब 2 लाख 20 हजार है। इसी जनसंख्या के आधार पर वार्डों का पुनर्गठन और सीमांकन किया जाना है। इसके लिए पहले नगर परिषद क्षेत्र की मैपिंग के साथ प्रत्येक क्षेत्र के आंकड़े जुटाए जाएंगे।
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इस बार बहादुरगढ़ नगर परिषद में वार्डों की संख्या 31 से बढ़ाकर 32 करने की तैयारी है। एक नए वार्ड के गठन से पुराने वार्डों की सीमाओं में भी बदलाव होना तय है। इसके लिए सही जनसंख्या आंकड़ों और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला ने बताया कि वार्डबंदी के आंकड़े लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की एक टीम इस प्रक्रिया में लगी हुई है।
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वार्डबंदी की प्रक्रिया के लिए एडहॉक समिति का गठन भी अभी तक नहीं हो पाया है। समिति में शामिल होने के इच्छुक कई पार्षद राजनीतिक आकाओं से संपर्क साध रहे हैं। पार्षद अपने क्षेत्र और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर समिति में जगह बनाना चाहते हैं। समिति के गठन के बाद ही वार्डबंदी के प्रस्ताव और सीमांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इंसेट
निर्धारित समय सीमा में चुनौती
वार्डबंदी का काम 30 दिसंबर तक पूरा किया जाना निर्धारित है। शुरुआती स्तर पर मैपिंग और आंकड़े जुटाने में देरी से आगे की प्रक्रिया पर असर पड़ेगा। यदि जल्द मैपिंग और आंकड़े उपलब्ध नहीं हुए तो निर्धारित समय सीमा में काम मुश्किल होगा। संजय रोहिल्ला ने कहा कि जल्द ही एडहॉक समिति का गठन कर प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
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