सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Fertilizer Adulteration Racket One in Every 20 Samples Fails in Punjab

खाद में मिलावट का खेल: पंजाब में हर 20 में एक सैंपल फेल, मिट्टी की उर्वरता और लोगों की सेहत पर बढ़ता खतरा

राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Fri, 24 Apr 2026 09:07 AM IST
विज्ञापन
सार

राज्य में खाद परीक्षण के लिए लुधियाना और फरीदकोट में प्रयोगशालाएं स्थापित हैं जिनकी वार्षिक क्षमता 3600 सैंपल जांचने की है। इसके बावजूद निगरानी बढ़ाकर इससे अधिक सैंपलों की जांच कराई गई।

Fertilizer Adulteration Racket One in Every 20 Samples Fails in Punjab
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

पंजाब में खाद में मिलावट का खेल लगातार जारी है और रबी सीजन के दौरान भी इसमें कमी नहीं आई। स्थिति यह है कि हर 20 में से एक सैंपल फेल हो रहा है। पहले के मुकाबले इसमें गिरावट के बजाय मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आए हैं।

Trending Videos


रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में खाद के 6800 सैंपलों की जांच की गई जिसमें से 330 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। सरकार ने इन मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए और 103 लाइसेंस निलंबित किए हैं। इसके अलावा चार एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने कार्रवाई तेज जरूर की है लेकिन इसके बावजूद मिलावटखोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। राज्य में खाद परीक्षण के लिए लुधियाना और फरीदकोट में प्रयोगशालाएं स्थापित हैं जिनकी वार्षिक क्षमता 3600 सैंपल जांचने की है। इसके बावजूद निगरानी बढ़ाकर इससे अधिक सैंपलों की जांच कराई गई।

उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत तय मानकों पर खरा न उतरने वाली खाद की बिक्री प्रतिबंधित है। नकली और घटिया खाद के मामलों में राज्य सरकारों को सख्त कार्रवाई का अधिकार है।

जांच के लिए पांच विशेष टीमें गठित

कृषि विभाग ने घटिया खाद पर रोक के लिए विशेष टीमें गठित कर उनकी संख्या पांच कर दी है। पिछले वर्ष अप्रैल और जून में अभियान चलाकर 737 सैंपल लिए गए जिनमें 11 सैंपल फेल पाए गए। इसके बाद दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। हाल ही में मलेरकोटला में अनधिकृत खाद और कीटनाशक भंडारण के मामले में एक फर्म के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार घटिया खाद मिट्टी और पानी को दूषित करती है और फसल की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। यह मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को कम करती है और कीट नियंत्रण भी प्रभावी नहीं रहता।

पीजीआई के प्रो. रविंद्र खैवाल के अनुसार मिलावटी खाद में अधिक रसायन और भारी धातुएं हो सकती हैं जो श्वसन रोग, गुर्दे की समस्या और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकती हैं। उन्होंने इस विषय पर विस्तृत अध्ययन की जरूरत बताई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed