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Jhajjar-Bahadurgarh News: रोहतक-दिल्ली की कनेक्टिविटी बंद, खरावड़ में प्रशासन ने कट पर पत्थर रखे
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06-खरावड़ में सड़क पर बंद किया गया कट। स्रोत : पार्टी
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रोहतक। खरावड़ हनुमान मंदिर के सामने प्रशासन ने कट पर पत्थर रख कनेक्टिविटी रोक दी है। बुधवार को कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने खरावड़ में सड़क पर बंद किए कट का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक फैसले पर आपत्ति व्यक्त की।कहा कि प्रशासन अतिक्रमण हटाकर परिवहन व्यवस्था सुचारू बनाए। यातायात पुलिस के जवान भी तैनात किए जाएं।
उपायुक्त को पत्र लिखकर उन्होंने कट खोलने, अतिक्रमण हटाने व ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस कट से प्रशासन को हादसे की आशंका थी तो यहां वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए था। रास्ता बंद करना व्यवस्था का हिस्सा नहीं है।
पिछले 12 वर्षों से यह कट लगातार उपयोग में रहा है। दिल्ली, सांपला और बहादुरगढ़ की ओर से आने वाले वाहन इसी कट से सीधे रोहतक की ओर मुड़ते रहे हैं। अब नई व्यवस्था में उन्हें झज्जर रोड की तरफ जाकर वापस आना पड़ता है। इससे हजारों वाहन चालकों को रोजाना अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि हादसों की असली वजह ग्रीन बेल्ट, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, सड़क का संकरा होना व तेज रफ्तार वाहन हैं, न कि कट का खुला होना। प्रशासन ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण मुक्त कराकर सड़क चौड़ी कर स्थायी समाधान निकालने का प्रयास करे।
प्रशासन के समक्ष रखीं पांच मांगें
कट से बैरिकेड तुरंत हटाकर रास्ता खोला जाए। मौके पर 24 घंटे ट्रैफिक पुलिस व पीसीअर तैनात की जाए। मंदिर, होटल व पास के ढाबे के पास 200 मीटर पहले स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। भारी वाहनों की स्पीड 30 व हल्के वाहनों की 40 किमी/घंटा स्पीड तय की जाए। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी व टीसीपी की संयुक्त बैठक बुलाकर स्थायी समाधान कराएं।
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उपायुक्त को पत्र लिखकर उन्होंने कट खोलने, अतिक्रमण हटाने व ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस कट से प्रशासन को हादसे की आशंका थी तो यहां वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए था। रास्ता बंद करना व्यवस्था का हिस्सा नहीं है।
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पिछले 12 वर्षों से यह कट लगातार उपयोग में रहा है। दिल्ली, सांपला और बहादुरगढ़ की ओर से आने वाले वाहन इसी कट से सीधे रोहतक की ओर मुड़ते रहे हैं। अब नई व्यवस्था में उन्हें झज्जर रोड की तरफ जाकर वापस आना पड़ता है। इससे हजारों वाहन चालकों को रोजाना अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि हादसों की असली वजह ग्रीन बेल्ट, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, सड़क का संकरा होना व तेज रफ्तार वाहन हैं, न कि कट का खुला होना। प्रशासन ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण मुक्त कराकर सड़क चौड़ी कर स्थायी समाधान निकालने का प्रयास करे।
प्रशासन के समक्ष रखीं पांच मांगें
कट से बैरिकेड तुरंत हटाकर रास्ता खोला जाए। मौके पर 24 घंटे ट्रैफिक पुलिस व पीसीअर तैनात की जाए। मंदिर, होटल व पास के ढाबे के पास 200 मीटर पहले स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। भारी वाहनों की स्पीड 30 व हल्के वाहनों की 40 किमी/घंटा स्पीड तय की जाए। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी व टीसीपी की संयुक्त बैठक बुलाकर स्थायी समाधान कराएं।