{"_id":"69c4381032e37cb1be071778","slug":"100-day-tb-testing-campaign-begins-target-is-90000-tests-jind-news-c-199-1-sroh1009-150550-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: टीबी जांच का 100 दिवसीय अभियान शुरू, 90 हजार जांच का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: टीबी जांच का 100 दिवसीय अभियान शुरू, 90 हजार जांच का लक्ष्य
विज्ञापन
25जेएनडी18: जिला क्षय रोग केंद्र। संवाद
विज्ञापन
जींद। जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए 100 दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। जिले में अभी 2100 एक्टिव मरीज हैं।
जिलेभर में संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए घर-घर जाकर जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के दौरान 100 दिनों में करीब 90 हजार लोगों की जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभाग के अनुसार एक लाख की आबादी पर 6,000 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच का मानक तय किया गया है ताकि छिपे हुए मरीजों को पहचान कर उनका उपचार शुरू किया जा सके।
वर्तमान में जिले में लगभग 2100 टीबी मरीज पंजीकृत हैं जिनका उपचार जारी है। अभियान के दौरान ऐसे मरीजों की पहचान पर विशेष जोर रहेगा जो अभी तक जांच से वंचित हैं या जिनमें टीबी के लक्षण होने के बावजूद इलाज नहीं चल रहा।
बाक्स
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के प्रसार को रोकना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। टीबी एक संक्रामक रोग है लेकिन समय पर जांच और नियमित दवा से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। यदि सभी लोग सहयोग करें और समय पर जांच कराएं, तो आगामी वर्ष तक जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
-- डॉ. वीसी राघव जिला क्षय रोग अधिकारी
Trending Videos
जिलेभर में संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए घर-घर जाकर जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के दौरान 100 दिनों में करीब 90 हजार लोगों की जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभाग के अनुसार एक लाख की आबादी पर 6,000 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच का मानक तय किया गया है ताकि छिपे हुए मरीजों को पहचान कर उनका उपचार शुरू किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्तमान में जिले में लगभग 2100 टीबी मरीज पंजीकृत हैं जिनका उपचार जारी है। अभियान के दौरान ऐसे मरीजों की पहचान पर विशेष जोर रहेगा जो अभी तक जांच से वंचित हैं या जिनमें टीबी के लक्षण होने के बावजूद इलाज नहीं चल रहा।
बाक्स
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के प्रसार को रोकना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। टीबी एक संक्रामक रोग है लेकिन समय पर जांच और नियमित दवा से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। यदि सभी लोग सहयोग करें और समय पर जांच कराएं, तो आगामी वर्ष तक जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।