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Jind News: एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जिले में लगाए जाएंगे 5000 पौधे
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27जेएनडी04: जींद में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मंगवाए गए पौधे। स्रोत: विभाग
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जींद। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जिले के पांचों शहरों में करीब 5000 पौधे लगाए जाएंगे। इस अभियान की शुरुआत सोमवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के 15 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जींद से की गई। यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया।
अधीक्षक अभियंता विक्रम सिंह मोर ने कहा कि सरकार और विभाग की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधरोपण और पौधों की देखभाल का कार्य सौंपा गया है। इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ सामाजिक कार्य से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह हमें ऑक्सीजन देने के साथ फल, फूल, जड़ी-बूटियां और लकड़ी भी प्रदान करते हैं। इसलिए पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करना भी जरूरी है। कार्यकारी अभियंता भानु प्रकाश शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों जल और पेड़-पौधों के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील होना चाहिए। प्रकृति का संरक्षण वास्तव में अपने जीवन का संरक्षण है। उन्होंने कहा कि हर परिवार का एक सदस्य यदि एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी ले तो पर्यावरण में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
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वर्जन
जींद में नीम, शीशम, जामुन, आम और अमरूद के 1200 पौधे लगाए जाएंगे। इसी प्रकार जुलाना में 3000, सफीदों में 250, उचाना में 250 और नरवाना में 252 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण का कार्य शुरू कर दिया गया है और अगले दो दिनों में निर्धारित स्थानों पर पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। पौधरोपण अभियान के तहत सर्कल कार्यालय, मंडल कार्यालय, उपमंडल कार्यालय और एसटीपी परिसरों को भी शामिल किया गया है। -रणधीर मताना, जिला सलाहकार जनस्वास्थ्य विभाग जींद।
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अधीक्षक अभियंता विक्रम सिंह मोर ने कहा कि सरकार और विभाग की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधरोपण और पौधों की देखभाल का कार्य सौंपा गया है। इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ सामाजिक कार्य से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह हमें ऑक्सीजन देने के साथ फल, फूल, जड़ी-बूटियां और लकड़ी भी प्रदान करते हैं। इसलिए पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करना भी जरूरी है। कार्यकारी अभियंता भानु प्रकाश शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों जल और पेड़-पौधों के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील होना चाहिए। प्रकृति का संरक्षण वास्तव में अपने जीवन का संरक्षण है। उन्होंने कहा कि हर परिवार का एक सदस्य यदि एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी ले तो पर्यावरण में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
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जींद में नीम, शीशम, जामुन, आम और अमरूद के 1200 पौधे लगाए जाएंगे। इसी प्रकार जुलाना में 3000, सफीदों में 250, उचाना में 250 और नरवाना में 252 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण का कार्य शुरू कर दिया गया है और अगले दो दिनों में निर्धारित स्थानों पर पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। पौधरोपण अभियान के तहत सर्कल कार्यालय, मंडल कार्यालय, उपमंडल कार्यालय और एसटीपी परिसरों को भी शामिल किया गया है। -रणधीर मताना, जिला सलाहकार जनस्वास्थ्य विभाग जींद।