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Jind News: सीआरएसयू के मनोविज्ञान विभाग ने लगाया काउंसलिंग कैंप
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02जेएनडी18: सीआरएसयू में एक दिवसीय काउंसलिंग कैंप में मौजूद स्टाफ सदस्य और अन्य। स्रोत विवि
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जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग ने एक दिवसीय काउंसलिंग कैंप का आयोजन हुआ। शिविर में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने उत्साह दिखाया। कैंप के दौरान 100 से अधिक प्रतिभागियों ने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त किया।
कुलसचिव प्रो. डॉ. सीमा गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कैंप विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और समस्याओं के सकारात्मक समाधान खोजने के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करते हैं। कुलसचिव ने चार विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित भी किया जिन्होंने अपना डिप्लोमा पूरा करने के दौरान ही नौकरियां प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
मनोविज्ञान विभाग की इंचार्ज डॉ. अल्का सेठ ने बताया कि विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को निखारने के लिए परिसर में कुल 13 काउंसलिंग डेस्क स्थापित किए गए थे। प्रत्येक डेस्क पर तीन-तीन प्रशिक्षित विद्यार्थियों के समूह ने प्रतिभागियों की समस्याओं को सुना और उन्हें मार्गदर्शन दिया।
विभाग के चेयरपर्सन डॉ. अजमेर सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इस कैंप के माध्यम से संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संकोच त्याग कर खुलकर बात करना ही समस्याओं का स्थायी समाधान है।
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कुलसचिव प्रो. डॉ. सीमा गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही बढ़ गया है।
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उन्होंने कहा कि ऐसे कैंप विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और समस्याओं के सकारात्मक समाधान खोजने के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करते हैं। कुलसचिव ने चार विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित भी किया जिन्होंने अपना डिप्लोमा पूरा करने के दौरान ही नौकरियां प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
मनोविज्ञान विभाग की इंचार्ज डॉ. अल्का सेठ ने बताया कि विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को निखारने के लिए परिसर में कुल 13 काउंसलिंग डेस्क स्थापित किए गए थे। प्रत्येक डेस्क पर तीन-तीन प्रशिक्षित विद्यार्थियों के समूह ने प्रतिभागियों की समस्याओं को सुना और उन्हें मार्गदर्शन दिया।
विभाग के चेयरपर्सन डॉ. अजमेर सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इस कैंप के माध्यम से संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संकोच त्याग कर खुलकर बात करना ही समस्याओं का स्थायी समाधान है।