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Jind News: एचपीवी वैक्सीन अभियान में आएगी तेजी, 10,619 किशोरियां चिन्हित
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02जेएनडी12: नागरिक अस्पताल में पीपीपी सेंटर जहां पर किशोरियों का टीकाकरण करवाया जा सकता है। संव
- फोटो : 1
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जींद। जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान को रफ्तार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 14 वर्ष आयु वर्ग की कुल 10,619 किशोरियों की पहचान की है जिन्हें वैक्सीन लगाई जानी है।
यह अभियान मार्च में शुरू किया गया था और अब तक 19 ही छात्राओं को वैक्सीन लग पाई है। अब अप्रैल में स्कूल खुलने के बाद टीकाकरण को गति मिलेगी। विभाग को अब उम्मीद है कि अभियान में तेजी आएगी और अधिक संख्या में किशोरियां वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आएंगी।
विभाग अब रणनीति में बदलाव कर स्कूलों के माध्यम से अभियान को गति देने जा रहा है। इसके लिए स्कूलों में जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संदीप मलिक और अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. विशाल सांगवान भी जागरूकता शिविरों में शामिल होंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्राओं को जागरूक किया जा सके।
शिविरों में छात्राओं और उनके अभिभावकों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव और एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विभाग की योजना है कि स्कूलों में आने वाले अभिभावकों को जागरूक कर किशोरियों को नजदीकी सीएचसी और पीएचसी तक लाया जाए ताकि टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम पंचायतों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
कुछ जगहों पर विरोध, जागरूकता पर जोर
अभियान के बीच कुछ ग्राम पंचायतों की ओर से 14 वर्षीय किशोरियों को वैक्सीन लगाने के प्रस्ताव का विरोध भी कई स्थानों पर हुआ। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अब शंकाओं को दूर करने और सही जानकारी पहुंचाने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
वर्जन
सरकारी अस्पतालों में टीका (एचपीवी वैक्सीन) निशुल्क लगाया जा रहा है। निजी अस्पतालों में टीका चार से सात हजार रुपये तक लग रहा है है। अभिभावक भ्रांतियों से बचें और अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाएं। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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यह अभियान मार्च में शुरू किया गया था और अब तक 19 ही छात्राओं को वैक्सीन लग पाई है। अब अप्रैल में स्कूल खुलने के बाद टीकाकरण को गति मिलेगी। विभाग को अब उम्मीद है कि अभियान में तेजी आएगी और अधिक संख्या में किशोरियां वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आएंगी।
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विभाग अब रणनीति में बदलाव कर स्कूलों के माध्यम से अभियान को गति देने जा रहा है। इसके लिए स्कूलों में जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संदीप मलिक और अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. विशाल सांगवान भी जागरूकता शिविरों में शामिल होंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्राओं को जागरूक किया जा सके।
शिविरों में छात्राओं और उनके अभिभावकों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव और एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विभाग की योजना है कि स्कूलों में आने वाले अभिभावकों को जागरूक कर किशोरियों को नजदीकी सीएचसी और पीएचसी तक लाया जाए ताकि टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम पंचायतों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
कुछ जगहों पर विरोध, जागरूकता पर जोर
अभियान के बीच कुछ ग्राम पंचायतों की ओर से 14 वर्षीय किशोरियों को वैक्सीन लगाने के प्रस्ताव का विरोध भी कई स्थानों पर हुआ। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अब शंकाओं को दूर करने और सही जानकारी पहुंचाने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
वर्जन
सरकारी अस्पतालों में टीका (एचपीवी वैक्सीन) निशुल्क लगाया जा रहा है। निजी अस्पतालों में टीका चार से सात हजार रुपये तक लग रहा है है। अभिभावक भ्रांतियों से बचें और अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाएं। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।