{"_id":"6a3c211a881bcb044809afc1","slug":"majra-khap-welcomes-auto-mutation-system-and-paperless-registry-20-jind-news-c-199-1-sroh1009-155621-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 का माजरा खाप ने किया स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 का माजरा खाप ने किया स्वागत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जींद। सीएम के तहसीलों में ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 लागू करने के फैसले का खाप पंचायत ने बुधवार को स्वागत किया। अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल भी स्वतः दर्ज हो जाएगा। इससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
प्रेस प्रवक्ता समुंद्र सिंह ने कहा कि इस निर्णय से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने सरकार और उपायुक्त से अनुरोध किया कि भूमि पार्टीशन के जो मामले लंबे समय से राजस्व अदालतों में लंबित हैं, उनके निपटारे के लिए छह माह की समय सीमा निर्धारित की जाए। इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनी रहती है। यदि विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है तो इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके कारण गांवों में भाई-भाई के बीच विवाद बढ़ रहे हैं।
शहरों के नजदीक स्थित गांवों में जब कोई एक भाई अपनी जमीन बेचता है या सरकार उसका अधिग्रहण करती है, तो उसका मुआवजा खातों में सभी हिस्सेदारों के बीच बंट जाता है, जबकि वह जमीन आपसी भाईचारे में किसी एक के हिस्से में दी गई होती है। इससे अन्य भाइयों में भी लालच पैदा होता है और विवाद बढ़ते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि सभी तहसीलों में आदेश जारी किए जाएं कि भूमि पार्टीशन मामलों का निर्णय निर्धारित समय सीमा में किया जाए। जींद तहसील में इन मामलों के निपटारे की गति बहुत धीमी है।
प्रेस प्रवक्ता समुंद्र सिंह ने कहा कि इस निर्णय से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने सरकार और उपायुक्त से अनुरोध किया कि भूमि पार्टीशन के जो मामले लंबे समय से राजस्व अदालतों में लंबित हैं, उनके निपटारे के लिए छह माह की समय सीमा निर्धारित की जाए। इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनी रहती है। यदि विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है तो इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके कारण गांवों में भाई-भाई के बीच विवाद बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहरों के नजदीक स्थित गांवों में जब कोई एक भाई अपनी जमीन बेचता है या सरकार उसका अधिग्रहण करती है, तो उसका मुआवजा खातों में सभी हिस्सेदारों के बीच बंट जाता है, जबकि वह जमीन आपसी भाईचारे में किसी एक के हिस्से में दी गई होती है। इससे अन्य भाइयों में भी लालच पैदा होता है और विवाद बढ़ते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि सभी तहसीलों में आदेश जारी किए जाएं कि भूमि पार्टीशन मामलों का निर्णय निर्धारित समय सीमा में किया जाए। जींद तहसील में इन मामलों के निपटारे की गति बहुत धीमी है।